आईबीएम सीईओ ने मानी गलती, एआई खर्च आकलन को लेकर हुई बड़ी चूक, 25 प्रतिशत गिरे शेयर

खबर सार :-

अमेरिकी आईटी कंपनी आईबीएम के चेयरमैन-सीईओ अरविंद कृष्णा ने माना कि एआई खर्च आकलन में कंपनी से बड़ी चूक हुई है। कहा कि कंपनी ग्राहकों के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करने के बदलते टेंªड को समझने में चूक गई। समय के साथ खुद को तेजी से ढ़ालने में चूक गई। सीईओ ने कहा कि जो हुआ, वह हमारी उम्मीदों से कहीं अधिक बुरा था। सीईओ के इस बयान के बाद कंपनी के शेयर 25 प्रतिशत तक गिर गए।
आईबीएम सीईओ ने मानी गलती, एआई खर्च आकलन को लेकर हुई बड़ी चूक, 25 प्रतिशत गिरे शेयर

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: आईबीएम सीईओ ने माना कि एआई खर्च आकलन में कंपनी से बड़ी चूक हुई है। अमेरिकी आईटी कंपनी आईबीएम के चेयरमैन और सीईओ अरविंद कृष्णा ने कहा कि कंपनी ग्राहकों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करने के बदलते ट्रेंड को समझने में बड़ी चूक कर गई। साथ ही समय के अनुसार तेजी से खुद को ढालने में सफल नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि इसका असर अब कंपनी की आय पर दिखाई पड़ रहा है, जो 2026 की दूसरी तिमाही में करीब सपाट रही है। 

जो हुआ, वह हमारी उम्मीदों से कहीं अधिक बुरा था-कृष्णा

दूसरी तिमाही के शुरुआती नतीजों के साथ निवेशकों को भेजे एक पत्र में कृष्णा ने कहा कि आईबीएम को आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी कुछ दिक्कतों की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि ग्राहक एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को सुरक्षित करने के लिए सर्वर, स्टोरेज और मेमोरी पर कैपिटल खर्च को प्राथमिकता देंगे। कृष्णा ने लिखा, "जो हुआ, वह हमारी उम्मीदों से कहीं अधिक बुरा था।"

हालात के हिसाब से तेजी से नहीं ढल पाए 

उन्होंने आगे कहा, "इन हालात में हमारी टीमों को बेहतरीन काम करने की जरूरत थी, लेकिन इस तिमाही में हम चूक गए। हम तेजी से हालात के हिसाब से नहीं ढल पाए और कई बड़े सौदे तय समय पर पूरे नहीं हो पाए, जिसका असर हमारे प्रदर्शन पर हुआ। आईबीएम सीईओ के इस बयान के बाद कंपनी के शेयरों में 25 प्रतिशत तक की भारी गिरावट देखी गई। कंपनी के मुताबिक, कीमतों में संभावित बढ़ोतरी से पहले सप्लाई की कमी वाले इंफ्रास्ट्रक्चर को सुरक्षित करने के लिए क्लाइंट्स ने जून के आखिरी हफ्तों में अपने तिमाही टेक्नोलॉजी बजट में बदलाव किया।

तेजी से बदल रही साइबर सिक्योरिटी ने भटकाया कस्टमर्स का ध्यान

आईबीएम ने यह भी कहा कि तेजी से बदल रही साइबर सिक्योरिटी चिंताओं ने इस तिमाही के दौरान कस्टमर्स का ध्यान भटकाया। कंपनी ने दूसरी तिमाही में 17.2 अरब डॉलर की शुरुआती आय  बताई है, जो पिछले साल के मुकाबले 1 प्रतिशत अधिक है। वहीं, सॉफ्टवेयर आय में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, कंसल्टिंग आय स्थिर रहा, जबकि इंफ्रास्ट्रक्चर आय में 7 प्रतिशत की गिरावट आई। दूसरी तिमाही में आईबीएम की प्रति शेयर डाइल्यूटेड आय 2 प्रतिशत घटकर 2.27 डॉलर हो गई, हालांकि प्रति शेयर ऑपरेटिंग कमाई 5 प्रतिशत बढ़कर 2.93 डॉलर हो गई।

पोर्टफोलियो की मजबूती, बिजनेस के रणनीतिक बदलाव पर पूरा भरोसा 

कृष्णा ने कहा कि आय में कमी मुख्य रूप से आईबीएम के जेड मेनफ्रेम बिजनेस और उससे जुड़े सॉफ्टवेयर स्टैक, खासकर ट्रांजैक्शन प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर के उम्मीद से कमजोर प्रदर्शन के कारण हुई। उन्होंने यह भी कहा कि आईबीएम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग में तेजी से निवेश करना जारी रखे हुए है। कृष्णा ने कहा, "हालांकि इस तिमाही में प्रदर्शन हमारी उम्मीदों से कम रहा, लेकिन हमें अपने पोर्टफोलियो की मजबूती और अपने बिजनेस के रणनीतिक बदलाव पर पूरा भरोसा है। आईबीएम ने कहा कि वह अभी भी अपने तिमाही वित्तीय विवरण को अंतिम रूप दे रही है और दूसरी तिमाही के पूरे नतीजे 22 जुलाई को जारी किए जाएंगे।

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