ग्लोबल टेंशन का झटका! लाल निशान में खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा टूटा
खबर सार :-
वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, महंगा कच्चा तेल और कमजोर आईटी-बैंकिंग शेयरों ने बाजार की शुरुआत को दबाव में रखा है। फिलहाल निफ्टी के लिए 24,170 का स्तर अहम सपोर्ट और 24,540-24,666 क्षेत्र महत्वपूर्ण प्रतिरोध है। निवेशकों को अस्थिरता के बीच जल्दबाजी से बचकर मजबूत कंपनियों और बेहतर आय संभावनाओं वाले शेयरों पर नजर रखनी चाहिए।
खबर विस्तार : -
Stock Market Crashed: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव तथा कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने भारतीय शेयर बाजार की चाल पर दबाव बढ़ा दिया है। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को घरेलू बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में खुला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी भी कमजोर होकर कारोबार करता नजर आया। वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशकों की नजर अब ऊर्जा बाजार और भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर बनी हुई है।
निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप में कमजोरी
भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को कारोबार की शुरुआत में निफ्टी 50 करीब 22.55 अंक यानी 0.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,343.45 अंक पर खुला। वहीं बीएसई सेंसेक्स 100 अंक से अधिक टूटकर 77,892.92 के स्तर पर खुला। इसके बाद बिकवाली का दबाव बढ़ने से सेंसेक्स की गिरावट 300 अंक के पार पहुंच गई। बाजार में कमजोर शुरुआत के साथ निवेशकों में सतर्कता का माहौल देखने को मिला। व्यापक बाजारों की बात करें तो निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप सूचकांकों में भी कमजोरी रही। मिडकैप इंडेक्स करीब 0.36 प्रतिशत, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग 0.17 प्रतिशत नीचे रहा। इससे संकेत मिलता है कि शुरुआती कारोबार में केवल बड़ी कंपनियां ही नहीं, बल्कि व्यापक बाजार भी दबाव में रहा।
सेक्टरवार कारोबार की स्थिति
सेक्टरवार कारोबार में निफ्टी मिडस्मॉल फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स सबसे ज्यादा कमजोर रहा और करीब 0.98 प्रतिशत तक फिसला। निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी एफएमसीजी में भी लगभग 0.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। रियल्टी, सीमेंट, आईटी, ऊर्जा और निजी बैंकिंग शेयरों में भी बिकवाली का दबाव दिखाई दिया। हालांकि, बाजार में कुछ हिस्सों में खरीदारी ने गिरावट को सीमित करने की कोशिश की। निफ्टी केमिकल्स इंडेक्स करीब 0.48 प्रतिशत मजबूत रहा, जबकि निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर इंडेक्स लगभग 0.45 प्रतिशत की बढ़त में रहा। निफ्टी 50 के प्रमुख शेयरों में एचसीएलटेक, इंफोसिस, टीएमपीवी, टीसीएस, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज और विप्रो में सबसे ज्यादा कमजोरी देखी गई। इसके विपरीत एचडीएफसी लाइफ, हिंडाल्को, मैक्स हेल्थ, ओएनजीसी, आयशर मोटर्स और टाइटन बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।
सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, निकट अवधि में निफ्टी 24,000 से 24,600 अंक के दायरे में कारोबार कर सकता है। उनका मानना है कि जब तक बाजार को कोई नया सकारात्मक ट्रिगर नहीं मिलता, तब तक सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऊंचे कच्चे तेल के भाव और कमजोर वैश्विक संकेत बाजार की तेजी के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। विश्लेषकों के अनुसार, कच्चे तेल का भाव करीब 89 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। अमेरिका-ईरान तनाव के जल्द खत्म होने की स्पष्ट संभावना नहीं होने से तेल कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए महंगा कच्चा तेल आयात बिल, मुद्रास्फीति और कंपनियों की लागत पर असर डाल सकता है। यही वजह है कि निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बचते हुए सतर्क रणनीति अपना रहे हैं।
तकनीकी स्तर पर भी बाजार की दिशा महत्वपूर्ण
तकनीकी स्तरों पर भी बाजार की दिशा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पिछले सप्ताह 24,329 से 24,240 का स्तर निफ्टी के लिए मजबूत सपोर्ट साबित हुआ था और इस क्षेत्र में गिरावट थमती रही। हालांकि, बाजार की गति अभी कमजोर है। विशेषज्ञों के मुताबिक निफ्टी की तेजी को 24,540 से 24,666 के बीच मजबूत प्रतिरोध का सामना करना पड़ सकता है। यदि निफ्टी 24,170 के नीचे फिसलता है तो गिरावट बढ़कर 23,575 अंक तक पहुंचने की आशंका बन सकती है। दूसरी ओर, विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशक निफ्टी 50 से बाहर भी चुनिंदा अवसर तलाश सकते हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में स्टॉक-विशिष्ट गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं। पहली तिमाही के नतीजों के दौरान भी व्यापक बाजार में कई कंपनियों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। यदि कॉरपोरेट आय में सुधार की रफ्तार बनी रहती है, तो ऊंचे तेल भाव और वैश्विक तनाव जैसी बाहरी चुनौतियों के बावजूद घरेलू बाजार को सहारा मिल सकता है।
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