मध्यपूर्व में बढ़ते तनाव का असर: सोना-चांदी के दाम फिसले, निवेशकों की बढ़ी चिंता
खबर सार :-
मध्यपूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिसका असर सोने और चांदी की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है। फिलहाल निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में भू-राजनीतिक हालात और वैश्विक आर्थिक संकेतक ही कीमती धातुओं की अगली दिशा तय करेंगे।
खबर विस्तार : -
Middle East Tension Impact: मध्यपूर्व में लगातार बढ़ रहे भू-राजनीतिक तनाव का असर शुक्रवार को घरेलू और वैश्विक सर्राफा बाजार पर साफ दिखाई दिया। सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में सोना करीब आधा प्रतिशत तक लुढ़क गया, जबकि चांदी में भी हल्की कमजोरी देखने को मिली। वैश्विक बाजारों में निवेशकों की सतर्कता और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने कीमती धातुओं की चाल को प्रभावित किया।
MCX पर कीमती धातुओं का वायदा अनुबंध
एमसीएक्स पर 5 अगस्त, 2026 डिलीवरी वाला सोने का वायदा अनुबंध पिछली क्लोजिंग 1,45,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 410 रुपये यानी 0.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,44,890 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। कारोबार बढ़ने के साथ बिकवाली का दबाव और तेज हो गया। सुबह करीब 10 बजे तक सोना 696 रुपये प्रति 10 ग्राम यानी 0.48 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,44,603 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता देखा गया। इससे संकेत मिला कि निवेशक फिलहाल वैश्विक घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।
सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई, हालांकि इसमें कमजोरी अपेक्षाकृत सीमित रही। एमसीएक्स पर 4 सितंबर, 2026 डिलीवरी वाला चांदी का वायदा अनुबंध पिछली क्लोजिंग 2,26,377 रुपये प्रति किलोग्राम के मुकाबले लगभग सपाट स्तर 2,26,368 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुला। खबर लिखे जाने तक इसमें 244 रुपये प्रति किलोग्राम यानी 0.11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 2,26,133 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। कॉमेक्स पर सोना 0.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,128 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। दूसरी ओर, चांदी 0.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ 60.86 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई। इससे संकेत मिलता है कि वैश्विक निवेशकों के बीच फिलहाल मिश्रित धारणा बनी हुई है और बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
भू-राजनीतिक तनाव के दौरान सोना सुरक्षित निवेश
विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव के दौरान सामान्य तौर पर सोने को सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन मौजूदा समय में डॉलर की मजबूती, वैश्विक निवेशकों की मुनाफावसूली और बाजार की अस्थिरता जैसे कारकों के कारण सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। यही वजह है कि तनावपूर्ण माहौल के बावजूद सोना शुरुआती कारोबार में कमजोरी के साथ कारोबार करता दिखाई दिया।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में आई तेजी
विदेशी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मध्यपूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। बताया गया है कि गुरुवार को अमेरिका द्वारा ईरान के दक्षिणी तटीय और पूर्वी क्षेत्रों पर किए गए हमलों के बाद ईरानी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई रणनीतिक ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। ईरानी मीडिया ने दक्षिणी ईरान के कई हिस्सों में विस्फोटों की भी जानकारी दी है। इनमें बुशहर, जहां देश का प्रमुख परमाणु संयंत्र स्थित है, के अलावा कोनारक, चोघादक और बंदर अब्बास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। इन घटनाओं ने पूरे मध्यपूर्व में तनाव को और बढ़ा दिया है, जिसका असर वैश्विक वित्तीय और कमोडिटी बाजारों पर भी दिखाई देने लगा है।
मध्यपूर्व में हालात बिगड़े, सैन्य कार्रवाई तेज
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में यदि मध्यपूर्व में हालात और बिगड़ते हैं या सैन्य कार्रवाई तेज होती है तो सोना और चांदी दोनों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। वहीं, यदि कूटनीतिक प्रयास सफल होते हैं और तनाव कम होता है तो बाजार में स्थिरता लौटने की संभावना भी बन सकती है। फिलहाल निवेशकों की निगाहें अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर टिकी हुई हैं, जो आने वाले समय में कीमती धातुओं की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
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