भारत के AI मिशन को गूगल का बड़ा बूस्ट: शिक्षा, हेल्थकेयर और स्टार्टअप्स के लिए लॉन्च किए कई नए AI टूल्स

खबर सार :-

गूगल की नई AI पहलें भारत के डिजिटल और नवाचार इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं। शिक्षा, हेल्थकेयर, स्टार्टअप्स, साइबर सुरक्षा और भारतीय भाषाओं पर केंद्रित ये घोषणाएं देश में AI के व्यापक और जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत वैश्विक AI नेतृत्व की दिशा में और तेजी से आगे बढ़ सकेगा।
भारत के AI मिशन को गूगल का बड़ा बूस्ट: शिक्षा, हेल्थकेयर और स्टार्टअप्स के लिए लॉन्च किए कई नए AI टूल्स

खबर विस्तार : -

Google I/O Connect India 2026:  भारत के तेजी से बढ़ते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इकोसिस्टम को नई गति देने के लिए अमेरिकी टेक कंपनी गूगल ने कई अहम पहल और साझेदारियों का ऐलान किया है। बेंगलुरु में आयोजित Google I/O Connect India 2026 सम्मेलन के दौरान कंपनी ने डेवलपर्स, स्टार्टअप्स, एंटरप्राइजेज और शैक्षणिक संस्थानों के लिए नए AI टूल्स, ट्रेनिंग प्रोग्राम, हेल्थकेयर सहयोग और इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार की घोषणा की। इन पहलों का उद्देश्य भारत में AI आधारित नवाचार को बढ़ावा देना, स्थानीय प्रतिभाओं को प्रशिक्षित करना और सुरक्षित AI इकोसिस्टम तैयार करना है।

भारत में AI अपनाने की रफ्तार दुनिया के कई देशों से अधिक तेज

इस कार्यक्रम के दौरान गूगल ने बताया कि भारत में AI अपनाने की रफ्तार दुनिया के कई देशों से अधिक तेज है। इसी को देखते हुए कंपनी शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग जगत के बीच सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दे रही है। गूगल का मानना है कि मजबूत तकनीकी ढांचा और सुरक्षित AI प्लेटफॉर्म भारत को वैश्विक AI हब बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। गूगल ने इस अवसर पर अपने आर्थिक योगदान के आंकड़े भी साझा किए। कंपनी के अनुसार, वर्ष 2025 में गूगल प्ले स्टोर और एंड्रॉयड इकोसिस्टम ने भारत में ऐप पब्लिशर्स और व्यापक अर्थव्यवस्था के लिए अनुमानित 5.3 लाख करोड़ रुपये (करीब 60 अरब डॉलर) का राजस्व उत्पन्न किया। यह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 28 प्रतिशत अधिक है। कंपनी का कहना है कि डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ भारतीय डेवलपर्स और स्टार्टअप्स के लिए नए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।

'AI Research Foundations' प्रशिक्षण कार्यक्रम

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि गूगल ने भारत में इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं के विस्तार में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि सर्च, एंड्रॉयड, यूट्यूब, मैप्स और गूगल प्ले जैसे प्लेटफॉर्म ने छात्रों के सीखने के तरीके, कारोबार के संचालन, सरकारी सेवाओं की पहुंच और आम लोगों के ज्ञान प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने इसे भारत के डिजिटल परिवर्तन में गूगल का असाधारण योगदान बताया। सम्मेलन की सबसे महत्वपूर्ण घोषणाओं में Google DeepMind द्वारा शुरू किया गया 'AI Research Foundations' प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल है। यह 56 घंटे का निःशुल्क कोर्स होगा, जिसमें प्रतिभागियों को बड़े भाषा मॉडल (LLMs) विकसित करने, उन्हें फाइन-ट्यून करने और आधुनिक AI तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस कार्यक्रम को नैसकॉम, भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु तथा अन्य प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से संचालित किया जाएगा। इसका उद्देश्य छात्रों, शोधकर्ताओं और डेवलपर्स को उन्नत AI तकनीकों में दक्ष बनाना है।

शिक्षा क्षेत्र को मजबूती देगा 'ATL साथी'

गूगल इंडिया की कंट्री मैनेजर प्रीति लोबाना ने कहा कि भारत के डेवलपर्स AI तकनीक को तेजी से अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया अब एजेंटिक AI के नए दौर में प्रवेश कर रही है, ऐसे में कंपनी का फोकस ऐसा सुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सुरक्षा ढांचा तैयार करने पर है, जिससे AI आधारित समाधान बड़े पैमाने पर विकसित किए जा सकें और उनका जिम्मेदारी के साथ उपयोग सुनिश्चित हो। शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए गूगल ने अटल इनोवेशन मिशन के तहत 'ATL साथी' नामक Gemini AI आधारित AI सहायक भी लॉन्च किया है। शुरुआती चरण में इसे देश के 100 स्कूलों में लागू किया जाएगा। यह टूल शिक्षकों को पाठ योजना तैयार करने, नवाचार आधारित गतिविधियों को डिजाइन करने और विद्यार्थियों के लिए इंटरैक्टिव शिक्षण सामग्री विकसित करने में सहायता करेगा।

हेल्थकेयर सेक्टर में भी गूगल की महत्वपूर्ण साझेदारी

हेल्थकेयर सेक्टर में भी गूगल ने महत्वपूर्ण साझेदारी की घोषणा की। कंपनी के अनुसार, एम्स दिल्ली के शोधकर्ता गूगल के MedGemma Open AI Model का उपयोग कर कुष्ठ रोग तथा यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़े भारत-केंद्रित AI समाधान विकसित कर रहे हैं। इन परियोजनाओं से तैयार होने वाले AI मॉडल भविष्य में भारतीय डेवलपर समुदाय के लिए भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक का उपयोग और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। इसके अलावा गूगल ने भारतीय भाषाओं के लिए भी बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने घोषणा की कि Gemini Live अब 25 भारतीय भाषाओं और बोलियों का समर्थन करेगा। इनमें संस्कृत, भोजपुरी, मैथिली सहित कई क्षेत्रीय भाषाएं शामिल हैं। इससे देश के अधिक लोग अपनी मातृभाषा में AI आधारित सेवाओं का उपयोग कर सकेंगे और डिजिटल समावेशन को नई मजबूती मिलेगी।

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