वैश्विक तनाव के बीच सोना-चांदी की चाल सुस्त, सीमित दायरे में कारोबार से निवेशकों की बढ़ी सतर्कता

खबर सार :-

वैश्विक अनिश्चितता और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बिकवाली के बीच शुक्रवार को सोना और चांदी सीमित दायरे में कारोबार करते रहे। सोने में हल्की मजबूती जबकि चांदी में कमजोरी देखने को मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव, डॉलर की चाल और वैश्विक आर्थिक संकेतक आगे की दिशा तय करेंगे। फिलहाल निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है।
वैश्विक तनाव के बीच सोना-चांदी की चाल सुस्त, सीमित दायरे में कारोबार से निवेशकों की बढ़ी सतर्कता

खबर विस्तार : -

Gold Silver Rate Today: वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जारी बिकवाली के बीच शुक्रवार को घरेलू वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों की शुरुआत लगभग सपाट रही। हालांकि शुरुआती कारोबार में सोने में हल्की मजबूती देखने को मिली, जबकि चांदी दबाव में कारोबार करती रही। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशक फिलहाल बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं और वैश्विक घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। यही वजह है कि दोनों कीमती धातुएं सीमित दायरे में कारोबार कर रही हैं।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर 5 अगस्त 2026 डिलीवरी वाला सोना पिछली क्लोजिंग 1,40,348 रुपये प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 338 रुपये की बढ़त के साथ 1,40,686 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। हालांकि शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद सुबह 9:30 बजे यह 52 रुपये यानी 0.04 प्रतिशत की मामूली तेजी के साथ 1,40,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखाई दिया।

सोने और चांदी के भाव

कारोबार के दौरान सोने ने 1,40,733 रुपये प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर और 1,40,375 रुपये प्रति 10 ग्राम का न्यूनतम स्तर दर्ज किया। यह संकेत देता है कि बाजार में फिलहाल बड़ी खरीदारी या बिकवाली का माहौल नहीं है और कीमतें सीमित दायरे में बनी हुई हैं। दूसरी ओर, चांदी में शुरुआत से ही कमजोरी का रुख देखने को मिला। एमसीएक्स पर 4 सितंबर 2026 डिलीवरी वाला चांदी का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,16,013 रुपये प्रति किलोग्राम के मुकाबले 745 रुपये की गिरावट के साथ 2,15,268 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुला। सुबह के कारोबार में यह 582 रुपये यानी 0.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,15,431 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान चांदी ने 2,15,233 रुपये प्रति किलोग्राम का न्यूनतम और 2,16,230 रुपये प्रति किलोग्राम का उच्चतम स्तर छुआ। इससे स्पष्ट है कि चांदी में भी सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, लेकिन दबाव का माहौल अभी भी कायम है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कीमती धातुओं पर बिकवाली का असर जारी है। कॉमेक्स पर सोना 0.02 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 3,991 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी 1.07 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 55 डॉलर प्रति औंस पर बनी हुई थी। विदेशी बाजारों में कमजोरी का सीधा असर घरेलू बाजार की धारणा पर भी देखने को मिल रहा है।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव

विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। हालांकि शुरुआती दौर में सुरक्षित निवेश के रूप में सोने और चांदी को समर्थन मिला था, लेकिन बाद में निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली और डॉलर की मजबूती के चलते दोनों धातुओं में तेज गिरावट देखने को मिली। यही कारण है कि पिछले कुछ सप्ताहों में सोना और चांदी दोनों में उल्लेखनीय कमजोरी दर्ज की गई है।

वैश्विक स्तर पर निवेशकों का रुझान, बरत रहे सतर्कता

आंकड़ों के अनुसार, डॉलर के आधार पर सोना पिछले तीन महीनों में 18 प्रतिशत से अधिक गिर चुका है। वहीं एक महीने में इसमें करीब 9 प्रतिशत और पिछले एक सप्ताह में लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट बताती है कि वैश्विक स्तर पर निवेशकों का रुझान फिलहाल सतर्क बना हुआ है। चांदी का प्रदर्शन भी इससे अलग नहीं रहा। बीते तीन महीनों में चांदी की कीमतों में 32 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। पिछले एक महीने में यह 21 प्रतिशत से ज्यादा फिसली है, जबकि बीते एक सप्ताह में इसमें करीब 8 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई है। औद्योगिक मांग में नरमी और निवेशकों की सतर्क रणनीति ने चांदी पर अतिरिक्त दबाव बनाया है।

एक्सपर्ट्स की रायः वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर नजर

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेतक, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति, डॉलर इंडेक्स की चाल और भू-राजनीतिक घटनाक्रम सोने-चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगे। जब तक इन मोर्चों पर स्पष्टता नहीं आती, तब तक दोनों धातुओं में सीमित दायरे का कारोबार जारी रहने की संभावना बनी हुई है।

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