चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ पहुंचा dhamtari, मकान-दुकान, खेत-खलिहान पानी से भरे

खबर सार :-

बाजारों की खरीददारी थमी हुई है। आज स्कूल भी बंद रहे। शहर चारों ओर धमतरी की नालियों में पानी उफना रहा है। खेतों में तैयार फसल घराशायी हो गई। धान उठाने के लिए समय का इंतजार करने वालों का ज्यादा नुकसान हुआ है। व्यापारी भी खरीददारी रूकने से परेशान है। सड़कों पर कीचड़ फैला हुआ हैं
आंधी-तूफान से dhamtari बेहाल, हर जगह-हर वर्ग को हुआ नुकसान

खबर विस्तार : -

धमतरी, बंगाल की खाड़ी के ऊपर उठा Cyclonic storm ‘अर्नब’ अभी अपने नियंत्रण में नहीं है। जब तक इसकी स्पीड कम नहीं हो जाती, यह किसी भी दिशा में बर्बादी ही बरसाता रहेगा। अब तक इसके प्रभाव से dhamtari भी है। वह स्थान नहीं बचा है, जहां पर जिले में मौसम का मिजाज खराब नहीं दिख रहा है। बुधवार से बारिश शूरू हुई थी और अभी दम भरता दिख रहा। त्योहारों फीका पड़ रहा है। व्यापारी परेशान हैं। जलभराव हर जगह है। वह लोग इससे ज्यादा प्रभावित हैं, जहां पर पानी भर जाता है।

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खरीफ की फसल भी तैयार हो चुकी

दो दिन में लोग परेशान हो गए। पक रही धान की फसल जमीन पर गिरी पड़ी है। Cyclonic storm की स्थिति का अंदाजा लगाया जा चुका था। इसका जैसे ही असर उड़ीसा और आंध्रप्रदेश के कुछ हिस्सों पर पड़ने लगा, कई राज्यों की सरकारों ने 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल बंद रखने का आदेश दे दिया। dhamtari में भी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश दिया गया। वैसे भी RAIN का प्रभाव इतना  है कि आवागमन प्रभावित हो चुका है। ऐसे में लगातार Rain के बीच स्कूल खोलने का मतलब नहीं रह जाता। शहर की सड़कों पर पानी है।

मोहल्लें में लोग परेशान हैं, क्योकि घरों से पानी रिसने लगा है। शहर की नालियों का हाल भी जस का तस है। कई स्थानों पर कचरा सड़कों पर बह रहा है। महिमासागर वार्ड सहित कुछ निचली बस्तियों में पानी भरा हुआ है। इस मौसम को लेकर किसान भी परेशान हैं। खरीफ की फसल भी तैयार हो चुकी है। खेतों में धान कटाई का यही समय होने के कारण काम तेजी से चल रहा है। इसी बीच Cyclonic storm ने बेमौसम Rain कर किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अब आने वाले दिनों मेें ही नुकसान का पता चल सकेगा। Rain लगातार हुई है।

बारिश के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही

यदि धान की बालियां खराब हुईं तो उत्पादन प्रभावित हो सकता है। FARMERS ने अपने खेतों की फसलों को दिखकर मन मजबूत करना शुरू कर दिया हैं। खेतों में प्रति एकड़ 15 क्विंटल धान उत्पादन की उम्मीद है। किसानों को इसकी पूरी जानकारी रहती है। इस मौसम के कारण दो से तीन क्विंटल नुकसान होने का वह अनुमान लगा रहे है। यद्यपि उनकी लापरवही की वजह से फसल कटाई के बाद खेतों में ही धान रख दिया था। तमाम मौसमी सूचनाओं को गंभीरता से नहीं लिया। इसका परिणाम रहा कि मौसम खराब हुआ और तबाही वाली हवा के साथ पानी बरसा दिया। इससे खेत में पड़ा धान पड़ा ही रह गया। अब थ्।त्डम्त् कह रहे हैं कि उनको नुकसान पहुंचने की आशंका है।

बहरहाल अभी तक तो वही हालात हैं। वर्तमान में भी यही स्थिति बनी हुई है। यदि बारिश का दौर जारी रहा, तो फसल को ही ज्यादा नुकसान पहुंचेगा। उधर दीपावली की तैयारियों के चलते बाजार में खरीदारी की ज्यादा उम्मीद लगाई गई थी। इसका भी हाल खराब रहा। कपड़े, आभूषण, फर्नीचर और घरों की रंगाई-पुताई दो दिन से थमा है। दुकानदार ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कोशिश तो कर रहे हैं, लेकिन उसका असर नहीं दिख रहा है। Rain के कारण बाजार में अपेक्षित भीड़ नहीं जुट पा रही है। इसका नुकसान हर क्षेत्र में हर वर्ग में है। बच्चों की पढ़ाई  प्रभावित है। Cyclonic storm ‘अर्नब’ के प्रभाव तथा आगामी दिनों में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए धमतरी जिले में आज गुरुवार को एक दिवसीय अवकाश किया गया है। 

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