AI पर सेबी का बड़ा संदेश: तकनीक कोई भी हो, जवाबदेही आपकी; IT की मजबूती पर भी नया प्लान

खबर सार :-

सेबी ने वित्तीय बाजारों में AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच जवाबदेही का दायरा स्पष्ट कर दिया है। तकनीक खुद विकसित हो या बाहरी स्रोत से ली जाए, उसकी जिम्मेदारी विनियमित संस्था की होगी। प्रस्तावित IT सुदृढ़ता सूचकांक महत्वपूर्ण प्रणालियों की मजबूती जांचने में मदद कर सकता है। आगे भारत के पूंजी बाजारों में तकनीकी नवाचार के साथ निवेशक सुरक्षा और पारदर्शिता पर भी जोर रहेगा।
सेबी का AI पर सख्त संदेश: तकनीक आपकी, जवाबदेही भी आपकी

खबर विस्तार : -

SEBI Ai Accountability: वित्तीय बाजारों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग के बढ़ते इस्तेमाल के बीच भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने नियामकीय जवाबदेही को लेकर स्पष्ट संदेश दिया है। सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने बुधवार को कहा कि सेबी के दायरे में आने वाली प्रत्येक संस्था अपने द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे AI और मशीन लर्निंग टूल्स के लिए पूरी तरह जिम्मेदार होगी। चाहे तकनीक संस्था ने खुद विकसित की हो या किसी तीसरे पक्ष से ली हो, जवाबदेही संस्था की ही रहेगी।

मुंबई में फिक्की की ओर से आयोजित फिक्की कैपाम 2026 के 23वें संस्करण को संबोधित करते हुए पांडे ने कहा कि वित्तीय बाजारों में तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे माहौल में निवेशकों के हितों की सुरक्षा और बाजार की विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नियामकीय ढांचा ऐसा होना चाहिए जो तकनीकी नवाचार को बढ़ावा दे, लेकिन पारदर्शिता और जवाबदेही से समझौता न करे।

AI से सुविधा बढ़ेगी, लेकिन जिम्मेदारी नहीं घटेगी

सेबी प्रमुख का बयान ऐसे समय आया है जब वित्तीय संस्थाएं डेटा विश्लेषण, जोखिम आकलन, स्वचालित प्रक्रियाओं और ग्राहक सेवाओं सहित कई क्षेत्रों में AI आधारित तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा रही हैं। AI से कामकाज की गति और दक्षता बढ़ सकती है, लेकिन इसके साथ गलत निर्णय, डेटा संबंधी जोखिम और सिस्टम की विश्वसनीयता जैसे सवाल भी जुड़े हैं। पांडे के मुताबिक, इन जोखिमों की जिम्मेदारी किसी तकनीकी विक्रेता पर डालकर विनियमित संस्था अपनी जवाबदेही से मुक्त नहीं हो सकती। संस्था को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसके द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे AI या मशीन लर्निंग सिस्टम नियामकीय जरूरतों और बाजार की विश्वसनीयता के अनुरूप काम करें।

IT मजबूती मापने के लिए नया इंडेक्स

सेबी बाजार अवसंरचना संस्थानों की तकनीकी क्षमता और जोखिम-प्रतिरोधकता को मापने के लिए एक सूचना प्रौद्योगिकी सुदृढ़ता सूचकांक विकसित करने की संभावना पर भी विचार कर रहा है। इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण तकनीकी प्रणालियों की मजबूती का वस्तुनिष्ठ आकलन करने के लिए एक ढांचा तैयार करना है। बाजार अवसंरचना संस्थानों की प्रणालियां वित्तीय बाजारों के सुचारू संचालन के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती हैं। ऐसे में तकनीकी खामी या साइबर जोखिम का असर व्यापक स्तर पर पड़ सकता है। प्रस्तावित सूचकांक से तकनीकी प्रणालियों की क्षमता, मजबूती और जोखिमों की पहचान करने में मदद मिल सकती है।

टेक्नोलॉजी बनेगी आर्थिक विकास की बड़ी ताकत

पांडे ने कहा कि भारत की आर्थिक विकास यात्रा के अगले चरण में तकनीक की भूमिका और महत्वपूर्ण होगी। उनके मुताबिक निवेश के अवसरों का विस्तार करने, वित्तपोषण के नए रास्ते खोलने और नियामकीय व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ढालने में तकनीक का बुद्धिमत्तापूर्ण इस्तेमाल जरूरी है। सेबी की रणनीति संतुलित, अनुपातिक और भविष्य उन्मुख नियमों पर आधारित रखने पर जोर दिया जा रहा है। इसका मकसद ऐसा वातावरण तैयार करना है जिसमें वित्तीय बाजारों में नवाचार और विकास को गति मिले, लेकिन निवेशकों के हित, बाजार की निष्पक्षता और सुरक्षा भी सुनिश्चित रहे।

निवेश संस्कृति को और गहरा करने पर जोर

सेबी चेयरमैन ने भारत में वित्तीय परिसंपत्तियों में निवेश की संस्कृति को और व्यापक बनाने की जरूरत भी बताई। उन्होंने कहा कि म्यूचुअल फंड और सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) ने बड़ी संख्या में घरेलू परिवारों को बाजार आधारित निवेश से जोड़ा है। इससे भारतीय पूंजी बाजार की मजबूती बढ़ी है। हालांकि, उनके अनुसार पूंजी बाजार में निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने की अभी काफी गुंजाइश है। भारत की तेज आर्थिक वृद्धि आने वाले समय में निवेश के नए अवसर पैदा कर सकती है। ऐसे में पूंजी बाजारों को ज्यादा गहरा, व्यापक और नवोन्मेषी बनाने के साथ उनकी निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना भी जरूरी होगा। पांडे ने कहा कि भारतीय पूंजी बाजार अब सिर्फ आर्थिक गतिविधियों का प्रतिबिंब नहीं रह गए हैं, बल्कि आर्थिक वृद्धि के महत्वपूर्ण चालक बन चुके हैं। इसलिए आने वाले समय में तकनीक, नियमन और निवेशक संरक्षण के बीच संतुलन और अधिक महत्वपूर्ण होगा।

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