केरल बन रहा विकास का मॉडल, विझिंजम पोर्ट की क्षमता के साथ आत्मनिर्भरता बढ़ाने में मिलेगी मदद

खबर सार :-

विझिंजम इंटरनेशनल पोर्ट पर आयात-निर्यात ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। इससे समुद्री रास्ते, भारत का विकास और युवकों के लिए रोजगार के अवसर खुलेंगे।
16,000 करोड़ रुपए के निवेश, विझिंजम पोर्ट की क्षमता बढ़ेगी, 5,000 लोगों को मिलेगा रोजगार

खबर विस्तार : -

तिरुवनंतपुरम : विझिंजम इंटरनेशनल पोर्ट पर आयात-निर्यात (ईएक्सआईएम) ऑपरेशन पूरी तरह से शुरू कर दिया गया हैं। साथ ही इसकी क्षमता बढ़ाने की तैयारी भी होने लगी है। दूसरे चरण में इस पर 16,000 करोड़ रुपए के निवेश कर पोर्ट की क्षमता बढ़ाई जाएगी। अब यह 57 लाख टीईयू हो जाएगी। पोर्ट पर आयात-निर्यात वृद्धि करने के लिए 1,200 मीटर के कंटेनर बर्थ जोड़ी जाएंगी। इस क्षेत्र में विकास के लिए रेल और रोड कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स पार्क्स, वेयरहाउसिंग आदि से संबंधित इन्फ्रास्ट्रक्टर को भी विकसित किया जाएगा। पोर्ट के बारे में कहा गया कि यह एक बेहतरीन प्रदर्शन वाले ग्लोबल मार्केट के लिए एक गेटवे बन गया है। इसे ट्रांसशिपमेंट हब से बदलकर भारतीय व्यापार के लिहाज से तैयार किया गया है। 

लक्ष्य के लिए दिसंबर 2028 तक है समय 

उम्मीद की जा रही है कि बड़े मैरीटाइम और लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम में नए अवसर मिलेंगे। इस संबंध में मंगलवार को जानकारी दी गई है। विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट ने आयात-निर्यात ऑपरेशन शुरू कर दिए हैं। इसका मतलब है कि आयात -निर्यात ऑपरेशन के तहत देश से निर्यात या आयात होने वाले कार्गो को संभालना प्रमुख कार्य है। इसके अलावा इंटरनेशनल शिपिंग सर्विस के बीच ट्रांसशिपमेंट का काम भी यहीं से संभाला जाएगा। इस पूरे फेज का डेवलपमेंट करने के लिए अभी समय की जरूरत है। इसलिए पहले से ही एक निश्चित अवधि तक का प्लान बना लिया गया है। लक्ष्य को पाने के लिए दिसंबर 2028 तक का समय लिया गया है। इस अवधि में तेजी से पूरे फेज का डेवलपमेंट किया जाएगा। दायरे में रहकर 5,000 से ज्यादा अतिरिक्त प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां देने का लक्ष्य भी इसी योजना में है। 

अदाणी ग्रुप ने किया सबसे बड़ा निवेश 

अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) के सीईओ और पूर्ण-कालिक निदेशक अश्वनी गुप्ता ने कहा है कि यह एक नए गेटवे की शुरुआत है। यह लाखों लोगों की उम्मीदों को ग्लोबल मार्केट से जोड़ेगा। इस पोर्ट से कार्गो की आवाजाही के साथ भारत की आत्मनिर्भरता, वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और समुद्री क्षेत्र में नेतृत्व की आकांक्षाओं को पूरा किया जाएगा। इसे अदाणी ग्रुप की व्यापक प्रतिबद्धता का हिस्सा माना जा रहा है, क्योंकि विझिंजम में किया गया यह निवेश, केरल और वहां इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए कई बार ग्रुप को लेकर राजनीतिक विवाद हुए हैं। वैसे तो अब दूसरे चरण के निवेश पर काम होना है। इस विझिंजम प्रोजेक्ट में ग्रुप का कुल निवेश 30,000 करोड़ रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य है। अबतक केरल का सबसे बड़ा निवेश इसे ही बताया जा रहा है।

केरल के सीएम ने भी दुनिया का गेटवे कहा

 दावा किया गया है कि भारत के समुद्री व्यापार की क्षमता पर ऐसे काम से बड़ा असर पड़ेगा। इससे राज्य को विकास करने में मदद मिलेगी। जब हम अपनी व्यवस्था पर काम करने लगते हैं तो विदेशी ट्रांसशिपमेंट हब पर निर्भरता कम हो सकती हैै। सामान लाने-ले जाने का समय कम होगा। सप्लाई आसान होगी। हालांकि यह ऐसा कंपनी ने व्यापारिक सिद्धांतों को समझाने के लिए कहा है, यदि यह केवल सपने नहींे हैं तो आने वाले समय में विकास के लिए निवेशकों के साथ पूरी परियोजना का रोल सामने आ जाएगा। केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीसन ने इस कार्य को गौरव वाला बताया है। उन्होंने कहा कि यह पल हमारे लिए गौरव के हैं। उन्होंने बताया कि विझिंजम अब दुनिया के लिए एक गेटवे बन गया है। समुद्र और समुद्री रास्तों का किसी देश के लिए महत्व समझाते हुए कहा कि विकास के लिए मिशन समुद्र जरूरी था। इस मौके का पूरा फायदा उठाएं।

क्यों है विझिंजम के आयात-निर्यात का महत्व

 विझिंजम को बेस बनाना, सड़क और रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करना शामिल है। यहां पहुंचने के लिए  रिंग रोड जरूरी है। इसके लिए सरकार जमीन अधिग्रहण पर कोशिश कर रही है। इसमें 3,200 करोड़ रुपए खर्च होगा। प्राइवेट इन्वेस्टमेंट लाने के लिए बातचीत पहले ही शुरू हो चुकी है। विझिंजम के आयात-निर्यात ऑपरेशन समुद्री व्यापार से ज्यादा फायदा उठाने की भारत की क्षमता को मजबूत किया जा सकता है। भारत की समुद्री व्यापार क्षमता बढ़ाने में इससे काफी मदद मिलेगी। भारत का 75 प्रतिशत से ज्यादा कंटेनर ट्रांसशिपमेंट कार्गो विदेशी बंदरगाहों के जरिए हैंडल किया जाता है, लेकिन इससे लॉजिस्टिक्स का खर्च बढ जाता है। साथ ही सामान लाने-ले जाने का समय भी बढ़ जाता है।

यह भी पढ़ें : AI का असर: युवाओं की नौकरियां घटीं, अनुभवी कर्मचारियों की मांग बढ़ी
 

अन्य प्रमुख खबरें