मध्य पूर्व संकट से कमोडिटी बाजार में हलचल, सोना-चांदी फिसले तो कच्चे तेल ने पकड़ी रफ्तार
खबर सार :-
मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक कमोडिटी बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी है। एमसीएक्स और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोना-चांदी दबाव में रहे, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भू-राजनीतिक संकट गहराता है तो आने वाले दिनों में कीमती धातुओं और ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव और तेज हो सकता है।
खबर विस्तार : -
US-Iran Tension Impact: मध्य पूर्व में तेजी से बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब वैश्विक कमोडिटी बाजारों पर साफ दिखाई देने लगा है। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव तेज होने के बाद निवेशकों की धारणा में बदलाव देखने को मिला, जिसका सीधा असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा। सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी में शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट दर्ज की गई, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में हालात और बिगड़ते हैं तो आने वाले दिनों में कमोडिटी बाजारों में अस्थिरता और बढ़ सकती है।
MCX पर सोने-चांदी का भाव
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर गुरुवार को सोने के 5 अगस्त 2026 के कॉन्ट्रैक्ट की शुरुआत हल्की कमजोरी के साथ हुई। पिछला बंद भाव 1,43,711 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जबकि बाजार खुलते ही यह 1,43,451 रुपये पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में बिकवाली का दबाव बढ़ने से सोने की कीमत और नीचे फिसल गई। सुबह 10 बजे तक सोना 490 रुपये यानी 0.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,43,221 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान सोने ने 1,43,101 रुपये का न्यूनतम स्तर और 1,43,511 रुपये का उच्चतम स्तर छुआ। यह दर्शाता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव लगातार बना हुआ है और निवेशक वैश्विक घटनाक्रम पर पैनी नजर रखे हुए हैं। विश्लेषकों के अनुसार, भू-राजनीतिक घटनाओं के साथ डॉलर की चाल और वैश्विक निवेशकों की रणनीति भी सोने की कीमतों को प्रभावित कर रही है।
सोने-चांदी की कीमतों में तेज गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी में भी कमजोरी देखने को मिली। एमसीएक्स पर 4 सितंबर 2026 के चांदी कॉन्ट्रैक्ट की शुरुआत 2,22,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर हुई, जबकि पिछला बंद भाव 2,23,437 रुपये था। यानी शुरुआती कारोबार में ही चांदी 1,437 रुपये टूट गई। सुबह 10 बजे तक चांदी 1,321 रुपये यानी 0.59 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,22,116 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। दिन के कारोबार में चांदी ने 2,21,502 रुपये का निचला स्तर और 2,22,761 रुपये का ऊपरी स्तर छुआ। इससे स्पष्ट है कि बाजार में बिकवाली का दबाव बना हुआ है और निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा। कॉमेक्स पर सोना करीब 0.26 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,071 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं चांदी 0.45 प्रतिशत टूटकर लगभग 58 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। वैश्विक स्तर पर यह गिरावट इस बात का संकेत है कि निवेशकों की प्राथमिकताएं फिलहाल बदल रही हैं और बाजार भू-राजनीतिक जोखिमों का नए सिरे से आकलन कर रहा है।
ईरान पर अमेरिकी हमले के बाद मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव
विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका द्वारा लगातार दूसरे दिन ईरान पर हवाई हमला किए जाने और उसके जवाब में ईरान द्वारा बहरीन तथा कुवैत जैसे देशों पर हमले की खबरों ने पूरे मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा दिया है। इस घटनाक्रम ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है। हालांकि आमतौर पर ऐसे समय में सोने को सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली और अन्य परिसंपत्तियों में पूंजी स्थानांतरण के कारण सोने और चांदी में कमजोरी देखने को मिली। दूसरी ओर, कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार तेजी दर्ज की गई। वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ करीब 79 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 75 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका ने कीमतों को ऊपर धकेला है। यदि मध्य पूर्व में संघर्ष लंबा खिंचता है तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार के साथ महंगाई और विभिन्न देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर भी पड़ सकता है।
एक्सपर्ट्स की रायः सतर्कता बरत रहे निवेशक
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर अमेरिका-ईरान संघर्ष, केंद्रीय बैंकों की नीतियों, डॉलर इंडेक्स और कच्चे तेल की चाल पर रहेगी। इन सभी कारकों के आधार पर सोने और चांदी की कीमतों में नई दिशा तय हो सकती है। फिलहाल कमोडिटी बाजार में सतर्कता का माहौल बना हुआ है और निवेशक हर नए घटनाक्रम का इंतजार कर रहे हैं।
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