सेफ हेवन डिमांड ने बढ़ाई सोने-चांदी की चमक, गोल्ड 0.75% उछला, सिल्वर में 3,000 रुपये की तेजी

खबर सार :-

भू-राजनीतिक तनाव, महंगाई की चिंता और कच्चे तेल की तेजी के बीच सोना-चांदी निवेशकों के सुरक्षित ठिकाने बने हुए हैं। एमसीएक्स पर सोना 0.75 प्रतिशत चढ़ा, जबकि चांदी करीब 3,000 रुपये उछली। केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और मजबूत निवेश मांग से भी कीमतों को सहारा मिला। विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया में तनाव कायम रहने पर कीमती धातुओं में आगे भी तेजी की संभावना बनी रह सकती है।
सेफ हेवन डिमांड से सोना-चांदी चमकेः गोल्ड 0.75 प्रतिशत और सिल्वर उछली

खबर विस्तार : -

Gold Silver Prices Surge Today: वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, महंगाई की बढ़ती चिंता और भू-राजनीतिक तनाव के बीच शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली। मुद्रा और बॉन्ड बाजारों में बढ़ती अस्थिरता ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर आकर्षित किया। इसका सीधा फायदा कीमती धातुओं को मिला। केंद्रीय बैंकों, खासकर चीन के केंद्रीय बैंक की लगातार खरीदारी और मजबूत निवेश मांग ने भी सोने-चांदी की कीमतों को सहारा दिया।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना पिछले बंद भाव 1,59,425 रुपये के मुकाबले 1,205 रुपये यानी 0.75 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,60,630 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। यही इसका दिन का शुरुआती उच्चतम स्तर भी रहा। कारोबार के दौरान सोने ने 1,59,601 रुपये का निचला स्तर छुआ। हालांकि बीच में हल्की मुनाफावसूली दिखी, लेकिन कीमतें मजबूती के साथ बनी रहीं। खबर लिखे जाने तक अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर्स 1,124 रुपये यानी 0.71 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,60,549 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। हालांकि सोना अभी अपने वार्षिक रिकॉर्ड उच्च स्तर 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे है।

चांदी ने भी दिखाई दमदार तेजी

सोने की तेजी के साथ चांदी में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी। एमसीएक्स पर सितंबर डिलीवरी वाली चांदी पिछले बंद भाव 2,43,243 रुपये से 1,745 रुपये यानी 0.71 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,44,988 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुली। कारोबार के दौरान चांदी 2,986 रुपये यानी 1.22 प्रतिशत उछलकर 2,46,229 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्चतम स्तर तक पहुंच गई। हालांकि एक समय यह 2,44,251 रुपये के निचले स्तर तक भी आई। खबर लिखे जाने तक चांदी 2,054 रुपये यानी 0.84 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,45,562 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। हालांकि चांदी भी अपने सालाना रिकॉर्ड स्तर 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम से काफी नीचे बनी हुई है। इसके बावजूद मौजूदा तेजी ने निवेशकों का ध्यान एक बार फिर कीमती धातुओं की ओर खींचा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चमकी पीली धातु

वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी में तेजी का रुख देखने को मिला। कॉमेक्स पर सोना 4,577 डॉलर प्रति औंस पर खुला और कारोबार के दौरान 4,604.40 डॉलर प्रति औंस के उच्च स्तर तक पहुंचा। खबर लिखे जाने तक यह 40.60 डॉलर यानी 0.89 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,612 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। इसी तरह कॉमेक्स पर चांदी 68.29 डॉलर प्रति औंस पर खुली। कारोबार के दौरान यह 0.96 डॉलर बढ़कर 69.25 डॉलर प्रति औंस के उच्च स्तर तक पहुंची। बाद में चांदी 0.77 डॉलर यानी 1.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 68.88 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती नजर आई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के 4,612 डॉलर और चांदी के करीब 69 डॉलर प्रति औंस के आसपास बने रहने से घरेलू बाजार में भी कीमती धातुओं को मजबूती मिली।

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ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध से बढ़ी चिंता

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिका की ओर से ईरान पर व्यापक प्रतिबंध लगाए जाने की तैयारियों ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ाई है। इससे ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है और वैश्विक महंगाई का दबाव बढ़ने का जोखिम भी पैदा हुआ है। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम वाली परिसंपत्तियों से दूरी बनाकर सुरक्षित निवेश विकल्पों की तरफ रुख करते हैं। सोना परंपरागत रूप से ऐसे समय में निवेशकों के लिए सुरक्षित ठिकाना माना जाता है। चांदी को भी इस माहौल में फायदा मिल रहा है। केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और निवेश मांग में मजबूती ने कीमतों को अतिरिक्त समर्थन दिया है।

महंगा कच्चा तेल भी बढ़ा रहा टेंशन

कच्चे तेल की कीमतें भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। ब्रेंट क्रूड करीब 93.82 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड लगभग 86.78 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। पिछले एक सप्ताह में ब्रेंट क्रूड 7 प्रतिशत से ज्यादा, जबकि डब्ल्यूटीआई 8 प्रतिशत से अधिक चढ़ चुका है। विश्लेषकों का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव और अमेरिका-ईरान विवाद को लेकर स्पष्ट समाधान नहीं होने से तेल आपूर्ति का जोखिम बना हुआ है। महंगा तेल वैश्विक महंगाई की चिंता को बढ़ा सकता है, जिससे निवेशक अपने पोर्टफोलियो में सोने जैसी सुरक्षित परिसंपत्तियों का हिस्सा बढ़ा सकते हैं।

आगे भी जारी रह सकती है चमक

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार जब तक पश्चिम एशिया में तनाव कायम रहता है और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता पूरी तरह खत्म नहीं होती, तब तक सोने और चांदी की मांग मजबूत रह सकती है। यदि कच्चा तेल लंबे समय तक महंगा रहता है और भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ते हैं, तो आने वाले दिनों में कीमती धातुओं की कीमतों में और तेजी की संभावना बनी रहेगी। हालांकि निवेशकों को यह भी ध्यान रखना होगा कि ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली के कारण कीमतों में बीच-बीच में उतार-चढ़ाव आ सकता है। इसलिए बाजार की दिशा तय करने में वैश्विक घटनाक्रम, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और तेल कीमतों की भूमिका अहम रहेगी।

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