अमेरिका-ईरान तनाव का असर: सोना-चांदी में बड़ी बिकवाली, दोनों कीमती धातुओं के दाम 2% तक लुढ़के
खबर सार :-
अमेरिका-ईरान के बढ़ते तनाव ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिसका असर सोना और चांदी की कीमतों पर भी दिखाई दिया। मजबूत डॉलर और मुनाफावसूली के कारण दोनों कीमती धातुओं में गिरावट दर्ज की गई। यदि भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर की मजबूती जारी रहती है, तो निकट भविष्य में बुलियन बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
खबर विस्तार : -
Gold Silver Rate fall: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर सोमवार को कमोडिटी बाजार पर साफ दिखाई दिया। सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना और चांदी में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में करीब 2 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई। घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोना और चांदी दबाव में रहे। विशेषज्ञों का कहना है कि मजबूत होते डॉलर इंडेक्स और बढ़ती अनिश्चितता के बीच निवेशकों ने मुनाफासूली को प्राथमिकता दी, जिससे कीमतों पर दबाव बना।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर 5 अगस्त 2026 के सोना वायदा अनुबंध की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। यह पिछली क्लोजिंग 1,43,478 रुपये प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 845 रुपये या 0.58 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,42,633 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। आज सुबह 9:48 बजे तक सोने का भाव 1,414 रुपये या 0.99 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,42,064 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान सोने ने 1,41,557 रुपये प्रति 10 ग्राम का निचला स्तर छुआ, जबकि इसका उच्चतम स्तर 1,43,478 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा।
चांदी में भी तेज गिरावट, 4,000 रुपये से ज्यादा टूटा भाव
सोने की तरह चांदी में भी दबाव देखने को मिला। एमसीएक्स पर 4 सितंबर 2026 के चांदी वायदा अनुबंध की शुरुआत 2,22,664 रुपये प्रति किलोग्राम के पिछले बंद स्तर के मुकाबले 4,016 रुपये या 1.80 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,18,648 रुपये प्रति किलोग्राम पर हुई। खबर लिखे जाने तक चांदी 4,188 रुपये या 1.88 प्रतिशत टूटकर 2,18,476 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। दिन के कारोबार में चांदी ने 2,17,277 रुपये प्रति किलोग्राम का न्यूनतम स्तर दर्ज किया, जबकि उच्चतम स्तर 2,22,664 रुपये प्रति किलोग्राम रहा।
वैश्विक बाजारों में भी कमजोर पड़ा बुलियन
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। कॉमेक्स (COMEX) पर सोना करीब 1.27 प्रतिशत टूटकर 4,061 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं, चांदी में भी कमजोरी रही और इसके दाम लगभग 58 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर फिसल गए। वैश्विक बुलियन बाजार में आई इस गिरावट का असर सीधे भारतीय बाजार पर भी पड़ा, क्योंकि घरेलू कीमतें अंतरराष्ट्रीय रुझानों और डॉलर की चाल से प्रभावित होती हैं।
मजबूत डॉलर बना गिरावट की बड़ी वजह
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोना और चांदी में बिकवाली की सबसे बड़ी वजह डॉलर इंडेक्स का मजबूत होना है। अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच निवेशकों का रुझान अमेरिकी डॉलर की ओर बढ़ा, जिससे डॉलर इंडेक्स 100.90 के स्तर तक पहुंच गया। डॉलर इंडेक्स अमेरिकी मुद्रा की ताकत को छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं-यूरो, जापानी येन, पाउंड स्टर्लिंग, कैनेडियन डॉलर, स्वीडिश क्रोना और स्विस फ्रैंक—के मुकाबले मापता है। जब डॉलर मजबूत होता है, तब डॉलर में मूल्यांकित सोना और चांदी अन्य देशों के निवेशकों के लिए महंगे हो जाते हैं, जिससे मांग कमजोर पड़ती है और कीमतों में गिरावट आती है।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव से बाजार सतर्क
जानकारों का कहना है कि मध्य पूर्व में हालिया घटनाक्रम ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ा दी है। कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में अमेरिकी सेना द्वारा ईरान पर की गई ताजा सैन्य कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। इसके जवाब में ईरान भी आक्रामक रुख अपनाते हुए कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है। इन घटनाओं ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है और बाजार में तेज उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यदि भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ता है या डॉलर इंडेक्स में और मजबूती आती है, तो सोना और चांदी की कीमतों में अस्थिरता बनी रह सकती है। वहीं, निवेशकों की नजर अब अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक घटनाक्रम पर रहेगी।
अन्य प्रमुख खबरें
-
Gold-Silver Price: एक हफ्ते में इतने बढ़े सोने-चांदी के दाम
2026-10-10
-
मध्य पूर्व तनाव का असर: अंतरराष्ट्रीय रूट पर भी बढ़ेगा फ्यूल चार्ज
2026-10-08
-
कमजोर ग्लोबल संकेतों का असर, सेंसेक्स 492 अंक टूटा; निफ्टी भी फिसला
2026-10-08
-
₹10,000 करोड़ का SME Growth Fund, छोटे उद्योगों को मिलेगी नई उड़ान
2026-10-07
-
क्विक कॉमर्स की रफ्तार होगी और तेज, FY31 तक 90 अरब डॉलर का बाजार!
2026-10-07
-
अमेरिकी मसाला उद्योग की मांग, भारतीय मसालों पर टैरिफ छूट रहे कायम
2026-10-07
-
बजाज फाइनेंस FD पर बढ़ा ब्याज, सीनियर सिटिजन्स को 8.15% तक रिटर्न
2026-10-07
-
RBI का संदेश: अभी ब्याज दरों में कटौती नहीं, EMI पर बढ़ सकता है बोझ
2026-10-07
-
महंगाई का वार: RBI ने बढ़ाया रेपो रेट, कर्ज-EMI पर बढ़ेगा बोझ
2026-10-07
-
RBI MPC से पहले बाजार में भूचाल, सेंसेक्स 462 अंक फिसला
2026-10-07
-
अक्टूबर में 0.25 प्रतिशत तक ब्याज दर बढ़ने का अनुमान
2026-10-06
-
टाटा संस लिस्टिंग विवाद: ट्रस्टियों के बीच बढ़ी तकरार, समाधान पर नजर
2026-10-06
-
जीएसटी परिषद की बैठक की तारीख बदली, अब 8 अक्टूबर को होगा मंथन
2026-10-06
-
सर्विसेज सेक्टर ने पकड़ी रफ्तार, सितंबर में PMI तीन महीने के शिखर पर
2026-10-06
-
ग्लोबल संकेतों से चढ़ा बाजार, प्राइवेट बैंकों में जमकर खरीदारी
2026-10-06