एनएच-80 का कुआं पुल तीन महीने से ठप, भूख हड़ताल को विवश हुए लोग

खबर सार :-

तीन महीना बीत गए, लेकिन भागलपुर के एच-80 कुआं पुल से आवागमन शुरू नहीं कराया गया है। इससे आसपास के गांवों व कस्बों के लोगों में नाराजगी आज खुलकर सामने आ गई। इन लोगों के बीज जनप्रतिनिधियों की भी मौजूदगी रही। उन्होंने भूख हड़ताल की चेतावनी दी है।
भागलपुर में जनप्रतिनिधियों का मिला साथ, एनएच-80 कुआं पुल के लिए खोला मोर्चा

खबर विस्तार : -

भागलपुर, भागलपुर के एच-80 कुआं पुल को लेकर लोगों में अधिकारियों व सरकार के खिलाफ नाराजगी बढ़ रही है। कारण है कि इससे आवागमन नहीं हो पा रहा है। यदि समस्या का समाधान न हुआ तो भुख हड़ताल की जाएगी। यह सब परेशानी जानबूझ कर दी जा रही है।  कहलगांव अनुमंडल और झारखंड सीमाओं के लोग इससे निकला करते थे। उपेक्षा का शिकार पुल से मसाला सरिया तक निकल गई। इसपर निर्माण कार्य चल रहा है। अभी तक यह नहीं कहा जा सका है कि इसका निर्माण कब तक होगा। यानी मनमानी पर अधिकारी पर चल रहे हैं।

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पुल के पिलर में हैं कई गहरी दरारें

लोगों की नाराजगी पूछ रही थी कि पुल की मरम्मत और परिचालन शुरू करने में देर क्यों हो रही है? यही हाल रहा तो अपनी मांग को लेकर स्थानीय लोग और जिला के कई नेता ने अनुमंडल कार्यालय परिसर में भूख हड़ताल के लिए कह रहे हैं। आज मोर्चा खोलने वालों को पूर्व विधायक रामविलास पासवान समेत कई संगठनों का समर्थन भी मिला है। इस पुल को लेकर कई तरह की बातें कही जा रही हैं। अधिकारियों ने बताया था कि यह 60 साल से भी अधिक पुराना है।

यह ऐतिहासिक तो है, साथ में अपनी संरचना के कारण नाजुक भी है। अधिकारियों ने बताया कि इस पुल में तकनीकी बदलावा न लाया गया तो यह कभी चलने लायक नहीं बन पाएगा। इसकी पुरानी सामग्री हटा कर नई लगाई जाएगी। यह खतरनाक स्थिति है। काफी दिनों पहले इसका निर्माण होना चाहिए था। 

लोहे पर चढ़ाया जाना है कंक्रीट का मसाला

वैसे तो इसका निर्माण कमजोर नहीं था। बताया रहा है कि यह कई कारणों से कमजोर हुआ है। इसमें एक ओर सेस बाढ़ के समय गंगा का बैकवाटर तो दूसरी ओर से झारखंड के पहाड़ी इलाकों से तेज धारा में पानी आकर ठोकरें मारता है। इसपर पानी का इतना प्रभाव रहता है कि यह समय से पहले जर्जर हो गया। वर्तमान में कंक्रीट हटाकर लोहे के हिस्सों को दुरुस्त किया जा रहा है। इसी काम को लेकर लोगों में नाराजगी है। आरोप है कि यह काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। एक ओर काम जल्दी पूरा न होने से लोग नाराज हैं तो दूसरी ओर इंजीनियर की गैर-मौजूदगी और गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। 

बच्चों की पढ़ाई, रोजगार और व्यापार प्रभावित

कहलगांव और पीरपैंती का स्थानीय बाजार पूरी तरह ठप है। मिर्जाचौकी का पत्थर उद्योग भी आवागमन न होने से प्रभावित हुआ है। इसका फायदा मालवाहक ट्रक वाले उठा रहे हैं। खाद्य पदार्थों की कीमतें आसमान छू रही हैं। कुआं पुल बंद होने से भागलपुर के सांसद अजय मंडल ने पथ निर्माण विभाग पर नाराजगी उतारी है। स्थानीय विधायक इंजीनियर शुभानंद मुकेश ने भी तकनीकी अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा है कि जल्द ही पुल की मरम्मत कराएं।  उधर आवागमन के लिए भागलपुर मुख्यालय जाने के लिए 15 से 20 किलोमीटर का लंबा चक्कर काटकर खतरनाक बायपास रास्तों से जाना पड़ रहा है। स्कूली बच्चे ज्यादातर स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। 

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