जेवर एयरपोर्ट ने जुलाई में बनाया नया रिकॉर्ड, एक महीने में 5,600 से ज्यादा बढ़े यात्री; दिल्ली एयरपोर्ट को मिल रही कड़ी टक्कर

खबर सार :-

जुलाई 2026 के आंकड़े साबित करते हैं कि जेवर एयरपोर्ट यात्रियों का भरोसा तेजी से जीत रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक सुविधाएं और समय की बचत इसे एनसीआर व पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए पसंदीदा एयरपोर्ट बना रही हैं। यदि यही रफ्तार बनी रही तो आने वाले महीनों में यात्री संख्या के साथ-साथ जेवर एयरपोर्ट की राष्ट्रीय स्तर पर अहमियत भी लगातार बढ़ेगी।
जेवर एयरपोर्ट ने जुलाई में बनाया नया रिकॉर्ड, एक महीने में 5,600 से ज्यादा बढ़े यात्री; दिल्ली एयरपोर्ट को मिल रही कड़ी टक्कर

खबर विस्तार : -

Jewar Airport July 2026: ग्रेटर नोएडा स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) लगातार यात्रियों की पहली पसंद बनता जा रहा है। एयरपोर्ट के संचालन से जुड़े ताजा ऑपरेशनल पैसेंजर काउंट (S26) के आंकड़े बताते हैं कि जुलाई 2026 में यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जून की तुलना में जुलाई में 5,600 से अधिक अतिरिक्त यात्रियों ने यहां से यात्रा की, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर के लोग अब उड़ान के लिए दिल्ली के बजाय जेवर एयरपोर्ट को तेजी से अपना रहे हैं।

जून 2026 में कुल 27,841 यात्रियों ने की जेवर एयरपोर्ट से यात्रा

एयरपोर्ट प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 में कुल 27,841 यात्रियों ने जेवर एयरपोर्ट का उपयोग किया था। इनमें 9,342 स्थानीय प्रस्थान, 8,757 स्थानीय आगमन, 2,398 ट्रांसफर यात्री और 7,344 ट्रांजिट यात्री शामिल थे। उस समय भी एयरपोर्ट पर यात्री संख्या में स्थिर बढ़ोतरी देखने को मिल रही थी, लेकिन जुलाई के आंकड़ों ने इस वृद्धि को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। जुलाई 2026 में यात्रियों की कुल संख्या बढ़कर 33,446 हो गई। इस दौरान 9,082 स्थानीय प्रस्थान, 9,332 स्थानीय आगमन, 9,334 ट्रांसफर यात्री और 5,698 ट्रांजिट यात्री दर्ज किए गए। खास बात यह रही कि ट्रांसफर यात्रियों की संख्या में बड़ा उछाल देखने को मिला, जिससे यह संकेत मिलता है कि जेवर एयरपोर्ट अब केवल स्थानीय उड़ानों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि कनेक्टिंग फ्लाइट्स के लिए भी यात्रियों का भरोसेमंद केंद्र बनता जा रहा है। जून और जुलाई के संयुक्त आंकड़ों पर नजर डालें तो अब तक 61,287 यात्रियों ने जेवर एयरपोर्ट से यात्रा की है। इनमें 18,424 स्थानीय प्रस्थान, 18,089 स्थानीय आगमन, 11,732 ट्रांसफर यात्री और 13,042 ट्रांजिट यात्री शामिल हैं। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि एयरपोर्ट का यात्री आधार लगातार मजबूत हो रहा है और इसकी सेवाओं का दायरा तेजी से बढ़ रहा है।

जेवर एयरपोर्ट की लोकप्रियता के महत्वपूर्ण कारण

विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट की लोकप्रियता के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं। सबसे बड़ा कारण इसकी बेहतर कनेक्टिविटी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा और आगरा सहित कई शहरों के यात्रियों के लिए यह एयरपोर्ट दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की तुलना में अधिक सुविधाजनक साबित हो रहा है। इससे यात्रियों का सड़क पर लगने वाला समय कम हो रहा है और यात्रा पहले से अधिक आसान बन रही है। इसके अलावा एयरपोर्ट पर उपलब्ध आधुनिक सुविधाएं, तेज चेक-इन प्रक्रिया, बेहतर यात्री सेवाएं और सुव्यवस्थित संचालन भी लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। एयरलाइंस की बढ़ती संख्या और बेहतर उड़ान विकल्पों ने भी यात्रियों का भरोसा मजबूत किया है। यही वजह है कि अब बड़ी संख्या में लोग अपनी यात्रा की शुरुआत जेवर एयरपोर्ट से करना पसंद कर रहे हैं।

भविष्य में यात्री संख्या में और तेजी से इजाफा होने की उम्मीद

विमानन क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि यदि आने वाले महीनों में एयरपोर्ट पर नई उड़ानों और गंतव्यों की संख्या बढ़ती रही, तो यात्री संख्या में और तेजी से इजाफा देखने को मिलेगा। इससे न केवल एयरपोर्ट की आय बढ़ेगी बल्कि आसपास के क्षेत्रों में रोजगार, पर्यटन और औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी। जेवर एयरपोर्ट पहले से ही उत्तर भारत के सबसे महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल है और इसके विस्तार की योजनाएं भी लगातार आगे बढ़ रही हैं। जुलाई के ताजा आंकड़े इस बात का संकेत हैं कि जेवर एयरपोर्ट अब केवल एक वैकल्पिक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए तेजी से उभरता हुआ प्रमुख एविएशन हब बन रहा है। आने वाले समय में यदि यात्रियों की संख्या इसी रफ्तार से बढ़ती रही तो यह एयरपोर्ट देश के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण हवाई अड्डों में अपनी मजबूत पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है।

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