भारत-यूके एफटीए को पीयूष गोयल ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि, बोले- भारतीय पेशेवरों को मिलेगा बड़ा लाभ
खबर सार :-
पीयूष गोयल ने भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच होने वाले फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को देश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय निर्यात, सर्विस सेक्टर और विदेशों में काम कर रहे भारतीय प्रोफेशनल्स को काफी फ़ायदा होगा।
खबर विस्तार : -
नई दिल्लीः केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच लागू होने जा रहे मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को देश के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारतीय उद्योगों, निर्यातकों, सेवा क्षेत्र और विदेशों में काम करने वाले भारतीय पेशेवरों के लिए नए अवसर लेकर आएगा।
मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि 15 जुलाई से यूके को भारत से निर्यात किए जाने वाले अधिकांश उत्पादों पर शून्य आयात शुल्क लागू होगा। इससे भारतीय वस्तुएं ब्रिटिश बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगी और भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी।
भारतीय कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
गोयल ने कहा कि यह समझौता केवल वस्तुओं के व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवा क्षेत्र और निवेश के क्षेत्र में भी व्यापक संभावनाएं पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि भारत की युवा प्रतिभा और कुशल पेशेवरों को इससे विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। भारतीय आईटी, वित्त, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सेवा क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों के लिए यूके में नए अवसर खुल सकते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने भारतीय पेशेवरों के लिए सामाजिक सुरक्षा से जुड़े बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले यूके में दो से पांच वर्ष तक काम करने वाले कई भारतीय कर्मचारियों की आय का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा वहां की सोशल सिक्योरिटी व्यवस्था में योगदान के रूप में कट जाता था। हालांकि, कई मामलों में भारतीय कर्मचारियों को इस योगदान का सीधा लाभ नहीं मिल पाता था।
उन्होंने बताया कि भारत और यूके के बीच डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन एग्रीमेंट को अंतिम रूप दिया गया है, जो 15 जुलाई से प्रभावी होगा। इस समझौते के तहत यूके में पांच वर्ष तक काम करने वाले भारतीय कर्मचारियों को वहां सोशल सिक्योरिटी योगदान देने से राहत मिलेगी। इसके बजाय यह राशि भारत में उनके प्रोविडेंट फंड (पीएफ) खाते में जमा की जा सकेगी।
गोयल के अनुसार, पीएफ खाते में जमा होने वाली राशि पर 8.25 प्रतिशत ब्याज मिलेगा और यह कर-मुक्त रहेगी। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय कर्मचारियों को भविष्य के लिए बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और उनके परिवारों को भी इसका लाभ प्राप्त होगा। मंत्री ने इसे भारतीय श्रमिकों और पेशेवरों के हित में एक बड़ा कदम बताया।
आर्थिक रूप से मिलेगी मजबूती
भारत-यूके एफटीए को लेकर सरकार का कहना है कि इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी। भारतीय निर्यातकों को यूके के बड़े बाजार में अधिक अवसर मिलेंगे, जबकि निवेश के क्षेत्र में भी नए रास्ते खुलेंगे। कपड़ा, चमड़ा, इंजीनियरिंग उत्पाद, कृषि आधारित वस्तुओं और कई अन्य क्षेत्रों को इसका फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
इससे पहले पीयूष गोयल ने मुंबई में बंट समुदाय द्वारा स्थापित शशिकिरण शेट्टी एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में समुदाय के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना और उन्हें राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार करना बेहद महत्वपूर्ण कार्य है।
मंत्री ने विश्वास जताया कि इस संस्थान में पढ़ने वाले करीब 3,000 विद्यार्थी भविष्य में देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा, कौशल विकास और वैश्विक अवसरों का बेहतर उपयोग भारत को आर्थिक रूप से और मजबूत बनाने में मदद करेगा।
भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते को सरकार भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़े अवसर के रूप में देख रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि उद्योग और सेवा क्षेत्र इस समझौते का प्रभावी तरीके से उपयोग करते हैं, तो इससे भारत के निर्यात को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ रोजगार और निवेश के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
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