गहरे पानी में जाने पर लगी रोेक, लाइटिंग के लिए बुलाए गए लाइनमैन

खबर सार :-

कटिहार में छठ पर्व को उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इसमें किसी प्रकार की अड़चन न आ जाए, डीएम ने सभी विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर जिम्मेदारी तय कर दी है।
कटिहार में छठ पर्व की तैयारियां तेज, सड़क से घाट तक होगी मरम्मत

खबर विस्तार : -

कटिहार, लोक आस्था के महापर्व छठ की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसके लिए जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्दश दिए हैं। शुक्रवार को जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने छठ पर्व के संबंध में एक बैठक भी की। इसमें संबंधित अधिकारियों को बुलाया गया था। हर साल मनाए जाने वाले पर्व में सबसे ज्यादा महत्व घाटों को दिया जाता है। इनके लिए जगह का निर्धारण व साफ सफाई, सुरक्षा, पानी, बिजली एवं आवागमन महत्वपूर्ण होता है।

आवश्यक जरूरतें समय रहते पूरी करने के निर्देश

इस बार सभी छठ घाटों पर व्रतियों एवं श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं में साफ-सफाई, सुरक्षा पुख्ता कराने के लिए बैठक में निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विभागों को लापरवाही न बरतने की चेतावनी भी दी है। कहा है कि महापर्व के दौरान घाटों पर भारी भीड़ पहुंचती है। इसको नजरंदाज नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सड़कों की हालत जहां कहीं पर खराब हो, उसको दुरूस्त करा लिया जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी की जाएं। किसी प्रकार की टालमटोल न किया जाए।

पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था के लिए अलर्ट किया

श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, इस पर पहले से ही मंथन कर लें। जिलाधिकारी ने कहा है कि छठ घाटों और उनके आसपास गंदगी न रहने पाए। जहां भी घाट बनाए जा रहे हैं, वहां पर कचरे के डिब्बे रख दें। धूल न उड़ने पाए, इसके लिए पहले से ही पानी का छिड़काव करें। ज्यादा कीचड़ वाले या जलभराव वाले स्थानों में मलबा डलवा दें। कोशिश करें कि संपूर्ण क्षेत्र में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए। घाटों तक पहुंचने वाले संपर्क मार्गों की मरम्मत कराई जाए तो बेहतर है। नंगे पांव चलने वाले छठ व्रतियों को कोई परेशानी न हो।

लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी दी

साथ ही शाम और सुबह के अर्घ्य के समय पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था करने के लिए कहा है। सुगम आवागमन और पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाएं पूरी करने के लिए टैंकर हर संभव घाट पर रखवाने के लिए कहा है। अधिकारियों ने जल में सुरक्षा को लेकर डीएम से सलाह ली। उन्होंने कहा कि विशेष सतर्कता बरतने के लिए नदी व तालाबों में संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के पुख्ता इंतजाम करें। खतरनाक एवं अत्यधिक गहरे स्थानों को पहले से चिह्नित कर लें। रस्सियो और बांस आदि के जरिए लोगों को रोकने के लिए संवेदनशील स्थलों पर मजबूत बैरिकेडिंग बनाएं।

लाल झंडे और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। साथ ही स्थानीय गोताखोरों और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालु केवल सुरक्षित दायरे में ही जल में उतरकर पूजा-अर्चना करें। घाटों पर जुटने वाली भीड़ के व्यवस्थित प्रबंधन पर जोर दिया। डीएम ने महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए पुलिस विभाग से भी प्राथमिकता देने के लिए कहा है। उन्होंने पुलिस बल को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया।

आपसी समन्वय से काम करने की हिदायत

डीएम आशुतोष द्विवेदी ने सभी विभागों, स्थानीय निकाय एवं पंचायत स्तर के जन प्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता और सुगम व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारी नियमित रूप से घाटों का भौतिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।

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