ग्लोबल बाजारों की चमक से दौड़ा दलाल स्ट्रीट, सेंसेक्स 77 हजार के पार; आईटी-मेटल शेयरों ने भरी उड़ान
खबर सार :-
मजबूत वैश्विक संकेतों, घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी और आईटी-मेटल शेयरों में तेजी के दम पर भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन सकारात्मक शुरुआत की। हालांकि विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर आगे भी बाजार की नजर रहेगी, जो आने वाले दिनों में निवेशकों की रणनीति तय करेंगे।
खबर विस्तार : -
Stock Market Updates: वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों और घरेलू निवेशकों की सकारात्मक खरीदारी के दम पर भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन शानदार शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 77 हजार अंक के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर गया, जबकि निफ्टी भी 24,100 अंक के ऊपर मजबूती के साथ कारोबार करता नजर आया। बाजार में व्यापक खरीदारी देखने को मिली, जिससे बड़े शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स और एनएसई का निफ्टी-50 सूचकांक
सुबह करीब 9:29 बजे बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 683 अंक यानी 0.89 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,425 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं, एनएसई का निफ्टी-50 सूचकांक 205 अंक यानी 0.86 प्रतिशत मजबूत होकर 24,168 अंक पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में निवेशकों का भरोसा मजबूत दिखाई दिया और लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी का माहौल बना रहा।
बाजार में तेजी केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं
बाजार में तेजी केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही। व्यापक बाजार सूचकांकों ने भी दमदार प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 494 अंक यानी 0.80 प्रतिशत की बढ़त के साथ 62,648 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 197 अंक यानी 1.03 प्रतिशत चढ़कर 19,317 अंक पर पहुंच गया। इससे संकेत मिला कि निवेशकों की दिलचस्पी मिड और स्मॉलकैप शेयरों में भी बनी हुई है।
आईटी और मेटल कंपनियों के शेयरों ने बाजार की तेजी का किया नेतृत्व
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो शुरुआती कारोबार में आईटी और मेटल कंपनियों के शेयरों ने बाजार की तेजी का नेतृत्व किया। निफ्टी आईटी और निफ्टी मेटल इंडेक्स एक प्रतिशत से अधिक की मजबूती के साथ शीर्ष प्रदर्शन करने वाले सूचकांकों में शामिल रहे। इसके अलावा निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, ऑयल एंड गैस, प्राइवेट बैंक और कमोडिटीज सेक्टर में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। हालांकि फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर पर दबाव बना रहा और ये दोनों सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए।
सेंसेक्स में प्रमुख कंपनियों के शेयरों का हाल
सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में एशियन पेंट्स, आईसीआईसीआई बैंक, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), एचसीएल टेक, इंडिगो, एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति सुजुकी, टाटा स्टील, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) और अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की गई। दूसरी ओर भारती एयरटेल, इटरनल और सन फार्मा के शेयरों में हल्की गिरावट देखने को मिली।
एक्सपर्ट्स की राय
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के कारोबारी सत्रों में हुई गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी का अवसर देखा, जिससे बाजार को मजबूती मिली। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली में कमी आने और घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) की लगातार खरीदारी ने भी निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है। इसी सकारात्मक धारणा का असर शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में साफ दिखाई दिया। अंतरराष्ट्रीय बाजारों का रुख भी भारतीय बाजार के पक्ष में रहा। एशियाई शेयर बाजारों में टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक, सोल और जकार्ता के प्रमुख सूचकांक हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। वैश्विक निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता में सुधार और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से मिले सकारात्मक संकेतों ने एशियाई बाजारों को मजबूती प्रदान की।
अमेरिकी शेयर बाजार का सकारात्मक बंद और भारतीय बाजार
अमेरिकी शेयर बाजारों का सकारात्मक बंद होना भी भारतीय बाजार के लिए उत्साहवर्धक साबित हुआ। गुरुवार को अमेरिकी बाजारों में डाओ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 0.27 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि तकनीकी शेयरों से जुड़े नैस्डैक इंडेक्स में 1.30 प्रतिशत की उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई। टेक्नोलॉजी शेयरों में आई मजबूती का असर भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर भी दिखाई दिया। विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों के आंकड़े भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 532.86 करोड़ रुपये की इक्विटी की शुद्ध बिकवाली की। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 2,057.79 करोड़ रुपये का निवेश कर बाजार को मजबूत समर्थन दिया। यही कारण रहा कि विदेशी बिकवाली का असर सीमित रहा और बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहा।
विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक आर्थिक संकेत, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, कॉरपोरेट कंपनियों के तिमाही नतीजे और केंद्रीय बैंकों की नीतियां बाजार की दिशा तय करेंगी। यदि विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कम होती है तथा घरेलू निवेशकों की खरीदारी बनी रहती है तो भारतीय शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है।
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