CSM Technologies IPO ने पहले ही दिन तोड़ी उम्मीदें, फ्लैट लिस्टिंग के बाद शेयर 5% टूटकर लोअर सर्किट पर

खबर सार :-

सीएसएम टेक्नोलॉजीज की फ्लैट लिस्टिंग और पहले दिन लोअर सर्किट लगना आईपीओ निवेशकों के लिए निराशाजनक रहा। हालांकि कंपनी के राजस्व, नेटवर्थ और परिचालन प्रदर्शन में सुधार के संकेत मिलते हैं, लेकिन कमजोर सब्सक्रिप्शन और बाजार की धारणा ने शुरुआत बिगाड़ दी। अब निवेशकों की नजर कंपनी के भविष्य के वित्तीय प्रदर्शन और शेयर की स्थिरता पर रहेगी।
CSM Technologies IPO ने पहले ही दिन तोड़ी उम्मीदें, फ्लैट लिस्टिंग के बाद शेयर 5% टूटकर लोअर सर्किट पर

खबर विस्तार : -

CSM Technologies IPO Listing: आईटी सॉल्यूशन प्रोवाइडर सीएसएम टेक्नोलॉजीज (CSM Technologies) के शेयरों ने शेयर बाजार में अपने पहले ही कारोबारी दिन निवेशकों को निराश कर दिया। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग न तो प्रीमियम पर हुई और न ही किसी तरह का शुरुआती उत्साह देखने को मिला। आईपीओ के तहत 113 रुपये प्रति शेयर के भाव पर जारी किए गए शेयर बीएसई और एनएसई पर ठीक इसी कीमत पर सूचीबद्ध हुए। हालांकि बाजार खुलने के कुछ ही समय बाद बिकवाली का दबाव बढ़ गया और शेयर 5 प्रतिशत गिरकर 107.35 रुपये के लोअर सर्किट स्तर पर पहुंच गया। इसके साथ ही आईपीओ में निवेश करने वाले निवेशकों को पहले ही दिन प्रति शेयर 5.65 रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।

कंपनी की फ्लैट लिस्टिंग: IPO को मिला कमजोर निवेशक समर्थन

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी की फ्लैट लिस्टिंग और उसके बाद आई तेज गिरावट का मुख्य कारण आईपीओ को मिला कमजोर निवेशक समर्थन रहा। 145.78 करोड़ रुपये का यह सार्वजनिक निर्गम 24 जून से 29 जून तक निवेश के लिए खुला था, लेकिन इसे अपेक्षा के अनुरूप प्रतिक्रिया नहीं मिली। पूरा आईपीओ केवल 1.37 गुना ही सब्सक्राइब हो पाया, जिससे बाजार में इसकी लिस्टिंग को लेकर पहले से ही सीमित उम्मीदें थीं। श्रेणीवार आंकड़ों पर नजर डालें तो क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का आरक्षित हिस्सा 1.02 गुना सब्सक्राइब हुआ। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) वर्ग में 1.54 गुना आवेदन प्राप्त हुए, जबकि रिटेल निवेशकों का हिस्सा 1.63 गुना और कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्सा 1.82 गुना सब्सक्राइब हुआ। ये आंकड़े बताते हैं कि आईपीओ में अत्यधिक मांग नहीं रही, जिसका असर लिस्टिंग प्रदर्शन पर साफ दिखाई दिया।

10 रुपये फेस वैल्यू वाले 1.29 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी

कंपनी ने इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 1.29 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए हैं। सार्वजनिक निर्गम से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी अपने पुराने कर्ज को कम करने, कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) की जरूरतों को पूरा करने और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। कंपनी का मानना है कि इससे भविष्य में कारोबार विस्तार और परिचालन क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। हालांकि शेयर की कमजोर शुरुआत के बावजूद कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में पिछले कुछ वर्षों के दौरान मिश्रित लेकिन सकारात्मक संकेत देखने को मिले हैं।

CSM Technologies-IPO Listing-Lower Circuit

राजस्व के मोर्चे पर कंपनी में लगातार वृद्धि दर्ज

सेबी के पास जमा ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी का शुद्ध लाभ 15.82 करोड़ रुपये था। अगले वित्त वर्ष 2023-24 में यह घटकर 12.55 करोड़ रुपये रह गया, लेकिन 2024-25 में दोबारा बढ़कर 14.09 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों (अप्रैल से दिसंबर 2025) में ही कंपनी 14.70 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित कर चुकी थी। राजस्व के मोर्चे पर कंपनी ने लगातार वृद्धि दर्ज की है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी का कुल राजस्व 161.50 करोड़ रुपये था, जो अगले वर्ष बढ़कर 198.65 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 200.63 करोड़ रुपये पहुंचा। वहीं 2025-26 के पहले नौ महीनों में ही कंपनी 167.05 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल कर चुकी थी, जो कारोबार में लगातार विस्तार का संकेत देता है।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में लगातार सुधार

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी लगातार सुधार देखने को मिला। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में यह 45.69 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में बढ़कर 55.88 करोड़ रुपये और 2024-25 में 73.21 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। दिसंबर 2025 तक यह आंकड़ा 56.29 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। नेटवर्थ में भी मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। 2022-23 में कंपनी का नेटवर्थ 50.31 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में बढ़कर 59.75 करोड़ रुपये और 2024-25 में 76.18 करोड़ रुपये हो गया। दिसंबर 2025 तक कंपनी का नेटवर्थ 88.88 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका था, जो इसकी बैलेंस शीट को मजबूत बनाता है।

EBITDA के आंकड़ों  में भी सुधार

ईबीआईटीडीए (EBITDA) के आंकड़े भी परिचालन प्रदर्शन में सुधार का संकेत देते हैं। वित्त वर्ष 2022-23 में यह 27.87 करोड़ रुपये था। 2023-24 में यह 23.71 करोड़ रुपये रहा, जबकि 2024-25 में बढ़कर 29.27 करोड़ रुपये हो गया। दिसंबर 2025 तक नौ महीनों में कंपनी का EBITDA 30.07 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। हालांकि कंपनी के वित्तीय आंकड़े दीर्घकालिक संभावनाओं की ओर इशारा करते हैं, लेकिन पहले दिन की कमजोर लिस्टिंग ने यह स्पष्ट कर दिया कि निवेशकों का भरोसा केवल वित्तीय प्रदर्शन पर नहीं, बल्कि मूल्यांकन, बाजार की धारणा और भविष्य की विकास संभावनाओं पर भी निर्भर करता है। आने वाले समय में कंपनी का प्रदर्शन ही तय करेगा कि यह शेयर शुरुआती नुकसान की भरपाई कर पाता है या नहीं।

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