भारत-न्यू साउथ वेल्स व्यापारिक संबंधों को मिलेगी नई मजबूती, महाराष्ट्र के साथ 90 दिन में व्यापार विस्तार समझौते का लक्ष्य

खबर सार :-

भारत और न्यू साउथ वेल्स के व्यापारिक संबंधों को और मजबूती मिलेगी। न्यू साउथ वेल्स-भारत के साथ खनन, वित्त, कृषि क्षेत्र में मजबूत मौजूदगी है और खनिज, शिक्षा, पर्यटन, प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में काफी संभावनाएं हैं।
भारत-न्यू साउथ वेल्स व्यापारिक संबंधों को मिलेगी नई ऊंचाई

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मुंबई: भारत और न्यू साउथ वेल्स के व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे। न्यू साउथ वेल्स के प्रीमियर क्रिस मिन्स ने भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच 7 अरब डॉलर से अधिक का द्विपक्षीय व्यापार सिर्फ संभावनाओं की शुरूआत है। न्यू साउथ वेल्स ऑस्ट्रेलिया का घनी आबादी वाला राज्य है। मुंबई में व्यापार प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के समापन पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रीमियर ने कहा कि भारत और न्यू साउथ वेल्स की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे की पूरक हैं। इससे व्यापार, निवेश तथा कारोबारी संपर्कों को और व्यापक बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि न्यू साउथ वेल्स की भारत के साथ खनन, वित्त और कृषि क्षेत्र में मजबूत मौजूदगी है, लेकिन महत्वपूर्ण खनिज, शिक्षा, पर्यटन और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में अभी काफी संभावनाएं हैं।

भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था

प्रीमियर ने कहा, “हम इस रिश्ते के आधे रास्ते में नहीं हैं, बल्कि अभी शुरुआत में हैं।” उन्होंने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बताते हुए कहा कि न्यू साउथ वेल्स किसी एक वस्तु या बाजार पर निर्भर नहीं रह सकता।
उन्होंने महाराष्ट्र के साथ संबंधों को भी महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) के पुनः हस्ताक्षर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, "दोनों राज्यों के बीच मुंबई-महाराष्ट्र और न्यू साउथ वेल्स-सिडनी के बीच द्विपक्षीय व्यापार विस्तार के लिए 90 दिनों के भीतर संयुक्त समझौता तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रीमियर ने कहा कि यह पहली बार है जब इस तरह की समयसीमा को एमओयू में शामिल किया गया है और न्यू साउथ वेल्स सरकार इसे गंभीरता से आगे बढ़ाएगी। उन्होंने बताया कि भारत की प्रमुख कंपनी टाटा सिडनी में बड़े स्तर पर विस्तार की संभावनाएं तलाश रही है।

भारत से ऑस्ट्रेलिया आने वाले पर्यटकों के लिए वीजा प्रक्रिया बने आसान 

न्यू साउथ वेल्स के प्रीमियर ने भारत से ऑस्ट्रेलिया आने वाले पर्यटकों के लिए वीजा प्रक्रिया को आसान बनाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र से जुड़े भारतीय कारोबारी और एयरलाइंस पिछले करीब 18 महीनों से वीजा नियमों को लेकर कठिनाइयों की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "भारत से हर साल करीब 1.8 लाख यात्राएं न्यू साउथ वेल्स आती हैं और पर्यटक राज्य में लगभग 80 लाख रातें बिताते हैं, जिससे अर्थव्यवस्था को करीब 60 करोड़ डॉलर सालाना का लाभ होता है। भारत से सिडनी के लिए यदि प्रतिदिन एक अतिरिक्त उड़ान शुरू होती है, तो सालाना करीब 30,000 से 40,000 अतिरिक्त पर्यटक आ सकते हैं और इससे लगभग 25 करोड़ डॉलर की अतिरिक्त आर्थिक गतिविधि पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि भारत से सीधी उड़ानों का विस्तार और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग आने वाले समय में उनकी प्राथमिकताओं में रहेगा।

न्यू साउथ वेल्स में बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग को बढ़ावा देने की कही बात 

प्रीमियर ने न्यू साउथ वेल्स में बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग को बढ़ावा देने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य का फिल्म उद्योग पहले से ही मजबूत है और बॉलीवुड के लिए न्यू साउथ वेल्स में शूटिंग की संभावनाएं बढ़ने से स्थानीय फिल्म अर्थव्यवस्था को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि भारतीय फिल्मों में ऑस्ट्रेलिया के खूबसूरत स्थानों को दिखाना पर्यटन के लिए भी प्रभावी प्रचार साबित हो सकता है। मुंबई यात्रा के दौरान उन्होंने प्रसिद्ध मुंबई डब्बावालों की कार्यप्रणाली देखने का भी उल्लेख किया और इसे शहर के अनूठे अनुभवों में से एक बताया। उन्होंने फिल्म 'द लंचबॉक्स' का भी जिक्र किया।

सिडनी विश्वविद्यालय-भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के बीच शोध आदान-प्रदान से गहरे होंगे संबंध 

न्यू साउथ वेल्स के ट्रेजरर यानी वित्त मंत्री डैनियल मूके ने भी प्रेस के सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों महत्वाकांक्षी हैं और दोनों देश एक-दूसरे के लिए भी महत्वाकांक्षी हैं। उन्होंने कहा कि करीब 1.4 अरब लोगों के भारतीय बाजार में ऑस्ट्रेलिया और न्यू साउथ वेल्स के लिए विशाल अवसर मौजूद हैं। उन्होंने विश्वविद्यालयों के बीच बढ़ते सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि सिडनी विश्वविद्यालय और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के बीच शोध आदान-प्रदान तथा परिसरों के विस्तार से दोनों देशों के संबंध और गहरे होंगे। उन्होंने कहा कि व्यापारिक रिश्तों के साथ-साथ शिक्षा, शोध, पर्यटन और कारोबारी संपर्क दोनों देशों के बीच “सॉफ्ट पावर” और आर्थिक ताकत को मजबूत करेंगे।

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