भारत की स्वदेशी एयरोस्पेस क्षमता को मिली बड़ी मजबूती, एक कार्यक्रम में तीन अहम उपलब्धियां

खबर सार :-

भारत ने स्वदेशी एयरोस्पेस क्षेत्र में तीन बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। HAL ने वायुसेना को तेजस एफओसी ट्विन सीटर ट्रेनर और एचटीटी-40 सौंपे, जबकि ध्रुव एनजी को DGCA टाइप सर्टिफिकेशन मिला।
तेजस, HTT-40 और ध्रुव NG से स्वदेशी क्षमता को मिली मजबूती

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: भारत ने स्वदेशी एयरोस्पेस क्षमता के क्षेत्र में शुक्रवार को तीन महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने भारतीय वायुसेना को एलसीए तेजस के एफओसी ट्विन सीटर ट्रेनर की अंतिम खेप और एचटीटी-40 बेसिक ट्रेनर विमान सौंपे। इसी कार्यक्रम में पवन हंस लिमिटेड को स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित ध्रुव एनजी नागरिक हेलीकॉप्टर भी सौंपा गया। इसके साथ ही ध्रुव एनजी को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की ओर से टाइप सर्टिफिकेशन प्रदान किया गया। कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मौजूद रहे।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस अवसर पर कहा कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने भारत की एयरोस्पेस क्षमता निर्माण की यात्रा में खुद को एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने विमान निर्माण, हेलीकॉप्टर विकास, विमानों के रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल तथा एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण क्षमताएं विकसित की हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि भारत की स्वदेशी एयरोस्पेस क्षमता, तकनीकी आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव है। एक ही मंच पर लड़ाकू विमान प्रशिक्षण, बुनियादी उड़ान प्रशिक्षण और नागरिक हेलीकॉप्टर निर्माण से जुड़ी उपलब्धियों का सामने आना देश के एयरोस्पेस क्षेत्र के विस्तार को दर्शाता है।

तेजस ट्रेनर की अंतिम खेप वायुसेना को सौंपी

एलसीए तेजस एफओसी ट्विन सीटर ट्रेनर की अंतिम खेप भारतीय वायुसेना को सौंपना देश के स्वदेशी सैन्य एयरोस्पेस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। तेजस कार्यक्रम भारत की एयरोस्पेस यात्रा के सबसे महत्वाकांक्षी और चुनौतीपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल रहा है। ट्विन सीटर ट्रेनर विमान का इस्तेमाल पायलट प्रशिक्षण के लिए किया जाएगा। इससे भारतीय वायुसेना के पायलटों को स्वदेशी लड़ाकू विमान प्लेटफॉर्म पर प्रशिक्षण हासिल करने का अवसर मिलेगा। एलसीए कार्यक्रम में देश में विकसित वैमानिकी, विमान प्रणालियों और विनिर्माण क्षमताओं का व्यापक इस्तेमाल किया गया है।

एचटीटी-40 से बुनियादी प्रशिक्षण में आत्मनिर्भरता

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने स्वदेशी रूप से विकसित एचटीटी-40 बेसिक ट्रेनर विमान का श्रृंखला उत्पादन वाला विमान भी भारतीय वायुसेना को सौंपा। एचटीटी-40 को शुरुआती और बुनियादी उड़ान प्रशिक्षण की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। इस विमान में आधुनिक एवियोनिक्स, प्रशिक्षण से जुड़ी प्रणालियां और सुरक्षा सुविधाएं शामिल हैं। इसके स्वदेशी निर्माण से बुनियादी विमान प्रशिक्षण के क्षेत्र में विदेशी प्लेटफॉर्म पर निर्भरता कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। आधुनिक सुविधाओं के कारण एचटीटी-40 में अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात की संभावनाएं भी देखी जा रही हैं।

ध्रुव एनजी को मिला DGCA टाइप सर्टिफिकेशन

नागरिक हेलीकॉप्टर क्षेत्र में भी भारत ने शुक्रवार को अहम कदम आगे बढ़ाया। स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित ध्रुव एनजी नागरिक हेलीकॉप्टर पवन हंस लिमिटेड को सौंपा गया। इस अवसर पर हेलीकॉप्टर को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय की ओर से टाइप सर्टिफिकेशन भी प्रदान किया गया। ध्रुव एनजी में स्वदेशी शक्ति इंजन को शामिल किया गया है, जिसे नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से प्रमाणन मिल चुका है। स्वदेशी इंजन के सफल एकीकरण को भारत की नागरिक एयरोस्पेस क्षमता के लिहाज से महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

ध्रुव एनजी का इस्तेमाल पहली बार समुद्र में तेल और गैस संबंधी अभियानों के लिए तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) द्वारा किया जाएगा। इससे देश में स्वदेशी नागरिक हेलीकॉप्टरों के व्यावसायिक इस्तेमाल का एक नया रास्ता खुलने की उम्मीद है।

डिजाइन से वैश्विक बाजार तक क्षमता विकसित करने पर जोर

रक्षा मंत्री ने कहा कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को ऐसा संगठन बनाने की दिशा में आगे बढ़ना होगा, जो डिजाइन, विकास, निर्माण, प्रमाणन, पूरे सेवा-काल के दौरान सहायता और वैश्विक विपणन जैसे सभी क्षेत्रों में विश्वस्तरीय क्षमता प्रदर्शित करे। उन्होंने युवा वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, डिजाइनरों, परीक्षण पायलटों और तकनीशियनों से नई तकनीकों के विकास की चुनौती स्वीकार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश को ऐसी तकनीक विकसित करने की दिशा में काम करना चाहिए, जो वर्तमान में दुनिया में मौजूद नहीं है।

शुक्रवार को हुई ये तीनों उपलब्धियां, तेजस ट्रेनर की अंतिम खेप की आपूर्ति, एचटीटी-40 का स्वदेशी उत्पादन और ध्रुव एनजी को नागरिक प्रमाणन भारत की सैन्य और नागरिक, दोनों एयरोस्पेस क्षमताओं के विस्तार को रेखांकित करती हैं। इससे देश के विमान और हेलीकॉप्टर निर्माण क्षेत्र में स्वदेशी डिजाइन, विकास, उत्पादन और प्रमाणन क्षमताओं को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार हुआ है।

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