इंदौर में आज से संघ का तीन दिवसीय मंथन, राष्ट्रीय सुरक्षा से संगठन विस्तार तक होगी चर्चा

खबर सार :-

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की इंदौर में आज से बैठक शुरू हो रही है। इसमें नशामुक्त भारत का मुद्दा प्रमुखता से उठेगा। संघ से प्रेरित विभिन्न संगठनों ने भी पिछली समन्वय बैठक में अपने-अपने क्षेत्रों में नशे के विरुद्ध अभियान चलाने की जरूरत बताई थी।
डॉ. भागवत करेंगे अभा कार्यकारी मंडल बैठक का शुभारंभ, 408 वरिष्ठ पदाधिकारी जुटेंगे

खबर विस्तार : -

इंदौर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का तीन दिवसीय मंथन आज से शुरू होने जा रहा है। इसमें सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत भी उपस्थित रहेंगे। अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक 4 नवंबर तक चलेगी। इसमें संघ के अगले चरण की गतिविधियों, संगठनात्मक पुनर्गठन और शताब्दी वर्ष के दौरान हुए कार्यों की समीक्षा की जाएगी। इंदौर के डेली कॉलेज में शुरू हुई बैठक में आरएसएस की भविष्य की प्राथमिकताएं निर्धारित की जाएंगी।  

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प्रचारक और सह प्रचारकों की बैठक में मौजूदगी रहेगी

आरएसएस की इंदौर में शुरू हुई बैठक में सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सभी छह सह सरकार्यवाह और देशभर से आए करीब 408 वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं। इनके साथ संघ के 11 क्षेत्र और 46 प्रांतों से संघचालक, सह संघचालक, कार्यवाह, सह कार्यवाह, प्रचारक और सह प्रचारकों की बैठक में मौजूदगी रहेगी। इस दौरान संगठन के कई महत्वपूर्ण मसलों पर चर्चा की जाएगी। देश के हालात, युवाओं के व्यवहार परिवर्तन और संगठन के विस्तार आदि पर मंथन किया जाएगा। 

शनिवार को एक पत्रकार वार्ता में अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बताया था कि देशभर में संघ की दैनिक शाखाओं की संख्या बढ़कर 1 लाख 1 हजार 151 हो गई है। यदि साप्ताहिक और मासिक मिलन को इसमें शामिल कर लिया जाए तो 1 लाख 10 हजार 849 स्थानों तक इसकी पहुंच है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपना शताब्दी वर्ष मनाने जा रहा है। इस मौके पर संगठन विस्तार के साथ राष्ट्रीय और सामाजिक चुनौतियों को भी स्वीकार करना चाहेगा। बैठक में इन खास बिंदुओं के अलावा भविष्य की तमाम मुद्दों पर आधारित कार्ययोजना तैयार करेगा।

महत्वपूर्ण विषय पर व्यवस्थागत बदलाव की जरूरत

इनमें समाज के चिंताजनक और सुधार करने वाले पहलू भी शामिल किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक जागरूकता, युवाओं की भागीदारी, नशामुक्त भारत और डिजिटल प्रभाव यह ऐसे महत्वपूर्ण विषय हैं, जिन पर व्यवस्थागत बदलाव की जरूरत है। माना जा रहा है कि इन मामलों पर लोगों की राय पर अपने स्तर पर संघ बदलाव की कोशिशों को शामिल करेगा। इंदौर में होने वाले आयोजन स्थल को भगवा ध्वजों से सजाया गया है। आरएसएस के कार्यक्रम में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम अक्सर ही किए जाते हैं। इस बार भी आयोजन को लेकर पुख्ता व्यववस्था की गई है। 

संघ का नजरिया इस बार विस्तार को लेकर बना हुआ है। इस बार अभी तक बताया गया है कि 13 हजार से अधिक नई दैनिक शाखाएं शुरू हुई हैं। इन विस्तारवादी सोच को कार्यकारी मंडल की बैठक उठाया जाएगा। पिछले साल की तुलना में इस बार विस्तार के परिणाम और अनुभवों की समीक्षा की जाएगी। संघ सदैव से शाखाओं को महत्व देता रहा है। विस्तारवादी सोच के कारण ही साल भर में कई साखाएं बनी हैं। संघ के शताब्दी वर्ष में संगठन का भौगोलिक और सामाजिक विस्तार महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया है।

हिंदू सम्मेलनों का आयोजन संघ के लिए महत्वपूर्ण रहा

संघ अपने शताब्दी वर्ष में सामाजिक बदलाव के लिए सामाजिक समरसता, पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली, कुटुंब प्रबोधन, स्व का भाव और नागरिक कर्तव्य को प्रमुखता दे रहा है। इसी दौरान 65,660 हिंदू सम्मेलनों का आयोजन संघ के लिए महत्वपूर्ण रहा है। बैठक में कई और मुद्दों पर बात की जाएगी। इसमें अगले वर्ष मार्च में प्रस्तावित अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा से पहले नया संगठनात्मक ढांचा तैयार करने की योजना है। इसे काफी महत्व दिया जा रहा है। जिला, विभाग, प्रांत, क्षेत्र और अखिल भारतीय स्तर पर संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के अगस्त-सितंबर में अमेरिका, कनाडा और यूनाइटेड किंगडम के प्रवास के अनुभव साझा किए जाएंगे। इस दौरान लोगों को उनके प्रश्नों के उत्तर भी मिलने का अवसर दिया जाएगा। साथ ही वह विदेशों का आरएसएस के प्रति नजरिया भी पूछ सकते हैं। 

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