हिमाचल के 400 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल प्रधानाचार्यों के बिना, प्रवक्ता संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी
खबर सार :-
हिमाचल प्रदेश में करीब 400 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्यों के पद खाली होने और प्रवक्ताओं को शिक्षण कार्य के साथ अतिरिक्त प्रशासनिक जिम्मेदारियां दी गई है। इससे स्कूल प्रवक्ता संघ ने नाराजगी जताई है।
खबर विस्तार : -
शिमला, हिमाचल प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर माध्यमिक शिक्षकों ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा है कि जब प्रधानाचार्य ही नहीं है तो व्यवस्थाएं कैसे दुरुस्त होेगी? संघ ने चेतावनी दी है कि खाली जगह जल्द नहीं भरी गईं तो वह धरना प्रदर्शन और आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
हिमाचल प्रदेश के करीब 400 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य के पद खाली हैं। इन्हीं विद्यालयों में प्रवक्ताओं को शिक्षण कार्य के साथ अतिरिक्त प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी सौंप दी गई हैंं। इसको लेकर स्कूलों के प्रवक्ताओं ने नाराजगी की जताई है। प्रवक्ता संघ ने चेतावनी दी है कि खाली पदों को समय रहते ना भर गया तो वह धरना प्रदर्शन और आंदोलन करने के लिए तैयार हैं।
यह भी पढें :Abu Dhabi में होगी त्रिपक्षीय वार्ता: America, रूस के साथ यूक्रेन समझौते को तैयार
प्रवक्ताओं पर पड़ रहा है अतिरिक्त काम का बोझ
संघ के पदाधिकारियों का तर्क है कि प्रवक्ताओं पर काम का बोझ बढ़ रहा है। विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है। संघ ने नाराजगी जताते हुए कहा है कि लंबित मामलों पर कार्रवाई न हुई तो संघ ठोस निर्णय लेने के लिए जल्द ही विचार कर सकते हैं। सरकार की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अगले महीने से प्रदेश व्यापी आंदोलन की तैयारी की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ के राज्य अध्यक्ष अजय नेगी, महासचिव इंदर सिंह ठाकुर, चेयरमैन सुरेंद्र पुंडीर और कार्यकारी अध्यक्ष दीप सिंह खन्ना सहित राज्य कार्यकारिणी तथा सभी जिलों के अध्यक्षों और महासचिवों ने जारी बयान में सरकार से प्रवक्ताओं की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने की मांग की है। संघ ने आपत्ति जताई है और कहां की सरकार से कई बार मांग उठाई गई, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिल रहा है।
पढ़ाई कराने के साथ निभा रहे हैं प्रधानाचार्य का काम
अब इन मांगों को आश्वासनों तक सीमित रखने के बजाय ठोस निर्णय लेने की जरूरत है। संघ के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 400 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय प्रधानाचार्य के बिना राज्य में चलाए जा रहे हैं। इन विद्यालयों में प्रधानाचार्य से संबंधित कार्य उनके अधीन रहने वाले शिक्षकों से कराए जा रहे हैं। संबंधित प्रशासनिक और प्रबंधकीय कार्यों का अतिरिक्त भार उन पर डाल दिया गया है। वह एक ओर विद्यालय के प्रशासनिक कागजी कार्य संभालते हैं तो दूसरी ओर कक्षाओं में नियमित पढ़ाई भी कराते हैं। ऐसे में दोनों कार्य एक साथ कैसे हो सकते हैं?
