NSE got NOC: एनएसई आईपीओ से जुड़ी सारी बाधाएं खत्म: सेबी चेयरमैन
खबर सार :-
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) लंबे समय से आईपीओ योजनाओं को आगे नहीं बढ़ा पा रहा था, इसकी सबसे बड़ी वजह एनओसी का नहीं होना था, लेकिन अब सेबी ने एनएसई की सारी बाधाएं दूर कर दी हैं। एनएसई को सेबी की एनओसी मिल चुकी है। इसलिए अब वह आईपीओ योजनाओं को आगे बढ़ा सकता है।
खबर विस्तार : -
मुंबईः भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड यानी सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि एनएसई के लिए अपनी बहुप्रतीक्षित आईपीओ योजनाओं को आगे बढ़ाने में अब कोई बाधा नहीं है। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या इस साल दिवाली से पहले एनएसई आईपीओ आ सकता है, तो उन्होंने इस मामले में किसी भी समयसीमा पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
एनएसई के प्रबंध निदेशक और सीईओ आशीष कुमार चौहान ने जून महीने की शुरुआत में कहा था कि एनएसई पूंजी बाजार नियामक से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट यानी एनओसी का इंतजार कर रहा है। एक बार यह सर्टिफिकेट मिल गया, तो स्टॉक एक्सचेंज बहुप्रतीक्षित आईपीओ के लिए अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू कर देगा। यह भी कहा था कि एनओसी मिलने के बाद हम अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) तैयार करेंगे और फिर, हम इसे सेबी को वापस भेज देंगे। इसके बाद, वे इसे मंजूरी देने के लिए अपना समय लेंगे। वहीं दूसरी तरफ सेबी के चेयरमैन ने मई 2025 में कहा था कि एनएसई आईपीओ से जुड़े पेंडिंग मुद्दों को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा और नियामक इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा। फिलहाल, 'एफई सीएफओ अवॉर्ड्स' में सेबी के चेयरमैन ने कहा कि बाजार में हेरफेर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और वे इस पर कड़ी नजर रखेंगे, क्योंकि एसएमई आईपीओ में हेरफेर की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
सेबी ने एसएमई आईपीओ से जुड़े कई आदेश किए जारी
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई पूंजी बाजार नियामक ने पिछले कुछ दिनों में एसएमई आईपीओ से संबंधित कई महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं, जिसमें इश्यू सब्सक्रिप्शन में हेरफेर, गलत खुलासे, फंड साइफनिंग और अन्य अनियमितताओं से संबंधित गंभीर आरोप लगाये गये हैं। इसलिए सेबी प्रमुख ने कहा कि हम लगातार इस पर नजर रखेंगे। बाजार में हेरफेर के मामले में हम आगे चलकर बहुत सख्त रुख अपनाएंगे। यह भी बताया कि डेरिवेटिव ट्रेडों, खासकर इंडेक्स ऑप्शंस में हेरफेर का मुद्दा भी सामने आया है और सेबी इन मुद्दों की जांच कर रहा है।
अन्य प्रमुख खबरें
-
₹1,785 के अपर प्राइस बैंड पर ₹22,561 करोड़ का इश्यू, कमजोर वित्तीय प्रदर्शन ने बढ़ाई चिंता
2026-09-21
-
AN-32 की जगह आएंगे 60 नए विमान, IAF की ताकत होगी और मजबूत
2026-09-21
-
माइक्रोसॉफ्ट का चौथा क्लाउड रीजन लॉन्च, एआई को मिलेगी नई रफ्तार
2026-09-21
-
सिम का गलत इस्तेमाल पड़ा भारी, 3 साल जेल और 50 लाख जुर्माना!
2026-09-21
-
एफपीआई केवाईसी में बड़ी राहत, विदेश में प्रमाणित दस्तावेज अब मान्य
2026-09-21
-
मजबूत डॉलर का असर: सोना-चांदी फिसले, MCX पर कीमतों में 0.70% तक गिरावट
2026-09-21
-
घरेलू सर्राफा बाजार में तेजी से महंगा हुआ सोना, चांदी ने पकड़ी रफ्तार
2026-09-20
-
अगले हफ्ते खुलेंगे 18 कंपनियों के आईपीओ, देखें पूरी लिस्ट
2026-09-20
-
घरेलू बाजार में सस्ता हुआ सोना, 620 रुपये तक घटे दाम
2026-09-18
-
NSE IPO का क्रेज कम! एक हफ्ते में 32% गिरा GMP, निवेशक परेशान
2026-09-17
-
एन चंद्रशेखरन के मामले में टाटा ट्रस्ट और टाटा संस आमने-सामने
2026-09-17
-
यूपीआई एमडीआर पर ब्रोकर्स की टेंशन बढ़ी, सेबी ने दिया जांच का भरोसा
2026-09-17
-
पेट्रोल-डीजल और ATF निर्यात पर टैक्स कटौती, विंडफॉल शुल्क घटा
2026-09-17
-
सेंसेक्स फिसला, निफ्टी संभला; PSU शेयरों में खरीदारी से बाजार को सहारा
2026-09-17
-
UPI पर नहीं लगेगा कोई शुल्क, यूजर्स को बड़ी राहत; MDR मजबूत
2026-09-16