AI का असर: युवाओं की नौकरियां घटीं, अनुभवी कर्मचारियों की मांग बढ़ी
खबर सार :-
बैंक ऑफ कोरिया की रिपोर्ट बताती है कि जनरेटिव AI के विस्तार के बीच युवाओं के रोजगार पर दबाव बढ़ा है, खासकर IT, प्रोग्रामिंग और प्रोफेशनल सर्विसेज में। वहीं अनुभवी कर्मचारियों के रोजगार में बढ़ोतरी दर्ज हुई। हालांकि AI अकेला कारण नहीं है, लेकिन यह बदलाव तेज कर रहा है। भविष्य में युवाओं के लिए AI कौशल, तकनीकी समझ और रचनात्मक क्षमताएं रोजगार की कुंजी बन सकती हैं।
खबर विस्तार : -
BOK Report Youth Employment: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तेजी से बढ़ता इस्तेमाल अब रोजगार बाजार की तस्वीर बदलता दिखाई दे रहा है। बैंक ऑफ कोरिया (BOK) की मंगलवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, जनरेटिव AI तकनीकों, खासकर ChatGPT जैसे चैटबॉट्स के आने के बाद AI से अधिक प्रभावित क्षेत्रों में युवाओं के रोजगार में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि इसका असर खासतौर पर 15 से 29 वर्ष के युवाओं पर पड़ा है।
2.85 लाख युवा रोजगार घटे
रिपोर्ट के अनुसार, जून 2022 से जून 2026 के बीच 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के लोगों द्वारा किए जा रहे कुल रोजगारों की संख्या में 2.85 लाख की कमी आई। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा उन क्षेत्रों का रहा, जिन्हें AI के प्रभाव के प्रति अधिक संवेदनशील माना जाता है। कुल घटे रोजगारों में 2.68 लाख यानी करीब 94 प्रतिशत नौकरियां AI-प्रभावित क्षेत्रों से जुड़ी थीं। इनमें IT सेवाएं, प्रकाशन, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और प्रोफेशनल सर्विसेज जैसे क्षेत्र शामिल हैं। ये ऐसे सेक्टर हैं, जहां ऑटोमेशन, कंटेंट जनरेशन और AI आधारित सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है।
ये भी पढ़ें....झारखंड छात्र आंदोलन: राहुल गांधी के हस्तक्षेप से क्या सुलझेगा गतिरोध? हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर सीधे दखल देने की अपील
IT सेक्टर में सबसे बड़ी गिरावट
क्षेत्रवार आंकड़ों में IT सेवाएं सबसे ज्यादा प्रभावित दिखाई दीं। यहां युवाओं के रोजगार में 31.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद प्रकाशन क्षेत्र में 27.4 प्रतिशत की कमी आई। इस श्रेणी में सॉफ्टवेयर और वेब डिजाइन से जुड़े पेशे भी शामिल हैं। कंप्यूटर प्रोग्रामिंग में युवा रोजगार 16.6 प्रतिशत घटा, जबकि प्रोफेशनल सर्विसेज में 11.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। आंकड़े संकेत देते हैं कि जिन नौकरियों में डिजिटल कार्य, दोहराए जाने वाले टास्क और कंटेंट तैयार करने जैसी गतिविधियां अधिक हैं, वहां AI आधारित तकनीकों का प्रभाव अपेक्षाकृत तेजी से दिखाई दे रहा है।
उम्र बढ़ी, रोजगार बढ़ा
रिपोर्ट में रोजगार का एक दिलचस्प उलट रुझान भी सामने आया है। जहां युवाओं के रोजगार में कमी आई, वहीं 50 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों के रोजगार में 2.30 लाख की बढ़ोतरी हुई। इस बढ़ोतरी में 1.73 लाख नौकरियां AI-प्रभावित क्षेत्रों में ही आईं। इससे संकेत मिलता है कि AI के दौर में अनुभव, विशेषज्ञता और कार्यक्षेत्र की समझ रखने वाले कर्मचारियों की मांग कुछ क्षेत्रों में अपेक्षाकृत मजबूत बनी हुई है। हालांकि, इसका यह अर्थ नहीं है कि AI केवल युवाओं की नौकरियां खत्म कर रहा है। रोजगार बाजार में उम्र, अनुभव, कौशल, भूमिका और आर्थिक परिस्थितियों जैसे कई कारक एक साथ असर डालते हैं। BOK ने भी युवाओं के रोजगार में गिरावट के लिए केवल AI को जिम्मेदार ठहराने से सावधानी बरती है।
उच्च शिक्षा भी नहीं दे रही पूरी सुरक्षा
रिपोर्ट में शिक्षा और बेरोजगारी के बीच बदलते संबंध पर भी प्रकाश डाला गया है। 2019 से 2022 के बीच स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्रीधारकों की औसत बेरोजगारी दर 8.2 प्रतिशत थी। वहीं माध्यमिक शिक्षा या जूनियर कॉलेज स्तर तक पढ़े युवाओं में यह दर 8 प्रतिशत थी। लेकिन 2022 के बाद तस्वीर बदली। इस अवधि में उच्च शिक्षित युवाओं की बेरोजगारी दर 7 प्रतिशत रही, जबकि कम शैक्षणिक योग्यता वाले युवाओं में यह 5.4 प्रतिशत रही। इस तरह दोनों समूहों के बीच बेरोजगारी का अंतर बढ़कर 1.6 प्रतिशत अंक हो गया।