संघ ने प्रधानाचार्याें के रिक्त पदों को भरने और प्रवक्ताओं की पदोन्नति प्रक्रिया तत्काल पूरी करने की मांग की है। संघ ने कहा है कि प्रशासनिक कामकाज पर असर पड़ने का यही एक कारण है, क्योंकि खाली जगह भरे नहीं गए। संघ के अध्यक्ष नेगी ने कहा है पिछले 2 महीने से प्रवक्ता जनगणना ड्यूटी का काम कर रहे हैं। वरिष्ठ माध्यमिक कक्षाओं में नियमित पढ़ाई और निर्धारित पाठ्यक्रम समय पर पूरा करने की चिंता रहती है। उन्हें आने वाले दिनों में रिजल्ट का मूल्यांकन भी करना है।
प्रदेशव्यापी आंदोलन के अलावा और कुछ नहीं
अगर विद्यालय का रिजल्ट कमजोर हो गया तो स्कूल कॉलेज की बदनामी होती है। छात्रों की संख्या भी घटने लगती है। संघ ने सरकार से प्रवक्ताओं को उनके मूल शिक्षण कार्य पर ही रखने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि उनके कार्य से भटकाने की कोशिश ना की जाए। विद्यालयों में शिक्षकों की जिम्मेदारियां तय करते हुए वरिष्ठ माध्यमिक कक्षाओं की पढ़ाई और पाठ्यक्रम पूर्ण करने का पर ही ध्यान देना चाहिए। संघ ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और स्कूल शिक्षा निदेशक को सौंपे गए 15 सूत्रीय मांगपत्र पर भी गंभीरता से कार्रवाई करने की मांग की है।
एक ओर सरकारी बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंता व्यक्त करती है, वहीं दूसरी ओर पढ़ाई के लिए शिक्षकों की कमी बनी रहती है। ऐसे में संघ ने मांग की है कि सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान दे। पदाधिकारी ने लंबे समय से लंबित मांगों पर निर्णय नहीं होने से प्रदेश के प्रवक्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है।
उन्होंने कह दिया है कि सरकार ने समय रहते समाधान नहीं निकाला तो अगला कदम उनका प्रदेशव्यापी आंदोलन के अलावा और कुछ नहीं होगा। संघ के पात्र प्रवक्ताओं के प्रमोशन पर भी चिंता जाहिर की है। संघ के राज्य अध्यक्ष अजय नेगी ने कहा कि पिछले दो महीनों से प्रवक्ता जनगणना ड्यूटी सहित अन्य कार्यों में व्यस्त रहे हैं। अब विद्यालयों में लौटने के बाद उन्हें प्राथमिक पाठशालाओं में भी प्रतिनियुक्त किया जा रहा है।
यह भी पढें : स्नातक किसान करेंगे ड्रोन से खेत पर काम, कम पढ़ाई वालों को कम अनुदान
अन्य प्रमुख खबरें
-
ब्रिक्स सम्मेलन ग्लोबल मुद्दों पर बातचीत—सहयोग बढ़ाने का अहम मंच
2026-10-26
-
महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर सीएम योगी समेत कई नेताओं ने किया नमन
2026-10-26
-
DELHI के हर्ष विहार में गिरी ढाली गई स्लैब, दो लोगों की DEAD
2026-10-26
-
Surat में 125 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा इस्कॉन वराछा मंदिर
2026-10-25
-
भारत-इंडोनेशिया संयुक्त सैन्य अभ्यास गरुड़ शक्ति 2026, विशेष बलों की बढ़ेगी क्षमता
2026-10-25
-
नमो घाट पर PM मोदी ने देखा वायुसेना का पराक्रम, तेजस-राफेल ने दिखाए करतब
2026-10-25
-
पीएम मोदी ने काशी को दी सौगात, टेक्सटाइल फैक्ट्री का किया उद्घाटन
2026-10-25
-
मन की बात में पीएम मोदी ने महर्षि वाल्मीकि और भाई परमानंद को किया याद
2026-10-25
-
शिवराज सिंह चौहान समेत कई नेताओं ने शरद पूर्णिमा की दी बधाई
2026-10-25
-
Bundelkhand की जरूरत है रेल नेटवर्क, MP and UP में होगा परिवहन मजबूत
2026-10-25
-
नेहा बोरा को पुलिस ने सौंपे दस्तावेज, 28 अक्टूबर को अगली सुनवाई
2026-10-24
-
उपराष्ट्रपति व PM मोदी समेत कई नेताओं ने ITBP स्थापना दिवस की दी बधाई
2026-10-24
-
बंगाल की खाड़ी में चक्रवात का खतरा, समुद्र में न जाने की अपील
2026-10-24
-
त्रिपुरा युवक से नस्लीय दुर्व्यवहार मामला: आमिर शौकीन को 1 दिन की न्यायिक हिरासत
2026-10-23
-
Maharashtra पुलिस कांस्टेबल के पद पर 282 अग्निवीर नियुक्त, फडणवीस ने की घोषणा
2026-10-23