शेखपुरा के कुसुंभा में महिलाएं गुस्से में लाल, बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र घोषित न होने पर अधिकारियों से छीना-झपटी

खबर सार :-

शेखपुरा क्षेत्र को बाढ़ ग्रस्त घोषित करने की मांग चल रही है। यहां लोग अनशन भी कर रहे हैं। इनकी मांग पूरी न होने पर आज महिलाएं अधिकारियों के पास पहुंच गईं। उन्होंने नारेबाजी करते हुए पुलिस की रायफल छीनने की काशिश की। झाड़ू भी चलाया।
शेखपुरा के कुसुंभा में फूटा गुस्सा, महिलाओं ने अधिकारियों पर झाड़ू फेरा, हथियार खींचे

खबर विस्तार : -

शेखपुरा, बिहार के शेखपुरा घाट कुसुंभा प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ का सामना कर रहे लोगों का गुस्सा आज फूट पड़ा। मांगों को लेकर यहां लोगों का आमरण अनशन चल रहा था। आरोप है कि इन लोगों के आमरण अनशन पर किसी अधिकारी का ध्यान नहीं गया। इसीलिए शुक्रवार को ग्रामीण उग्र हो गए और इनमें शामिल महिलाओं ने अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस के हथियारों की छीना झपटी करने लगीं। भीड़ के बीच एक महिला ने अधिकारी के ऊपर झाड़ू भी चला दिया।

दरअसल, बिहार के शेखपुरा का घाट कुसुंभा में प्रखंड क्षेत्र बाढ़ की चपेट में है। यहां की बस्तियों में कई ऐसे घर हैं, जिन पर उनके अंदर तक पानी भरा हुआ है। प्रखंड क्षेत्र को बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग चल रही थी। इसी मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने आमरण अनशन चला रखा था। शुक्रवार को ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी कार्यालय को घेर कर नारेबाजी शुरू कर दी। स्थानीय लोग एकजुट हुए और अंचल अधिकारी कार्यालय पहुंच गए थे। 

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कई दर्जन महिलाओं ने शुरू कर दी नारेबाजी

महिलाएं हंगामा कर नारेबाजी करने लगे। कार्यालय के बाहर महिलाओं की भी भीड़ थी। कई दर्जन महिलाएं अधिकारियों के पास पहुंची और उनकी घेराबंदी कर ली। हाथ में झाड़ू उठाकर नारेबाजी कर रही महिलाओं ने अधिकारियों के साथ अभद्रता भी की। इसी भीड़ में शामिल एक महिला ने अंचल अधिकारी पर झाड़ू चला दिया। अधिकारी के सिर पर यह झाड़ू लगी।

अंचल अधिकारी का आरोप है कि स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों को बंधक बना लिया और पुलिस कर्मियों के हथियार छीनने की कोशिश की। मामला बाढ़ से जुड़ा हुआ है। प्रखंड क्षेत्र के लोग 15 दिन से अपनी मांग कर रहे हैं। उनका कहना है की घरों में पानी भरा हुआ है। सैकड़ों ऐसे लोग हैं, जिनके घर में खाना नहीं बन रहा है। वही, इधर-उधर किसी तरह से अपना जीवन चला रहे हैं। उनमें से ही कुछ लोगों ने आमरण अनशन चला रखा है। इसी क्षेत्र को बाढ़ ग्रस्त घोषित करने की मांग की जा रही है। 

ग्रामीणों को अधिकारियों ने दिया आश्वासन

जब उनकी बात नहीं सुनी गई तो वह आंदोलन के लिए अग्रसर हो उठे। ज्यादातर महिलाएं पुलिस के साथ भिड़ती हुई नजर आईं। हालांकि, कुछ समझदार लोगों ने महिलाओं को समझाने की कोशिश की। बीच बचाव कर उनको घर भेजा गया। इसके बाद अंचल अधिकारी धरना स्थल पर भी पहुंचे। वहां उन्होंने अनशन करने वालों को समझाया और बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग कर रहे लोगों की समस्या को ऊपर अधिकारियों तक भेजने का आश्वसन दिया।

इस दौरान एसडीएम प्रियंका कुमारी ने पत्रकारों को बताया कि ग्रामीण बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी मांग को जिलाधिकारी तक पहुंचा दिया गया है। उनकी अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की जाएगी। उसके बाद विभागीय स्तर पर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि डीएम के निर्देशों का पालन किया जाएगा। कहा है की बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में सरकार की तरफ से ज़रूरी चीज़ पहुंचाई जा रही हैं। 

क्षेत्र में चल रहा है आमरण अनशन

उन्होंने बताया कि जो व्यवहार आज ग्रामीण महिलाओं ने किया है, वह बेहद निंदनीय है। इनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वीडियो में कुछ ऐसी चीज दिख रही हैं, जिनसे यह प्रतीत होता है कि सीओ और वीडियो को बंधक बनाया गया है। इस मामले में पूर्व विधायक विजय सम्राट ने कहा कि स्थानीय लोगों की मांग उचित है। वहीं, अनशन पर बैठे पप्पू राज मंडल ने अपनी पीड़ा बताई है। उन्होंने कहा कि उनकी तबीयत खराब होने लगी है।

जब जनता ने कार्यालय का घेराव करना शुरू कर दिया तब अधिकारियों को यहां आना उचित लगा। उन्होंने कहा कि अधिकारी तानाशाही कर रहे हैं। वह लोगों से बात भी नहीं कर रहे हैं। उनका कहना था कि कई दिनों से धरना चल रहा है। अधिकारियों को इसकी जानकारी है। पहले से भी बताया गया था। उनकी परेशानी पर अधिकारियों का ध्यान नहीं जा रहा है। 

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