Sensex-Nifty की मजबूत ओपनिंग, डिफेंस शेयरों की खरीदारी से बाजार गुलजार
खबर सार :-
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत कर निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। डिफेंस, बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया, जबकि आईटी और एफएमसीजी में दबाव बना रहा। विदेशी निवेशकों की खरीदारी और कच्चे तेल की नरम कीमतें आगे भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
खबर विस्तार : -
Indian Stock Market Update: भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सकारात्मक शुरुआत करते हुए निवेशकों में उत्साह का माहौल बनाया। वैश्विक बाजारों से मिले मिलेजुले संकेतों के बावजूद घरेलू बाजार हरे निशान में खुले और शुरुआती कारोबार में डिफेंस सेक्टर के शेयरों ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। मजबूत खरीदारी के चलते प्रमुख सूचकांकों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई, जबकि बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, मेटल और फार्मा सेक्टर ने भी बाजार को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई। दूसरी ओर आईटी, एफएमसीजी और मीडिया शेयरों में हल्की बिकवाली देखने को मिली।
सेंसेक्स में 0.36 प्रतिशत की तेजी, निफ्टी में 76 अंकों की बढ़त
सोमवार सुबह 9:21 बजे बीएसई सेंसेक्स 280 अंक यानी 0.36 प्रतिशत की तेजी के साथ 78,044 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 भी 76 अंक यानी 0.32 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,348 अंक पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार से यह संकेत मिला कि निवेशकों का भरोसा अभी भी मजबूत बना हुआ है और चुनिंदा सेक्टरों में खरीदारी का रुझान जारी है।
सेक्टरवार शेयर बाजार की स्थिति
आज के कारोबार में सबसे अधिक चमक डिफेंस सेक्टर में देखने को मिली। निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स एक प्रतिशत से अधिक की मजबूती के साथ दिन का टॉप गेनर रहा। रक्षा क्षेत्र में लगातार मिल रहे सरकारी ऑर्डर, बढ़ते निर्यात और आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत रक्षा उत्पादन पर जोर के कारण निवेशकों का भरोसा इस सेक्टर में लगातार बढ़ रहा है। यही वजह रही कि डिफेंस कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। डिफेंस के अलावा निफ्टी सर्विसेज, प्राइवेट बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज, मेटल, इंडिया मैन्युफैक्चरिंग, फार्मा, हेल्थकेयर, पीएसई, रियल्टी, इन्फ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी इंडेक्स भी बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। इन सेक्टरों में निवेशकों की सक्रियता ने बाजार की तेजी को और मजबूती प्रदान की। हालांकि सभी सेक्टरों में तेजी नहीं रही। निफ्टी मीडिया, आईटी, ऑयल एंड गैस, पीएसयू बैंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और एफएमसीजी इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी शेयरों में कमजोरी और मुनाफावसूली के चलते आईटी शेयरों पर दबाव बना रहा। वहीं एफएमसीजी और ऑयल एंड गैस कंपनियों में भी सीमित बिकवाली देखने को मिली।
Midcap और Smallcap शेयरों में मिलाजुला रुख
व्यापक बाजार यानी मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मिलाजुला रुख रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 51 अंकों की बढ़त के साथ 62,241 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 22 अंक फिसलकर 19,152 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। इससे संकेत मिलता है कि निवेशक फिलहाल बड़े शेयरों के साथ-साथ चुनिंदा मिडकैप कंपनियों में भी निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं।
इन कंपनियों से शेयरों में दिखा उतार-चढ़ाव
सेंसेक्स की कंपनियों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (बीईएल), एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एचसीएल टेक, भारती एयरटेल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारतीय स्टेट बैंक, इटरनल, ट्रेंट, सन फार्मा और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर बढ़त में रहे। दूसरी ओर कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फिनसर्व, पावर ग्रिड, टीसीएस, आईटीसी, इंडिगो, अल्ट्राटेक सीमेंट, एशियन पेंट्स, एलएंडटी, एनटीपीसी, बजाज फाइनेंस और इन्फोसिस के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
एफआईआई (FII) की खरीदारी से बाजार को मिली मजबूती
वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। टोक्यो, सोल और जकार्ता के बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि शंघाई और हांगकांग के बाजारों में बढ़त दर्ज की गई। अमेरिका में राष्ट्रीय अवकाश के कारण शुक्रवार को शेयर बाजार बंद रहे, जिसका असर भी वैश्विक निवेश धारणा पर देखने को मिला। विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार के लिए सकारात्मक रहीं। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने शुक्रवार के कारोबार में 1,355.33 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की।
वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 1,953.89 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली दर्ज की। इसके बावजूद एफआईआई की खरीदारी ने बाजार की धारणा को मजबूत बनाए रखा। कमोडिटी बाजार में भी राहत के संकेत मिले। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड करीब आधा प्रतिशत गिरकर 71.74 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 68.45 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया। कच्चे तेल की कीमतों में कमजोरी भारत जैसे आयातक देश के लिए सकारात्मक मानी जाती है क्योंकि इससे महंगाई और आयात बिल पर दबाव कम हो सकता है।
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