विजयवाड़ा में SAAP कार्यालय के बाहर YSRCP और खेल कोटा शिक्षकों का प्रदर्शन, बढ़ा तनाव

खबर सार :-

विजयवाड़ा में SAAP कार्यालय के बाहर YSRCP और खेल कोटे से नियुक्त शिक्षकों के प्रदर्शन के दौरान तनाव रहा। YSRCP ने DSC भर्ती में कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग की।
SAAP कार्यालय के बाहर खेल कोटा शिक्षकों का प्रदर्शन

खबर विस्तार : -

विजयवाड़ा: आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में सोमवार को स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ आंध्र प्रदेश (SAAP) कार्यालय के बाहर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के प्रदर्शन और खेल कोटे से नियुक्त शिक्षकों के जवाबी प्रदर्शन के दौरान तनाव की स्थिति बन गई। दोनों पक्षों की ओर से नारेबाजी के बीच पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए SAAP कार्यालय के आसपास बैरिकेडिंग की गई और प्रदर्शनकारियों को परिसर में प्रवेश करने से रोका गया।

YSRCP ने मेगा DSC-2025 में खेल कोटे के तहत शिक्षक नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए SAAP कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। पार्टी ने मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे की मांग की। पार्टी का आरोप है कि खेल कोटा नियुक्तियों में योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी कर कथित तौर पर संदिग्ध प्रमाणपत्रों के आधार पर कुछ लोगों को नियुक्तियां दी गईं।

खेल कोटा शिक्षकों ने आरोपों को बताया गलत

YSRCP के प्रदर्शन के बीच खेल कोटे के तहत नियुक्त फिजिकल एजुकेशन टीचर्स (PETs) भी SAAP कार्यालय पहुंचे। शिक्षकों का कहना था कि उनके खिलाफ निराधार और गलत प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर अपने चयन से जुड़े दस्तावेजों और प्रमाणपत्रों के आधार पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। शिक्षकों ने कहा कि उनका चयन निर्धारित नियमों, खेल उपलब्धियों और पात्रता के आधार पर हुआ है। उन्होंने YSRCP के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके पास अपनी खेल उपलब्धियों और प्रमाणपत्रों से संबंधित दस्तावेज मौजूद हैं।

नारेबाजी के बाद बढ़ा तनाव

SAAP कार्यालय के बाहर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने मुख्य गेट बंद कर दिया और प्रदर्शनकारियों को अलग-अलग रखने का प्रयास किया। रिपोर्टों के अनुसार, YSRCP कार्यकर्ताओं को कार्यालय परिसर में प्रवेश करने से रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की। YSRCP ने पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। पार्टी ने आरोप लगाया कि उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए विभिन्न स्थानों पर हिरासत में लिया गया। पार्टी के अनुसार, पूर्व मंत्री अंबाती रामबाबू समेत कुछ नेताओं को काजा टोल प्लाजा के पास रोका गया। अन्य नेताओं की हिरासत की भी पार्टी ने जानकारी दी है।

YSRCP ने मांगी CBI जांच

प्रदर्शन में YSRCP राजनीतिक मामलों की समिति के सदस्य और पूर्व विधायक बोला ब्रह्मनायडू समेत कई नेता शामिल हुए। पार्टी नेताओं ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र जांच जरूरी है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की CBI जांच कराकर योग्य DSC अभ्यर्थियों को न्याय दिया जाए। YSRCP प्रवक्ता कोंडा राजीव ने आरोप लगाया कि सरकार भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सवालों का जवाब देने के बजाय पुलिस कार्रवाई के जरिए विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोक रही है। पार्टी ने कहा है कि वह कथित अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर अपना आंदोलन जारी रखेगी।

अधिकारियों ने चयन प्रक्रिया पर दी सफाई

वहीं, सरकारी अधिकारियों ने खेल कोटा नियुक्तियों को लेकर लगाए जा रहे आरोपों का खंडन किया है। आंध्र प्रदेश स्कूल एजुकेशन कमिश्नर तमीम अंसारिया और SAAP के वाइस चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर भरनी ने आधिकारिक रिकॉर्ड, भर्ती नियमों और सत्यापन रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि खेल कोटे के तहत चयनित उम्मीदवार पात्रता मानकों पर खरे उतरे और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया। इस पूरे विवाद में एक ओर YSRCP स्वतंत्र जांच की मांग कर रही है, वहीं खेल कोटे से नियुक्त शिक्षक अपने चयन को नियमों के अनुरूप बता रहे हैं। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया से जुड़े आरोपों और आधिकारिक रिकॉर्ड के बीच वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए दस्तावेजी जांच महत्वपूर्ण होगी।

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