लालबाग महागणपति पंडाल के पास करंट फैलने से 8 वर्षीय बच्ची समेत दो की मौत, आदित्य ठाकरे ने जताया दुख

खबर सार :-

मुंबई के कालाचौकी स्थित लालबाग महागणपति पंडाल के पास करंट फैलने से 8 वर्षीय रागिनी यादव समेत दो लोगों की मौत हो गई। हादसे में तीन अन्य श्रद्धालु घायल हैं।
लालबाग महागणपति पंडाल के पास करंट फैलने से 8 वर्षीय बच्ची समेत दो की मौत

खबर विस्तार : -

मुंबईः कालाचौकी इलाके में लालबाग महागणपति पंडाल के पास करंट फैलने की घटना में 8 वर्षीय बच्ची समेत दो लोगों की मौत हो गई। हादसे में तीन अन्य श्रद्धालु घायल हुए हैं, जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। घटना देर रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है, जब पंडाल के आसपास बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। हादसे पर शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि मुंबई के कालाचौकी महागणपति मंडप इलाके में करंट लगने की घटना बेहद दुखद है। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाली 8 वर्षीय बच्ची और अन्य श्रद्धालुओं के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

पांच श्रद्धालुओं को लगा बिजली का झटका

फायर ब्रिगेड से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, घटना रविवार देर रात करीब 2 बजे हुई। इस दौरान 8 से 20 वर्ष की उम्र के दो लड़कों और तीन लड़कियों को बिजली का झटका लगा और वे झुलस गए। हादसे के तुरंत बाद सभी पांच पीड़ितों को इलाज के लिए बायकुला स्थित मसीना हॉस्पिटल ले जाया गया। डॉक्टरों ने 8 वर्षीय रागिनी घनश्याम यादव को अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया।

घटना में घायल किरण अकबर नाइक (19), तन्वी नरश हांडे (19), साहिल संदीप तारे (19) और रूही सिंह (12) का इलाज शुरू किया गया। घायलों में एक लड़की की हालत गंभीर होने के बाद उसे आगे के इलाज के लिए परेल स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, ग्लोबल हॉस्पिटल में भर्ती एक महिला की भी चोटों के कारण बाद में मौत हो गई। वहीं, बाकी तीन घायलों का मसीना हॉस्पिटल में इलाज जारी है और उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया है। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

बच्ची की मौसी ने बताया हादसे का घटनाक्रम

रागिनी की मौसी किस्मती यादव ने बताया कि परिवार रात करीब 2 बजे इलाके में पहुंचा था। उन्होंने कहा कि करीब 2:15 बजे वे लोग सड़क पर लगी लाइन में खड़े थे। भीड़ अधिक होने के कारण वे बच्ची को लेकर मंडप के बगल में एक दुकान के पास साइड में रुक गए। किस्मती यादव के अनुसार, दुकान के सामने तिरपाल लगाया गया था, जिसमें पानी जमा था। भीड़ बढ़ने और तिरपाल पर दबाव पड़ने के बाद वहां करंट फैल गया। उनका कहना है कि संभवत: पानी में पहले से ही बिजली का करंट मौजूद था। इस हादसे में रागिनी की जान चली गई। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

गणपति उत्सव के दौरान मुंबई के प्रमुख पंडालों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में बिजली के तारों, अस्थायी ढांचों और पानी के जमाव से जुड़े सुरक्षा इंतजाम बेहद महत्वपूर्ण हो जाते हैं। लालबाग महागणपति पंडाल के पास हुई इस घटना ने भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों पर विद्युत सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल घटना की परिस्थितियों और करंट फैलने की वास्तविक वजह की जांच की जानी बाकी है। हादसे के बाद प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की ओर से सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की उम्मीद है। इस घटना में दो लोगों की मौत और तीन लोगों के घायल होने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है।

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