उत्तराखंड हिमस्खलन में दो शव मिले, आठ लोग हुए थे लापता

खबर सार :-

29 अक्टूबर को उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में हिमस्खलन हुआ था। 12 सदस्यीय पर्वतारोहियों का दल केदारताल झील से नीचे उतर रहा था। इसी दौरान केदार खड़क के पास यह दल हिमस्खलन की चपेट में आ गया था।
12 पर्वतारोही हिमस्खलन की चपेट में, बर्फ में दबे मिले दो शव

खबर विस्तार : -

कोलकाता, केदारताल क्षेत्र उत्तराखंड के दुर्गम स्थानों में गिना जाता है। यहां पर पिछले दिनों हिमस्खलन हुआ था। इसमें लापता लोगों की ट्रेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान एक महिला और एक पुरुष का शव मंगलवार को बरामद किए गए हैं। दोनों शव बर्फ में दबे हुए मिले हैं। माना जा रहा है कि हिमस्खलन की चपेट में आकर लापता हुए आठ लोगों में ही दो शव मिले है। मंगलवार रात इसकी सूचना बांकुड़ा जिला प्रशासन को दी गई। अभी तक बुधवार के दिन भी  दोनों शवों की पहचान की जा सकी है। 

उत्तर प्रदेश की दो महिला ट्रेकर लापता

दो शव मिलने के बाद जानकारी दी गई है कि 29 अक्टूबर को हिमस्खलन हुआ था। यह उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में केदारताल झील के पास का मामला बताया जा रहा है। इससे नीचे उतरते समय 12 सदस्यीय पर्वतारोहियों का दल हिमस्खलन में घिर गया। हिमस्खलन के समय चार लोग सुरक्षित लौट आ गए थे। इनमें ही बांकुड़ा के पांच युवक फंस गए थे। उत्तर प्रदेश की दो महिला ट्रेकर और एक स्थानीय गाइड भी इनमें थे। कुल आठ लोगों के लापता होने की जानकारी मिली थी। जो लोग लापता हुए थे, उनमें बांकुड़ा जिले के पांच मित्र रिंटू मंडल, तापस बाउरी, रतन घोष, उदय घोष और मनोज खवास शामिल हैं। रिंटू, तापस, रतन और उदय बांकुड़ा-दो प्रखंड के आंचुड़ी शालबनी के निवासी हैं। मनोज इसी प्रखंड के केशरा का रहने वाला है। युवक 23 से 40 वर्ष के बीच के हैं। 

शवों की पहचान नहीं हो सकी

उत्तराखंड आपदा प्रबंधन बल, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान और अन्य बचाव दलों ने संयुक्त रूप से मंगलवार सुबह करीब 7ः30 बजे तलाशी अभियान शुरू किया। केदार खड़क के पास तलाशी के दौरान दो शव मिलने की जानकारी उत्तरकाशी के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने दी हैं। जो लोग लापता हैं, उनकी तलाशी के लिए बुधवार को फिर से अभियान चलाया जाएगा। बताया जा रहा है कि रिंटू और तापस स्पंज एक कारखाने में काम करते हैं। रतन अपने पिता के साथ चाय दुकान चलाता हैं। उदय बड़जोड़ा में कारखाना कर्मी, जबकि मनोज भवन कारीगर है। 

फोन से नहीं हो पा रहा था संपर्क

बताया जा रहा है कि यह पांचों युवक इससे पहले भी कई बार ट्रेकिंग पर जा चुके थे। इनकी यात्रा 24 अक्टूबर को बांकुड़ा से शुरू हुई थी। यदि रिंटू के बड़े भाई सिंटू मंडल की बात मान लें तो 26 अक्टूबर को उनकी भाई से फोन पर बात हुई थी। यह उस समय की आखिरी बर बातचीत थी। उसके बाद मोबाइल पर किसी से संपर्क नहीं हो पाया। इस मामले में अब नया मोड़ आया है। इसमें दो लोगों के शव मिलने की खबर के बाद परिवार में अनहोनी का भय व्याप्त है। यद्यपि आशा की किरण आखिरी पल तक रहती है, उनके परिवार को उम्मीद है कि वह वापस आएगा। इधर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर जानकारी दी कि राज्य सरकार उत्तराखंड सरकार के साथ लगातार संपर्क में है। 

उत्तरकाशी प्रशासन के साथ किया जा रहा संपर्क

उधर, बांकुड़ा के विधायक नीलाद्रिशेखर दाना और बांकुड़ा-दो प्रखंड के बीडीओ साहिद अली ने शालबनी भी गांव पहुंचे थे। उन्होंने लापता युवकों के परिजनों से मुलाकात कर स्थिति को साझा किया। बांकुड़ा के जिलाधिकारी अनीश दासगुप्ता ने उत्तरकाशी प्रशासन के साथ संपर्क बनाए रखने की जानकारी दी। इस घटना की पूरी जानकारी अभी तक किसी को नहीं है। जो शव मिले हैं, उनकी भी पहचान नहीं की जा सकी है। पूरे घटनाक्रम पर नजर रखने और दोनों राज्यों के बीच समन्वय के लिए एडीजी (कानून-व्यवस्था) और बांकुड़ा के पुलिस अधीक्षक को जिम्मेदारी सौंपने की जानकारी राज्य के सीएम ने पोस्ट कर दिया है। उधर, जो लोग लापता हुए हैं, उनकी जानकारी जुटाने के लिए इनके परिजनों में सात लोग रवाना हुए हैं। 

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