मध्य पूर्व तनाव का असर: सोना-चांदी फिसले, अब डॉलर और ग्लोबल बाजार पर निवेशकों की नजर

खबर सार :-

मध्य पूर्व में जारी तनाव, मजबूत डॉलर इंडेक्स और वैश्विक बाजारों की बदलती धारणा ने फिलहाल सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बना दिया है। आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, डॉलर की चाल और भू-राजनीतिक घटनाक्रम कीमती धातुओं की दिशा तय करेंगे। निवेशकों के लिए बाजार की अस्थिरता के बीच सतर्क रणनीति अपनाना महत्वपूर्ण रहेगा।
मध्य पूर्व तनाव का असर: सोना-चांदी फिसले, अब डॉलर और ग्लोबल बाजार पर निवेशकों की नजर

खबर विस्तार : -

Gold Silver price fall: मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर बुधवार को कीमती धातुओं के बाजार पर साफ दिखाई दिया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के शुरुआती घंटों में सोना और चांदी करीब आधा प्रतिशत तक कमजोर हो गए। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत डॉलर इंडेक्स और वैश्विक निवेशकों की सतर्क रणनीति ने कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा दिया है।

सोने का फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट रेट 1,41,148 रुपये प्रति 10 ग्राम

एमसीएक्स पर 5 अगस्त 2026 डिलीवरी वाला सोने का फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,42,257 रुपये के मुकाबले 1,109 रुपये की गिरावट के साथ 1,41,148 रुपये पर खुला। शुरुआती कारोबार में सुबह 9:54 बजे तक यह 607 रुपये यानी 0.43 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,41,650 रुपये पर कारोबार कर रहा था। ट्रेडिंग के दौरान सोने ने 1,40,740 रुपये का निचला स्तर और 1,41,695 रुपये का उच्चतम स्तर दर्ज किया। सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी कमजोरी देखने को मिली। एमसीएक्स पर 4 सितंबर 2026 डिलीवरी वाला चांदी का फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,23,189 रुपये के मुकाबले 2,21,926 रुपये पर खुला। शुरुआती कारोबार में यह 609 रुपये यानी 0.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,22,580 रुपये पर कारोबार करता दिखाई दिया। कारोबारियों का कहना है कि फिलहाल बाजार में मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों के चलते चांदी पर भी दबाव बना हुआ है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं का भाव

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कीमती धातुओं की चाल कमजोर रही। सोने की कीमत 0.71 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,040 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई, जबकि चांदी 0.45 प्रतिशत टूटकर 58.84 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती नजर आई। वैश्विक बाजारों में बिकवाली का असर भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिला। विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है। हालांकि सामान्य परिस्थितियों में ऐसे तनाव के दौरान निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर रुख करते हैं, लेकिन इस बार मजबूत डॉलर इंडेक्स ने सोने की तेजी पर ब्रेक लगा दिया है। डॉलर इंडेक्स 100 के स्तर से ऊपर बना हुआ है, जिससे डॉलर आधारित परिसंपत्तियां अधिक आकर्षक हो गई हैं और सोने-चांदी की मांग पर असर पड़ा है।

अमेरिका पर टिकी निवेशकों की निगाह

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि निवेशकों की निगाह अब अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और डॉलर की आगे की चाल पर टिकी हुई है। यदि डॉलर मजबूत बना रहता है तो सोने और चांदी में निकट भविष्य में दबाव जारी रह सकता है। वहीं, भू-राजनीतिक घटनाक्रम में किसी बड़े बदलाव की स्थिति में कीमतों में अचानक उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है। दूसरी ओर, वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों का असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला। बुधवार को घरेलू शेयर बाजार मजबूती के साथ खुले और शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स तथा निफ्टी लगभग आधा प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करते रहे। एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। टोक्यो, हांगकांग, बैंकॉक, सोल और जकार्ता के प्रमुख सूचकांक हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि शंघाई बाजार में हल्की कमजोरी दर्ज की गई।

अमेरिकी शेयर बाजारों का प्रदर्शन भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाने वाला रहा। मंगलवार को डाओ जोन्स इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि टेक्नोलॉजी शेयरों पर आधारित नैस्डैक 0.90 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ। वैश्विक इक्विटी बाजारों में आई इस तेजी ने जोखिम वाले निवेशों की ओर निवेशकों का रुझान बढ़ाया, जिससे सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी में दबाव देखने को मिला।

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