पश्चिम एशिया तनाव के बीच संभला शेयर बाजार, सेंसेक्स 130 अंक चढ़ा; निवेशकों ने दिखाई सतर्क खरीदारी
खबर सार :-
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार का कारोबार यह दर्शाता है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद निवेशकों का भरोसा कायम है। हालांकि कच्चे तेल की कीमतें और पश्चिम एशिया का तनाव अभी भी प्रमुख जोखिम बने हुए हैं। यदि भू-राजनीतिक हालात सामान्य होते हैं और तेल सस्ता होता है, तो घरेलू बाजार में व्यापक और टिकाऊ तेजी देखने को मिल सकती है।
खबर विस्तार : -
Indian Stock Market: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को मजबूती के साथ कारोबार समाप्त किया। दिनभर उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बावजूद निवेशकों की चुनिंदा खरीदारी से प्रमुख सूचकांक बढ़त दर्ज करने में सफल रहे। शुरुआती तेजी के बाद बाजार ने कुछ मुनाफावसूली भी देखी, लेकिन अंतिम घंटों में आई खरीदारी ने सेंसेक्स और निफ्टी को हरे निशान में बंद होने में मदद की। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल निवेशक वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए हैं और कच्चे तेल की कीमतों की दिशा आने वाले दिनों में बाजार की चाल तय करेगी।
सेंसेक्स और निफ्टी ने दर्ज की बढ़त
कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 130.49 अंक यानी 0.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,185.43 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी-50 26.45 अंक यानी 0.11 प्रतिशत मजबूत होकर 24,078.50 अंक पर पहुंच गया। कारोबार की शुरुआत भी सकारात्मक रही थी। सेंसेक्स 77,192.76 अंक पर खुला और एक समय 77,646.27 अंक के इंट्रा-डे हाई तक पहुंच गया। इसी तरह निफ्टी ने भी 24,220.35 अंक का दिन का उच्चतम स्तर छुआ, हालांकि बाद में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली।
व्यापक बाजार में भी दिखी मजबूती
केवल प्रमुख सूचकांक ही नहीं, बल्कि व्यापक बाजार में भी निवेशकों का भरोसा दिखाई दिया। निफ्टी मिडकैप-100 इंडेक्स में 0.28 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप-100 इंडेक्स में 0.67 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों की दिलचस्पी केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। विश्लेषकों के अनुसार, मजबूत घरेलू आर्थिक संकेतक और लंबी अवधि की विकास संभावनाएं निवेशकों का भरोसा बनाए हुए हैं।
पीएसयू बैंक और ऑयल-गैस शेयरों में रही तेजी
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स करीब एक प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वालों में शामिल रहा। इसके अलावा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, ऑयल एंड गैस, फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा, हेल्थकेयर और ऑटो सेक्टर में भी खरीदारी देखने को मिली। दूसरी ओर, मेटल सेक्टर पर दबाव बना रहा और निफ्टी मेटल इंडेक्स में एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। आईटी, एफएमसीजी, मीडिया और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली।
इन शेयरों ने दिखाया दम, इन पर रहा दबाव
निफ्टी-50 में अल्ट्राटेक सीमेंट, इटरनल, एचडीएफसी लाइफ, श्रीराम फाइनेंस, आयशर मोटर्स और भारतीय स्टेट बैंक के शेयर प्रमुख बढ़त दर्ज करने वालों में शामिल रहे। वहीं हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, पावर ग्रिड, टाटा स्टील, एलएंडटी, जेएसडब्ल्यू स्टील और इंफोसिस के शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा। मेटल शेयरों पर दबाव का मुख्य कारण वैश्विक मांग को लेकर बनी अनिश्चितता और कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव माना जा रहा है।
कच्चे तेल की कीमतें बनीं सबसे बड़ी चिंता
बाजार विशेषज्ञ सुनील शाह के अनुसार, पिछले कारोबारी सत्र में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। हालांकि बुधवार को बाजार ने तकनीकी रिकवरी दिखाई। उनका कहना है कि मौजूदा समय में कच्चा तेल 85-86 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है, जो भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए चिंता का विषय है। यदि पश्चिम एशिया में तनाव कम होता है और कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आती हैं, तो भारतीय शेयर बाजार को मजबूत समर्थन मिल सकता है। फिलहाल बाजार में तेजी को तकनीकी रिकवरी माना जा रहा है और निवेशकों को वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
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