SBI फंड्स मैनेजमेंट का मेगा IPO लॉन्च, निवेशकों में उत्साह; 21 जुलाई को शेयर बाजार में हो सकती है धमाकेदार एंट्री
खबर सार :-
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का आईपीओ मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, प्रतिष्ठित प्रमोटर्स और बड़े संस्थागत निवेशकों की भागीदारी के कारण बाजार में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। पहले दिन मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया निवेशकों के भरोसे को दर्शाती है। अब 16 जुलाई तक होने वाले सब्सक्रिप्शन, शेयर आवंटन और 21 जुलाई की संभावित लिस्टिंग पर बाजार की नजरें टिकी रहेंगी।
खबर विस्तार : -
SBI Funds Management IPO: देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का बहुप्रतीक्षित आईपीओ मंगलवार को निवेशकों के लिए खुल गया। 9,812.91 करोड़ रुपये के इस सार्वजनिक निर्गम को बाजार में अच्छी शुरुआत मिली और पहले दिन दोपहर 12:30 बजे तक यह करीब 22 प्रतिशत सब्सक्राइब हो चुका था। निवेशक इस आईपीओ में 16 जुलाई तक आवेदन कर सकेंगे। शेयरों का आवंटन 17 जुलाई को होने की संभावना है, जबकि सफल निवेशकों के डीमैट खातों में शेयर 20 जुलाई को क्रेडिट किए जाएंगे। कंपनी के शेयर 21 जुलाई को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध हो सकते हैं।
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और एमुंडी इंडिया का संयुक्त उपक्रम है। यह देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में शामिल है और म्यूचुअल फंड उद्योग में इसकी मजबूत मौजूदगी है। इसी वजह से इस आईपीओ को लेकर निवेशकों के बीच खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
आईपीओ के लिए प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय
कंपनी ने आईपीओ के लिए 545 रुपये से 574 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। आवेदन का न्यूनतम लॉट 26 शेयरों का रखा गया है। यानी किसी भी रिटेल निवेशक को कम से कम 14,924 रुपये का निवेश करना होगा। वहीं अधिकतम 13 लॉट यानी 338 शेयरों के लिए आवेदन किया जा सकता है, जिसके लिए लगभग 1,94,012 रुपये निवेश करने होंगे। कंपनी ने अपने कर्मचारियों और एसबीआई के कर्मचारियों को प्रति शेयर 54 रुपये की छूट देने का फैसला किया है। हालांकि एसबीआई के मौजूदा शेयरधारकों के लिए किसी प्रकार की विशेष छूट का प्रावधान नहीं रखा गया है। यह आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) आधारित है। यानी कंपनी इस इश्यू के जरिए कोई नया शेयर जारी नहीं कर रही है। कुल 17,09,56,631 इक्विटी शेयरों की बिक्री की जा रही है। इनमें से 12,83,34,397 शेयर एसबीआई बेच रहा है, जबकि 7,53,74,842 शेयर एमुंडी इंडिया होल्डिंग्स की ओर से ऑफर किए गए हैं। इससे जुटाई गई राशि कंपनी के बजाय मौजूदा प्रमोटर शेयरधारकों को मिलेगी।

निवेश में अलग-अलग कैटेगरी के आरक्षण
आईपीओ खुलने से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से 2,662.96 करोड़ रुपये जुटाकर मजबूत शुरुआत की। कुल 129 एंकर निवेशकों को 574 रुपये प्रति शेयर की दर से शेयर आवंटित किए गए। इनमें मॉर्गन स्टैनले, ब्लैकरॉक, गोल्डमैन सैक्स, अबूधाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, सिटीग्रुप और गवर्नमेंट ऑफ सिंगापुर जैसे वैश्विक संस्थागत निवेशक शामिल रहे। वहीं घरेलू स्तर पर एक्सिस म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी एएमसी, टाटा म्यूचुअल फंड और मोतीलाल ओसवाल एएमसी सहित 23 म्यूचुअल फंड हाउसों ने 70 विभिन्न स्कीमों के जरिए निवेश किया। इश्यू में विभिन्न निवेशक वर्गों के लिए अलग-अलग आरक्षण तय किया गया है। कुल इश्यू का 45.23 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए सुरक्षित रखा गया है। रिटेल निवेशकों के लिए 31.66 प्रतिशत, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) के लिए 13.57 प्रतिशत, कर्मचारियों के लिए 1.91 प्रतिशत और मौजूदा शेयरधारकों के लिए 7.64 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित है। इस आईपीओ के बुक रनिंग लीड मैनेजर के रूप में कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी लिमिटेड को नियुक्त किया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड रजिस्ट्रार की भूमिका निभा रही है।
कंपनी के फंड में लगातार बढ़ोतरी
वित्तीय प्रदर्शन के लिहाज से भी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लगातार मजबूत स्थिति में नजर आ रही है। सेबी के पास दाखिल डीआरएचपी के अनुसार वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का शुद्ध लाभ 2,072.79 करोड़ रुपये था। यह 2024-25 में बढ़कर 2,540.15 करोड़ रुपये और 2025-26 में 3,067.38 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। लगातार बढ़ता मुनाफा कंपनी की परिचालन क्षमता और मजबूत कारोबारी मॉडल को दर्शाता है। राजस्व के मोर्चे पर भी कंपनी ने उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। वित्त वर्ष 2023-24 में कुल राजस्व 3,426.08 करोड़ रुपये था, जो अगले वर्ष बढ़कर 4,236.15 करोड़ रुपये और 2025-26 में 4,976.11 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसी अवधि में रिजर्व एवं सरप्लस भी 182.02 करोड़ रुपये से बढ़कर 326.73 करोड़ रुपये हो गया, जो कंपनी की मजबूत बैलेंस शीट को दर्शाता है।
2025-26 में लगातार बढ़ता रहा कंपनी का EBITDA
हालांकि नेटवर्थ के मामले में पिछले वित्त वर्ष में कुछ गिरावट दर्ज की गई। 2023-24 में नेटवर्थ 6,747.45 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 8,297.53 करोड़ रुपये पहुंचा, लेकिन 2025-26 में घटकर 5,963.06 करोड़ रुपये रह गया। इसके बावजूद कंपनी का EBITDA लगातार बढ़ता रहा। यह 2023-24 में 2,718.82 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 3,412.94 करोड़ रुपये और 2025-26 में 4,058.44 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी का दर्जा, प्रतिष्ठित प्रमोटर्स का समर्थन और बड़े एंकर निवेशकों की भागीदारी इस आईपीओ को मौजूदा समय के सबसे चर्चित सार्वजनिक निर्गमों में शामिल कर रही है। अब निवेशकों की नजर सब्सक्रिप्शन के अंतिम आंकड़ों और 21 जुलाई को संभावित लिस्टिंग पर टिकी हुई है।
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