ये भी पढ़ें.....‘इंडिया-कनाडा एआई डायलॉग 2026’: जिम्मेदार, समावेशी और नैतिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा
ChatGPT के बाद बदला माहौल
BOK ने 2022 को अध्ययन का आधार वर्ष माना है। इसी वर्ष के अंत में ChatGPT लॉन्च हुआ था, जिसके बाद जनरेटिव AI तकनीकों का वैश्विक इस्तेमाल तेजी से बढ़ा। रिपोर्ट इसी बदलाव के बाद रोजगार बाजार में आए रुझानों को समझने की कोशिश करती है। हालांकि दक्षिण कोरिया की लगातार घटती आबादी भी युवाओं के रोजगार में बदलाव का एक महत्वपूर्ण कारण हो सकती है। लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक AI ने पहले से मौजूद इस प्रवृत्ति को और तेज किया है। BOK के शोध विभाग के शोधकर्ता ओह सैम-इल के मुताबिक AI युवाओं की उत्पादकता में बड़ी बढ़ोतरी कर सकता है, लेकिन यही तकनीक कुछ भूमिकाओं में उन्हें प्रतिस्थापित भी कर सकती है। उनके अनुसार, युवाओं के रोजगार में कमी के लिए पूरी तरह AI को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, लेकिन यह पारंपरिक करियर सीढ़ी के कमजोर होने की प्रवृत्ति को तेज कर रहा है।
युवाओं के लिए बदल रही करियर की राह
रिपोर्ट का सबसे बड़ा संकेत यही है कि AI के दौर में केवल डिग्री होना पर्याप्त नहीं हो सकता। डिजिटल टूल्स के साथ काम करने की क्षमता, AI का प्रभावी इस्तेमाल, रचनात्मक सोच और ऐसे कौशल जिनमें मानवीय निर्णय की जरूरत होती है, युवाओं के लिए अधिक महत्वपूर्ण हो सकते हैं। जनरेटिव AI जहां कई कामों को तेज और आसान बना रहा है, वहीं शुरुआती स्तर की नौकरियों पर दबाव बढ़ने से युवाओं के लिए करियर की पारंपरिक शुरुआत मुश्किल हो सकती है। आने वाले वर्षों में शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार नीतियों को इस बदलाव के अनुरूप ढालना बड़ी चुनौती होगी।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)...
1. AI से युवाओं के रोजगार पर कितना असर पड़ा है?
जून 2022 से जून 2026 के बीच 15-29 वर्ष के युवाओं के कुल रोजगार में 2.85 लाख की कमी आई। इनमें करीब 94% यानी 2.68 लाख नौकरियां AI-प्रभावित क्षेत्रों से जुड़ी थीं।
2. किन क्षेत्रों में युवाओं की नौकरियां सबसे ज्यादा घटीं?
IT सेवाओं में युवा रोजगार 31.4%, प्रकाशन में 27.4%, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग में 16.6% और प्रोफेशनल सर्विसेज में 11.6% घटा।
3. क्या AI से वरिष्ठ कर्मचारियों को भी नुकसान हुआ?
रिपोर्ट में इसके उलट रुझान दिखा। 50 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों के रोजगार में 2.30 लाख की बढ़ोतरी हुई, जिसमें 1.73 लाख नौकरियां AI-प्रभावित क्षेत्रों में थीं।
4. क्या AI ही युवाओं की नौकरियां घटने की एकमात्र वजह है?
नहीं। बैंक ऑफ कोरिया के अनुसार घटती आबादी समेत कई कारक जिम्मेदार हैं। हालांकि जनरेटिव AI ने युवाओं के लिए पारंपरिक करियर सीढ़ी कमजोर होने की प्रवृत्ति को तेज किया है।
अन्य प्रमुख खबरें
-
शेयर बाजार धड़ामः सेंसेक्स 365 अंक टूटा, निफ्टी 24250 के नीचे
2026-08-18
-
सेबी के साइबर कवच को मिली मजबूती, दो नए पोर्टल लॉन्च
2026-08-18
-
रिवॉल्विंग क्रेडिट के नए नियमों पर RBI सख्त
2026-08-17
-
E20 पर ब्रेक की सलाह, E10 उपलब्ध कराने की पैरवी
2026-08-17
-
ग्लोबल टेंशन में चमका सोना-चांदी
2026-08-17
-
LPG की लागत बढ़ी, तेल कंपनियों का मुनाफा घटा
2026-08-17
-
ग्लोबल टेंशन से भारतीय शेयर बाजार धड़ाम!
2026-08-17
-
अमेरिका-ईरान तनाव से सोना-चांदी धड़ाम
2026-08-14
-
चिप से एआई तक, टेक पावर बन रहा भारत
2026-08-14
-
वैश्विक तनाव में बाजार धड़ाम, सेंसेक्स 300 अंक टूटा
2026-08-14
-
93.90 करोड़ का IPO: क्रेडेंट कनेक्ट को पहले ही दिन मिला जोरदार रिस्पॉन्स
2026-08-13
-
वैश्विक चुनौतियों के बीच चमका भारतीय आभूषण बाजार, निर्यात 9.17 अरब डॉलर के पार
2026-08-13
-
UPI से पेमेंट सेक्टर को बूस्ट, 371 फंडिंग राउंड में जुटे $5.8 अरब
2026-08-13
-
SBI का ग्लोबल जलवा! 50 करोड़ डॉलर के बॉन्ड पर निवेशकों ने लगाया दांव
2026-08-13
-
कैब बाजार में भारत टैक्सी की धूम, 8.48 लाख ड्राइवर जुड़े
2026-08-13