Tata Motors का मेगा प्लान: 2030 तक 12 लाख कारों की बिक्री का लक्ष्य, 40,000 करोड़ रुपये लगाएगी कंपनी
खबर सार :-
टाटा मोटर्स ने पैसेंजर व्हीकल कारोबार को अगले स्तर पर ले जाने के लिए बड़ा लक्ष्य तय किया है। कंपनी 2030 तक 12 लाख से अधिक वाहनों की बिक्री, 20 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी और 1.4 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य लेकर चल रही है। 40,000 करोड़ रुपये का निवेश, नए मॉडल और ईवी विस्तार कंपनी की भविष्य की रणनीति के प्रमुख आधार होंगे।
खबर विस्तार : -
Tata motors 2030 Growth Plan : भारत की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों में शामिल टाटा मोटर्स ने अपने पैसेंजर व्हीकल कारोबार को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए बड़ा लक्ष्य तय किया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2030 तक हर साल 12 लाख से अधिक पैसेंजर वाहनों की बिक्री करने का रोडमैप तैयार किया है। इसके साथ ही कंपनी घरेलू पैसेंजर व्हीकल बाजार में अपनी हिस्सेदारी को बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाने की योजना पर काम कर रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना को पूरा करने के लिए टाटा मोटर्स अगले पांच वर्षों में करीब 40,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह निवेश नए उत्पादों के विकास, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) विस्तार और विनिर्माण क्षमता बढ़ाने में किया जाएगा।
2030 तक बिक्री 10 गुना बढ़ाने का लक्ष्य
कंपनी के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने बुधवार को आयोजित टाटा मोटर्स की 81वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में कंपनी की भविष्य की रणनीति साझा की। उन्होंने कहा कि कंपनी वित्त वर्ष 2020 से वित्त वर्ष 2030 के बीच पैसेंजर व्हीकल बिक्री में करीब 10 गुना वृद्धि हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। चंद्रशेखरन ने कहा कि अगले पांच वर्षों के लिए कंपनी ने एक बड़ा विजन तैयार किया है। कंपनी का लक्ष्य सालाना 12 लाख से अधिक वाहनों की बिक्री करना है। इसके अलावा मौजूदा करीब 14.2 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी को बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है। उन्होंने बताया कि टाटा मोटर्स भारतीय ऑटो बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत करने के लिए नए सेगमेंट में प्रवेश करने और मौजूदा मॉडलों को ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनाने पर जोर देगी।
छह नए मॉडल होंगे लॉन्च, 20 से ज्यादा कारों को मिलेगा अपडेट
टाटा मोटर्स अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को मजबूत करने के लिए अगले कुछ वर्षों में छह नए मॉडल लॉन्च करेगी। इसके अलावा कंपनी 20 से अधिक मौजूदा मॉडलों को अपडेट करने की तैयारी में है। कंपनी का फोकस ग्राहकों की बदलती जरूरतों के अनुसार आधुनिक डिजाइन, बेहतर तकनीक, सुरक्षा फीचर्स और ज्यादा ईंधन दक्षता वाले वाहनों को बाजार में उतारने पर रहेगा। ऑटो सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए टाटा मोटर्स नए मॉडल, बेहतर कनेक्टेड टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के जरिए अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।
ईवी बाजार में बढ़ेगी हिस्सेदारी
टाटा मोटर्स ने इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में पहले से मजबूत स्थिति बनाई हुई है। कंपनी का अनुमान है कि दशक के अंत तक उसकी कुल पैसेंजर व्हीकल बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत से अधिक हो जाएगी। कंपनी बैटरी टेक्नोलॉजी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और नए इलेक्ट्रिक मॉडल पर लगातार निवेश कर रही है। आने वाले वर्षों में ईवी सेगमेंट कंपनी की विकास रणनीति का प्रमुख हिस्सा रहेगा।
राजस्व 1.4 लाख करोड़ रुपये पहुंचाने का प्लान
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ शैलेश चंद्रा ने कंपनी के वित्तीय लक्ष्यों की जानकारी देते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2031 तक कंपनी 1.4 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य लेकर चल रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी डबल डिजिट ईबीआईटीडीए मार्जिन हासिल करने के साथ-साथ 5 प्रतिशत से अधिक ईबीआईटी मार्जिन प्राप्त करने की योजना बना रही है। इससे कंपनी का कर-पूर्व लाभ (PBT) मौजूदा स्तर से पांच गुना से अधिक बढ़ सकता है। कंपनी का लक्ष्य केवल बिक्री बढ़ाना नहीं है, बल्कि लाभप्रदता और नकदी प्रवाह को भी मजबूत करना है। इसके लिए टाटा मोटर्स वित्त वर्ष 2031 तक 10,000 करोड़ रुपये का फ्री कैश फ्लो हासिल करने की दिशा में काम करेगी।
निवेश से बढ़ेगी उत्पादन क्षमता
कंपनी की रणनीति के तहत 40,000 करोड़ रुपये का निवेश नए उत्पादों और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता के विस्तार में किया जाएगा। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ बाजार में नए वाहनों की उपलब्धता भी बेहतर होगी। टाटा मोटर्स का यह रोडमैप भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में बढ़ती मांग, इलेक्ट्रिक वाहनों की लोकप्रियता और प्रीमियम कार सेगमेंट में अवसरों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। अगर कंपनी अपने तय लक्ष्यों को हासिल करती है, तो वह भारत के पैसेंजर व्हीकल बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के साथ वैश्विक स्तर पर भी अपनी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत कर सकती है।
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