दशहरा-दिवाली पर चीनी के दाम होंगे नरम! एक्स-मिल भाव 30% तक घटे, खुदरा कीमतों में भी राहत की उम्मीद
खबर सार :-
दशहरा-दिवाली से पहले चीनी की पर्याप्त सप्लाई बनाए रखने और कीमतों को नियंत्रण में रखने पर सरकार व उद्योग का फोकस है। आईएसएमए के मुताबिक, एक्स-मिल भाव 25-30% घटे हैं, जिसका असर जल्द खुदरा कीमतों पर दिख सकता है।
खबर विस्तार : -
Sugar Price: दशहरा और दिवाली से पहले चीनी की कीमतों को लेकर सरकार और उद्योग ने उपभोक्ताओं को राहत देने की तैयारी तेज कर दी है। इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (आईएसएमए) के महानिदेशक दीपक बल्लानी ने गुरुवार को कहा कि त्योहारी सीजन में उपभोक्ताओं को उचित कीमत पर चीनी उपलब्ध कराने के लिए सरकार और चीनी उद्योग मिलकर काम कर रहे हैं।
आईएएनएस से बातचीत में बल्लानी ने कहा कि दशहरा, दिवाली और इसके बाद आने वाले अन्य त्योहारों के दौरान चीनी की मांग बढ़ने की संभावना है। ऐसे में घरेलू बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखना और कीमतों को नियंत्रण में रखना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि खुदरा कीमतों में पहले ही नरमी शुरू हो चुकी है और आने वाले हफ्तों में इसमें और कमी आने की संभावना है।
त्योहारों में बढ़ती मांग पर नजर
बल्लानी के मुताबिक, त्योहारों के दौरान चीनी की खपत बढ़ती है। मिठाइयों और अन्य खाद्य उत्पादों की मांग बढ़ने के कारण बाजार में चीनी की जरूरत भी बढ़ जाती है। ऐसे समय में आपूर्ति और कीमतों के बीच संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि सरकार और उद्योग दोनों उपभोक्ताओं को उचित दर पर चीनी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका कहना है कि घरेलू बाजार में फिलहाल चीनी की आपूर्ति पर्याप्त बनी हुई है और कीमतों को नियंत्रण में रखने के प्रयास जारी हैं।
एक्स-मिल कीमतों में 25-30% की गिरावट
आईएसएमए के महानिदेशक ने बताया कि चीनी की एक्स-मिल कीमतों में पहले ही करीब 25 से 30 प्रतिशत तक कमी आ चुकी है। पूरे भारत में एक्स-मिल चीनी की औसत कीमत वर्तमान में करीब 4,450 रुपये प्रति क्विंटल है। उन्होंने कहा कि उत्पादन केंद्र या मिल स्तर पर कीमतों में आई गिरावट का असर खुदरा बाजार में तुरंत दिखाई नहीं देता। इसके पीछे आपूर्ति श्रृंखला में लगने वाला समय एक प्रमुख कारण है। एक्स-मिल से थोक बाजार और फिर खुदरा कारोबारियों तक पहुंचने के दौरान कीमतों में बदलाव का असर धीरे-धीरे उपभोक्ताओं तक पहुंचता है।
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खुदरा भाव में और नरमी की उम्मीद
बल्लानी के अनुसार, एक्स-मिल कीमतों में आई गिरावट का पूरा लाभ खुदरा बाजार तक पहुंचने में कुछ समय लगेगा। जैसे-जैसे बाजार कम लागत के स्तर के अनुरूप समायोजित होगा, वैसे-वैसे खुदरा कीमतों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले हफ्तों में उपभोक्ताओं को चीनी की कीमतों में और राहत मिल सकती है। उनके मुताबिक, एक्स-मिल कीमतों में 25-30 प्रतिशत की कमी के बाद खुदरा बाजार में भी धीरे-धीरे इसका असर दिखाई देना चाहिए।
सप्लाई पर्याप्त, कीमतों पर नियंत्रण का दावा
चीनी की कीमतों को लेकर त्योहारी सीजन में सबसे बड़ी चुनौती बढ़ती मांग के बीच निर्बाध आपूर्ति बनाए रखना है। आईएसएमए के अनुसार, घरेलू बाजार में फिलहाल आपूर्ति पर्याप्त है। ऐसे में मांग बढ़ने की स्थिति में भी कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए सरकार और उद्योग के बीच समन्वय महत्वपूर्ण रहेगा। बल्लानी ने कहा कि दशहरा और दिवाली के करीब आने के साथ उपभोक्ताओं को उचित दर पर चीनी उपलब्ध कराना प्राथमिकता बनी हुई है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मिल स्तर पर कीमतों में आई कमी का लाभ आने वाले समय में खुदरा बाजार तक पहुंचने की उम्मीद है।
मिठाई कारोबार को भी मिलेगी राहत
त्योहारी सीजन में चीनी की मांग बढ़ने का सीधा संबंध मिठाई और खाद्य उत्पादों के कारोबार से भी है। यदि चीनी की कीमतें नियंत्रण में रहती हैं तो मिठाई निर्माताओं और अन्य खाद्य कारोबारियों की लागत पर भी दबाव कम हो सकता है। फिलहाल उद्योग की नजर एक्स-मिल और खुदरा कीमतों के बीच अंतर कम होने पर है। आईएसएमए का अनुमान है कि आपूर्ति श्रृंखला में कीमतों का समायोजन पूरा होने के साथ खुदरा बाजार में भी नरमी बढ़ सकती है। कुल मिलाकर, त्योहारी सीजन में उपभोक्ताओं के लिए चीनी की उपलब्धता और कीमतों को लेकर सरकार तथा उद्योग की रणनीति का फोकस पर्याप्त आपूर्ति और कीमतों को नियंत्रण में रखने पर है। एक्स-मिल कीमतों में पहले ही आई गिरावट से आने वाले हफ्तों में खुदरा बाजार में भी राहत की उम्मीद जताई जा रही है।
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FAQ (पूछे जाने वाले सामान्य प्रश्न)....
1. त्योहारों के दौरान चीनी की कीमतों को लेकर क्या स्थिति है?
आईएसएमए के मुताबिक, घरेलू बाजार में चीनी की सप्लाई पर्याप्त है और सरकार व उद्योग कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए काम कर रहे हैं।
2. एक्स-मिल चीनी की कीमतों में कितनी गिरावट आई है?
आईएसएमए के अनुसार, एक्स-मिल कीमतों में करीब 25-30 प्रतिशत की कमी आई है और अखिल भारतीय औसत कीमत करीब 4,450 रुपये प्रति क्विंटल है।
3. क्या खुदरा चीनी की कीमतें आगे और घट सकती हैं?
आईएसएमए के मुताबिक, एक्स-मिल कीमतों में आई गिरावट का असर खुदरा बाजार तक पहुंचने में कुछ समय लगता है। आने वाले हफ्तों में खुदरा कीमतों में और नरमी की उम्मीद है।
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