ITR-5 फाइल करने वालों के लिए बड़ी राहत! आयकर विभाग ने जारी की एक्सेल यूटिलिटी, अब आसान होगा रिटर्न दाखिल

खबर सार :-

असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ITR-5 की एक्सेल यूटिलिटी जारी होने से पार्टनरशिप फर्म, LLP, AOP, सहकारी समितियों और अन्य पात्र संस्थाओं के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करना आसान हो जाएगा। आयकर विभाग की चरणबद्ध डिजिटल पहल कर अनुपालन को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
ITR-5 फाइल करने वालों के लिए बड़ी राहत! आयकर विभाग ने जारी की एक्सेल यूटिलिटी, अब आसान होगा रिटर्न दाखिल

खबर विस्तार : -

Income Tax Return E-Filing Update: असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में आयकर विभाग ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विभाग ने बुधवार को आईटीआर-5 (ITR-5) फॉर्म की एक्सेल यूटिलिटी जारी कर दी है। यह यूटिलिटी अब आयकर विभाग के आधिकारिक ई-फाइलिंग पोर्टल पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध है। इसके जारी होने के साथ ही उन संस्थाओं और संगठनों को राहत मिली है, जिन्हें ITR-5 के माध्यम से अपना आयकर रिटर्न दाखिल करना होता है।

ITR-5 की एक्सेल यूटिलिटी ई-फाइलिंग पोर्टल पर उपलब्ध

आयकर विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इसकी जानकारी साझा करते हुए बताया कि असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ITR-5 की एक्सेल यूटिलिटी अब ई-फाइलिंग पोर्टल पर उपलब्ध है। करदाता इसे डाउनलोड कर आवश्यक जानकारी भर सकते हैं और रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी आयकर रिटर्न फॉर्म की एक्सेल यूटिलिटी करदाताओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। यह ऑफलाइन मोड में रिटर्न तैयार करने की सुविधा देती है, जिसके बाद तैयार फाइल को ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। एक्सेल यूटिलिटी उपलब्ध हुए बिना संबंधित फॉर्म के जरिए रिटर्न दाखिल करना संभव नहीं होता। ऐसे में ITR-5 की यूटिलिटी जारी होने से हजारों संस्थाओं को समय पर रिटर्न दाखिल करने में सुविधा मिलेगी।

ITR-5 Excel Utility-ITR-5 AY 2026-27- E-filing Portal

आईटीआर-5: एक विशेष श्रेणी का आयकर रिटर्न फॉर्म

आईटीआर-5 एक विशेष श्रेणी का आयकर रिटर्न फॉर्म है, जिसे व्यक्तिगत करदाता (Individual) या हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) द्वारा नहीं भरा जाता। यह फॉर्म विभिन्न प्रकार की संस्थाओं, संगठनों और व्यावसायिक इकाइयों के लिए निर्धारित किया गया है। इस फॉर्म के तहत पार्टनरशिप फर्म, लिमिटेड लाइबिलिटी पार्टनरशिप (LLP), एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स (AOP), बॉडी ऑफ इंडिविजुअल्स (BOI), आर्टिफिशियल ज्यूरिडिकल पर्सन (AJP), स्थानीय निकाय, सहकारी समितियां, सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 या राज्य के संबंधित कानूनों के तहत पंजीकृत सोसाइटियां, ऐसे ट्रस्ट जिन्हें ITR-7 दाखिल करने की आवश्यकता नहीं होती, मृतक या दिवालिया व्यक्ति की संपत्ति का प्रबंधन करने वाली संस्थाएं, आयकर अधिनियम की धारा 160(1)(iii) और 160(1)(iv) के तहत आने वाले प्रतिनिधि असेसी, बिजनेस ट्रस्ट और इन्वेस्टमेंट फंड अपना आयकर रिटर्न दाखिल करते हैं। हालांकि, यह फॉर्म व्यक्तिगत करदाताओं, हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) और कंपनियों के लिए लागू नहीं है। इन श्रेणियों के करदाताओं के लिए आयकर विभाग ने अलग-अलग ITR फॉर्म निर्धारित किए हैं।

चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही ई-फाइलिंग की प्रक्रिया

आयकर विभाग इस वर्ष ई-फाइलिंग की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ा रहा है। विभाग ने सबसे पहले 15 मई को ITR-1 और ITR-4 की एक्सेल यूटिलिटी जारी की थी। इसके बाद 27 मई को ITR-2 के लिए ऑनलाइन फाइलिंग की सुविधा शुरू की गई। वहीं 19 जून को ITR-3 के लिए ऑनलाइन फाइलिंग के साथ उसकी एक्सेल यूटिलिटी भी उपलब्ध करा दी गई। अब ITR-5 की एक्सेल यूटिलिटी जारी होने के बाद एक और महत्वपूर्ण श्रेणी के करदाताओं के लिए रिटर्न दाखिल करने का रास्ता साफ हो गया है। कर विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर यूटिलिटी उपलब्ध होने से संस्थागत करदाता बिना अंतिम समय की जल्दबाजी के अपने वित्तीय दस्तावेज तैयार कर सकेंगे। इससे रिटर्न दाखिल करने में होने वाली तकनीकी परेशानियां भी कम होंगी और समय पर अनुपालन सुनिश्चित होगा। आयकर विभाग लगातार डिजिटल सेवाओं का विस्तार कर रहा है ताकि करदाता घर बैठे आसानी से अपना रिटर्न दाखिल कर सकें। विभाग की ओर से विभिन्न ITR फॉर्म की यूटिलिटी और ऑनलाइन फाइलिंग सुविधाएं क्रमवार जारी किए जाने से करदाताओं को बेहतर अनुभव मिलने की उम्मीद है।

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