आंध्र प्रदेश में ओंगोल के पास मुरासु तूफान का लैंडफॉल, 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं तूफानी हवाएं, तटीय जिलों में बाढ़ का खतरा

खबर सार :-

बंगाल की खाड़ी में बना गंभीर चक्रवाती तूफान 'मुरासु' मंगलवार सुबह आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले में तट से टकरा गया। 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं और भारी बारिश के कारण तटीय इलाकों में आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग ने अगले 12 घंटों के लिए कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
Cyclone Murasu Landfall: आंध्र प्रदेश में भारी तबाही, 120 किमी की रफ्तार से चलीं हवाएं

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली : दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में प्राकृतिक आपदा का खतरा मंडरा रहा है। बंगाल की खाड़ी से उठा गंभीर चक्रवाती तूफान 'मुरासु' मंगलवार सुबह करीब एक बजे आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र से टकरा गया। मौसम विभाग के अनुसार, इस तूफान का लैंडफॉल प्रकाशम जिले के ओंगोल शहर के पास हुआ है। तूफान के जमीन से टकराने की प्रक्रिया के दौरान 110 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से हवाएं चलीं। हवाओं के साथ-साथ तटीय जिलों में मूसलाधार बारिश भी शुरू हो गई है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि तट से टकराने की यह प्रक्रिया लगभग दो घंटे तक चली, जिसके असर से तटीय क्षेत्रों में पेड़ उखड़ गए और बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, चक्रवात मुरासु का केंद्र दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट के बेहद करीब पहुंच गया था। लैंडफॉल के दौरान तूफान के बाहरी हिस्से के बादल और उसकी मुख्य आंख ने जमीन को स्पर्श किया। यह मुख्य बिंदु ओंगोल से लगभग 40 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व, कवाली से 60 किलोमीटर उत्तर-पूर्व और बापटला से 70 किलोमीटर दक्षिण दिशा में स्थित था। मौसम विभाग का कहना है कि यह मौसमी प्रणाली नेल्लोर से नरसापुर के बीच केंद्रित रही, जिससे आसपास के सभी इलाकों में तेज हवाओं का दौर बना रहा।

ये भी पढ़ें:- न्याय का मतलब सिर्फ अदालत पहुंचना नहीं, आम आदमी को लाभ मिले: CJI सूर्यकांत

तटीय जिलों में 1.5 मीटर ऊंची तूफानी लहरों का जोखिम

तेज रफ्तार हवाओं के साथ ही समुद्र में ऊंची लहरें उठने से निचले इलाकों में पानी भरने का संकट खड़ा हो गया है। मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बापटला, कृष्णा और प्रकाशम जिलों के तटीय क्षेत्रों में समुद्र में सामान्य ज्वार से 1 से 1.5 मीटर ऊंची तूफानी लहरें उठ सकती हैं। यह स्थिति बुधवार सुबह तक बनी रहने की संभावना जताई गई है। समुद्र के इस उफान के कारण किनारे बसे गांवों और बस्तियों में पानी घुसने की पूरी आशंका है, जिसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।

तूफान के असर से दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के विस्तृत इलाकों में अगले 12 घंटों के दौरान रुक-रुक कर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर तड़के से ही मूसलाधार बारिश दर्ज की जा रही है, जिससे सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई है। तेज हवाओं के कारण मुख्य रास्तों पर पेड़ गिरने और बिजली के पोल टूटने से यातायात और बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। प्रशासन की ओर से आपदा राहत टीमों को प्रभावित इलाकों में तुरंत तैनात किया गया है ताकि सड़कों को साफ किया जा सके।

ये भी पढ़ेंः- अयोध्या में दीपोत्सव की भव्य तैयारी: सरयू तट पर 2147 अर्चक एक साथ करेंगे महाआरती, 30 लाख दीयों से सजेगी रामनगरी

तमिलनाडु के सीमावर्ती क्षेत्रों और चेन्नई में बचाव की तैयारी

आंध्र प्रदेश में चक्रवात के असर के साथ-साथ पड़ोसी राज्य तमिलनाडु के उत्तरी इलाकों में भी प्रशासनिक सतर्कता बढ़ा दी गई है। चक्रवात मुरासु के लैंडफॉल को देखते हुए चेन्नई और तिरुवल्लुर जिलों में एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। यद्यपि तूफान का मुख्य केंद्र आंध्र प्रदेश के ओंगोल में है, लेकिन तमिलनाडु के ये सीमावर्ती जिले तूफान के बाहरी प्रभाव क्षेत्र में आ रहे हैं।

ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन के आयुक्त जी.एस. समीरन ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया, "पिछले दो दिनों से चेन्नई कॉर्पोरेशन चक्रवात के संभावित असर को कम करने के लिए लगातार तैयारियां कर रहा था। आज यह प्रणाली एक गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले चुकी है और आंध्र प्रदेश के ओंगोल के पास इसका लैंडफॉल हुआ है। चूंकि चेन्नई और तिरुवल्लुर का कुछ हिस्सा आंध्र प्रदेश की सीमा के काफी करीब है, इसलिए हम पूरी तरह सतर्क हैं ताकि तूफान के बाहरी दायरे के असर से तुरंत निपटा जा सके।"

यह भी पढ़ें :- आजम खान ने ईडी की गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती, इसी हफ्ते होगी सुनवाई

राहत कार्य और प्रशासनिक कदम

आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें प्रभावित जिलों में लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। स्थानीय प्रशासन ने तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों और आश्रय गृहों में जाने की सलाह दी है। इसके अलावा, समुद्र में गए सभी मछुआरों को पहले ही तट पर लौटने के निर्देश दिए गए थे और स्थिति सामान्य होने तक समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। कृषि और बागवानी क्षेत्र को भी इस चक्रवात से नुकसान पहुंचने की आशंका व्यक्त की गई है। मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है। सरकार की ओर से जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि राहत और बचाव कार्यों में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए और प्रभावित लोगों तक भोजन तथा चिकित्सा सहायता तुरंत पहुंचाई जाए।

बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से उत्पन्न हुआ यह मौसमी बदलाव धीरे-धीरे गहराते हुए गंभीर चक्रवाती तूफान 'मुरासु' में तब्दील हो गया। भारत के पूर्वी तट, विशेष रूप से आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाके, हर साल मानसूनी और मानसून के बाद के मौसम में ऐसे चक्रवातों से प्रभावित होते रहे हैं। इससे पूर्व भी इस क्षेत्र में आए विभिन्न चक्रवातों के दौरान तटीय सुरक्षा और पूर्व चेतावनी प्रणालियों के माध्यम से जान-माल के नुकसान को कम करने के प्रयास किए जाते रहे हैं। मौसम विभाग द्वारा उपग्रहों और रडार के जरिए चक्रवात मुरासु की दिशा और रफ्तार पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि समय पर सही जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।

FAQ...

 

1. तूफान 'मुरासु' का लैंडफॉल कहाँ और कब हुआ?

चक्रवात मुरासु का लैंडफॉल मंगलवार सुबह करीब 1:00 बजे आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले में ओंगोल के पास हुआ।

2. लैंडफॉल के दौरान हवा की रफ्तार कितनी दर्ज की गई?

इस दौरान 110 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलीं।

3. चक्रवात के कारण किन जिलों में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा बना हुआ है?

प्रकाशम, बापटला और कृष्णा जिलों के निचले इलाकों में 1 से 1.5 मीटर ऊंची समुद्री लहरें उठने से जलभराव और बाढ़ का खतरा है।

4. तमिलनाडु और चेन्नई पर इस चक्रवात का क्या असर देखा जा रहा है?

चेन्नई और तिरुवल्लुर तूफान के बाहरी दायरे में आ रहे हैं, जिससे वहां तेज हवाओं और बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासनिक सतर्कता बढ़ा दी गई है।

5. प्रशासन और मौसम विभाग (IMD) द्वारा क्या प्रमुख सुरक्षा उपाय किए गए हैं?

उत्तर: निचले इलाकों से लोगों को safe आश्रय गृहों में भेजा गया है, मछुआरों को समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है और आपदा राहत टीमों (NDRF/SDRF) को तैनात किया गया है।

 

ये भी पढ़ें:- डीपफेक और एआई के दुरुपयोग पर भड़के मेगास्टार चिरंजीवी, केंद्रीय गृह मंत्री से लगाई सख्त कानून की गुहार

अन्य प्रमुख खबरें