US-IRAN टकराव से वैश्विक बाजारों में हलचल, सोने-चांदी में बिकवाली; कच्चे तेल की कीमतों ने भी पकड़ी रफ्तार
खबर सार :-
अमेरिका-ईरान तनाव ने एक बार फिर वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। जहां तेल की कीमतों में आपूर्ति संकट की आशंका से तेजी आई है, वहीं सोने और चांदी में मुनाफावसूली के कारण गिरावट दर्ज की गई। आगे बाजार की दिशा मध्य पूर्व के घटनाक्रम, कूटनीतिक प्रयासों और ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति पर निर्भर करेगी।
खबर विस्तार : -
Gold Silver Rate Today: अमेरिका की ओर से ईरान पर किए गए ताजा सैन्य हमलों और उसके बाद मध्य पूर्व में बढ़े तनाव ने वैश्विक वित्तीय और कमोडिटी बाजारों की दिशा बदल दी है। आमतौर पर भू-राजनीतिक संकट के समय सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) के रूप में सोने की मांग बढ़ती है, लेकिन इस बार निवेशकों की मुनाफावसूली और डॉलर में मजबूती के कारण सोने और चांदी दोनों में बिकवाली देखने को मिली। दूसरी ओर, तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया।
MCX पर सोनाः 5 अगस्त 2026 का वायदा भाव 1,45,200 रुपये प्रति 10 ग्राम
बुधवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का 5 अगस्त 2026 का वायदा अनुबंध पिछली क्लोजिंग 1,45,392 रुपये प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 192 रुपये की गिरावट के साथ 1,45,200 रुपये पर खुला। शुरुआती कारोबार में सुबह करीब 10 बजे तक यह 414 रुपये यानी 0.28 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,44,978 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। कारोबार के दौरान सोने ने 1,44,800 रुपये का निचला और 1,45,356 रुपये प्रति 10 ग्राम का ऊपरी स्तर छुआ।
वायदा अनुबंधः एमसीएक्स पर चांदी 2,30,015 रुपये प्रति किग्रा
चांदी में भी इसी तरह का रुख देखने को मिला। एमसीएक्स पर 4 सितंबर 2026 का चांदी वायदा अनुबंध पिछली क्लोजिंग 2,30,857 रुपये प्रति किलोग्राम के मुकाबले 842 रुपये की गिरावट के साथ 2,30,015 रुपये पर खुला। शुरुआती कारोबार में यह 1,552 रुपये यानी 0.67 प्रतिशत टूटकर 2,29,305 रुपये प्रति किलोग्राम तक आ गया। इसके साथ ही चांदी का भाव 2.30 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के अहम स्तर से नीचे फिसल गया।
अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजारों में भी दबाव
घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजारों में भी दबाव बना रहा। कॉमेक्स पर सोना करीब 0.43 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,139 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता देखा गया, जबकि चांदी लगभग 0.54 प्रतिशत कमजोर होकर 61 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि हालिया तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी, जिससे कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा। इस बार बाजार की सबसे बड़ी चिंता मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता है। अमेरिकी प्रशासन ने ईरान पर नए हमले किए हैं और ईरान के तेल निर्यात से जुड़े लाइसेंस भी रद्द कर दिए हैं। अमेरिकी सेना के अनुसार, यह कार्रवाई हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन तेल टैंकरों पर हुए हमलों के बाद की गई। इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में सैन्य तनाव को फिर से बढ़ा दिया है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर संभावित असर की आशंका गहरा गई है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव से प्रभावित होंगी तेल की कीमतें
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक समुद्री तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी प्रकार का सैन्य तनाव या आपूर्ति बाधित होने की आशंका सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों को प्रभावित करती है। यही कारण है कि निवेशकों ने ऊर्जा बाजार में तेजी से खरीदारी की। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 2.5 प्रतिशत से अधिक उछलकर 76 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 2.5 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी के साथ 72 डॉलर प्रति बैरल के पार कारोबार करता दिखा। यदि मध्य पूर्व में तनाव लंबे समय तक बना रहता है तो तेल की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है, जिसका असर वैश्विक महंगाई और विभिन्न देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ना तय माना जा रहा है।
एक्सपर्ट्स की रायः मध्य पूर्व में तनाब बढ़ा तो अस्थिरता बढ़ेगी
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर अमेरिका और ईरान के अगले कदम, मध्य पूर्व की सुरक्षा स्थिति, डॉलर इंडेक्स तथा वैश्विक केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर रहेगी। यदि तनाव और बढ़ता है तो बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है। वहीं, यदि कूटनीतिक समाधान की दिशा में प्रगति होती है तो कीमती धातुओं और ऊर्जा बाजार दोनों में उतार-चढ़ाव कम हो सकता है। फिलहाल वैश्विक निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और हर नए घटनाक्रम पर तेजी से प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
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