राष्ट्रपति भवन में 7 नवंबर से नए समय पर होगा ‘चेंज ऑफ गार्ड’ समारोह, देखने उमड़ते हैं लोग

खबर सार :-

राष्ट्रपति भवन में ‘चेंज ऑफ गार्ड’ समारोह का आयोजन अब 7 नवंबर से सुबह 8 बजे से 9 बजे के बीच होगा। यह बदलाव हर साल सर्दियों के मौसम में तय समय के अनुसार किया जाता है।
राष्ट्रपति भवन में 7 नवंबर से सुबह 8 बजे होगा ‘चेंज ऑफ गार्ड’ समारोह

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में हर शनिवार को होने वाला 'चेंज ऑफ गार्ड' (रक्षक परिवर्तन) समारोह 7 नवंबर से सुबह 8:00 बजे से 9:00 बजे के बीच आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में गुरुवार को एक आधिकारिक बयान जारी किया गया। यह नया समय सर्दियों के मौसम के लिए तय किए गए वार्षिक कार्यक्रम का हिस्सा है। यह पारंपरिक समारोह भारतीय सशस्त्र बलों की सटीकता, अनुशासन और विरासत को दर्शाता है। गर्मियों के मौसम में राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में 'चेंज ऑफ गार्ड' समारोह सुबह 7:30 बजे से 8:30 बजे तक आयोजित किया जाता था।

यह समारोह राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में होता है और इसे देखने के लिए पर्यटकों, छात्रों और आम जनता सहित बड़ी संख्या में लोग आते हैं। वे मार्च करते हुए सैनिकों के दस्तों, मिलिट्री बैंड और विभिन्न इकाइयों के बीच औपचारिक रूप से जिम्मेदारियों के हस्तांतरण के इस शानदार नजारे को देखने आते हैं। 'चेंज ऑफ गार्ड' एक औपचारिक सैन्य समारोह है, जो दुनिया भर की कई प्रमुख जगहों पर आयोजित किया जाता है। इनमें लंदन का बकिंघम पैलेस, दिल्ली का राष्ट्रपति भवन और अमेरिका के अर्लिंग्टन में स्थित 'टॉम्ब ऑफ द अननोन सोल्जर' (अज्ञात सैनिक की समाधि) शामिल हैं।

अपनी जिम्मेदारियां दूसरों को सौंपते हैं सैनिक 

इस समारोह में एक ऐसी परंपरा का पालन किया जाता है, जिसमें सैनिक सार्वजनिक रूप से औपचारिक तौर पर अपनी जिम्मेदारियां दूसरों को सौंपते हैं। राष्ट्रपति भवन में, 30 मिनट का यह 'चेंज ऑफ गार्ड' समारोह हर शनिवार सुबह आयोजित किया जाता है। यदि उस दिन कोई सरकारी छुट्टी (गजेटेड हॉलिडे) हो या राष्ट्रपति भवन प्रशासन द्वारा ऐसा कोई निर्देश दिया जाए, तो उस दिन यह समारोह आयोजित नहीं किया जाता है। 

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समय के साथ इस समारोह में हुए कई बदलाव

'चेंज ऑफ गार्ड' एक सैन्य परंपरा है, जिसमें महलों, किलों और रक्षा प्रतिष्ठानों पर तैनात प्रहरियों और संतरियों को समय-समय पर बदल दिया जाता है, ताकि सैनिकों का एक नया दस्ता कार्यभार संभाल सके। राष्ट्रपति भवन में, 'सेरेमोनियल आर्मी गार्ड बटालियन' भारत के राष्ट्रपति के लिए औपचारिक प्रहरियों और संतरियों की तैनाती की जिम्मेदारी संभालती है। समय के साथ इस समारोह में कई बदलाव किए गए हैं, जिसमें इसके आयोजन स्थल में बदलाव भी शामिल है—ताकि इसे और अधिक आकर्षक बनाया जा सके और आम जनता के लिए सुलभ किया जा सके। अब इसमें राष्ट्रपति के अंगरक्षक (प्रेसिडेंट्स बॉडीगार्ड - PBG) भी शामिल होते हैं, जो अपनी पारंपरिक औपचारिक वेशभूषा में नजर आते हैं। इसके अलावा, इस कार्यक्रम का स्थान बदलकर राष्ट्रपति भवन के सामने के प्रांगण में कर दिया गया है, जिससे आम जनता के लिए इसमें शामिल होना आसान हो गया है।

PBG के जवानों से होती है समारोह की शुरुआत

समारोह की शुरुआत PBG (राष्ट्रपति अंगरक्षक) के जवानों से होती है, जो शानदार ढंग से तैयार और शक्तिशाली घोड़ों पर सवार होकर 'जयपुर कॉलम' के पीछे से बाहर आते हैं। इस दौरान सेना का ब्रास बैंड संगीत बजाता है। उनके पीछे परेड कमांडर आते हैं, जिनके आदेश पर गार्ड आगे बढ़ते हैं। निरीक्षण के बाद नया गार्ड (incoming guard) पुराने गार्ड (outgoing guard) के बगल में अपनी जगह लेता है और दोनों एक-दूसरे को 'राष्ट्रीय सलामी' (National Salute) देते हैं। इसके बाद, नया गार्ड संतरी और पहरेदारों की जिम्मेदारी संभाल लेता है। समारोह का समापन PBG द्वारा घोड़ों पर किए जाने वाले प्रदर्शन और राष्ट्रगान के साथ होता है।

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