Global बाजारों की चमक से शेयर बाजार में दमदार शुरुआत, Sensex 78 हजार के पार तो Nifty ने भरी तेज उड़ान

खबर सार :-

वैश्विक बाजारों की मजबूती, आईटी शेयरों में खरीदारी और घरेलू निवेशकों के मजबूत समर्थन से भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की है। हालांकि बाजार की आगे की दिशा कॉर्पोरेट नतीजों, विदेशी निवेश प्रवाह, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक संकेतों पर निर्भर करेगी। निवेशकों के लिए आने वाले कारोबारी सत्र बेहद महत्वपूर्ण रहने की संभावना है।
Global बाजारों की चमक से शेयर बाजार में दमदार शुरुआत, Sensex 78 हजार के पार तो Nifty ने भरी तेज उड़ान

खबर विस्तार : -

Indian stock market:  मजबूत वैश्विक संकेतों और आईटी शेयरों में तेज खरीदारी के दम पर शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने शानदार शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 650.22 अंकों यानी 0.84 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,152.34 पर खुला। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 भी 199.95 अंकों यानी 0.83 प्रतिशत की मजबूती के साथ 24,375.65 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत करने में सफल रहा। बाजार में शुरुआती तेजी से निवेशकों का उत्साह बढ़ा और अधिकांश सेक्टोरल सूचकांक हरे निशान में कारोबार करते दिखाई दिए।

निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब दो प्रतिशत की बढ़त

आज के शुरुआती कारोबार में आईटी सेक्टर ने बाजार की तेजी की अगुवाई की। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब दो प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे अधिक लाभ में रहा। वैश्विक टेक शेयरों में सकारात्मक संकेतों और बेहतर निवेश धारणा का असर घरेलू आईटी कंपनियों पर साफ दिखाई दिया। इसके अलावा निफ्टी मेटल, फार्मा, हेल्थकेयर, कमोडिटीज, रियल्टी, एफएमसीजी, मीडिया, इंडिया डिफेंस, सर्विसेज और फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स भी मजबूती के साथ कारोबार करते रहे। हालांकि निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी एनर्जी इंडेक्स हल्की कमजोरी के साथ लाल निशान में दिखाई दिए।

सेक्टरवार शेयरों की स्थिति

सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, टाटा स्टील, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), बजाज फिनसर्व, इन्फोसिस, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (बीईएल), भारती एयरटेल, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईसीआईसीआई बैंक, मारुति सुजुकी, एचडीएफसी बैंक, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी), इटरनल और बजाज फाइनेंस के शेयरों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। दूसरी ओर इंडिगो, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) और एनटीपीसी के शेयरों में हल्की गिरावट देखने को मिली।

Indian stock market-Sensex-Nifty

एशिया के अधिकांश प्रमुख शेयर बाजारों में तेजी का रुख

वैश्विक बाजारों का सकारात्मक माहौल भी भारतीय बाजार के लिए बड़ा सहारा बना। एशिया के अधिकांश प्रमुख शेयर बाजारों में तेजी का रुख देखने को मिला। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक, सोल और जकार्ता के बाजार हरे निशान में कारोबार करते रहे। वैश्विक निवेशकों का जोखिम लेने का रुझान बढ़ने से भारतीय बाजार को भी मजबूती मिली। हालांकि अमेरिकी शेयर बाजारों में गुरुवार को मिला-जुला रुख देखने को मिला। डाओ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 1.14 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ, जबकि टेक्नोलॉजी आधारित नैस्डैक इंडेक्स 0.80 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। इसके बावजूद भारतीय बाजार पर अमेरिकी बाजार की कमजोरी का अधिक असर नहीं पड़ा और घरेलू निवेशकों ने सकारात्मक संकेतों के आधार पर खरीदारी जारी रखी।

बाजार की मजबूती के पीछे का बड़ा कारण

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण कोरियाई बाजारों में कमजोरी और वैश्विक चिप कंपनियों के शेयरों में दबाव के बावजूद भारतीय शेयर बाजार अपेक्षाकृत मजबूत बना हुआ है। उनका कहना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली में कमी और घरेलू निवेशकों की लगातार खरीदारी ने बाजार को मजबूती प्रदान की है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि मौजूदा तेजी को लंबे समय तक टिके रहने के लिए मजबूत आर्थिक आंकड़ों, कॉर्पोरेट आय और वैश्विक स्थिरता का समर्थन जरूरी होगा।

एक्सपर्ट्स की रायः भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत

विशेषज्ञों के अनुसार कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है। ब्रेंट क्रूड के युद्ध-पूर्व स्तर के आसपास बने रहने से आयात लागत और महंगाई पर दबाव कम होने की संभावना है। इसका लाभ कंपनियों की लागत, सरकारी वित्तीय स्थिति और निवेशकों की धारणा पर भी पड़ सकता है। विदेशी निवेश प्रवाह के आंकड़े भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 311.82 करोड़ रुपये की इक्विटी की बिकवाली की। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 1,784.40 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिससे बाजार को मजबूत आधार मिला और विदेशी बिकवाली का असर काफी हद तक संतुलित हो गया।

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