Social Media पर फडणवीस ने पढ़ाई अच्छी खबर, इससे पहले भी हो चुकी हैं अग्निवीरों की नियुक्तियां

खबर सार :-

महाराष्ट्र में सरकार ने अग्निवीरों की नियुक्ति राज्य सरकार की सेवा के लिए किया है। आरक्षण के आधार पर इनको नियुक्त किया गया है।
Maharashtra पुलिस कांस्टेबल के पद पर 282 अग्निवीर नियुक्त, फडणवीस ने की घोषणा

खबर विस्तार : -

मुंबई, महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने 282 अग्निवीरों को पुलिस कांस्टेबल के पदों पर नियुक्ति की मंजूरी दी है। राज्य में सरकार की ओर से अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने की घोषणा की गई थी। शुक्रवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से 282 नियुक्तियों की जानकारी दी गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया गया है।

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अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण

इसमें खबर को अच्छी खबर बताते हुए लिखा है कि राज्य मंत्रिमंडल में हमने यह निर्णय लिया था कि देश के लिए लड़ने वाले अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण दिया जाएगा। इनको समायोजित करने के लिए जरूरी बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों के बाद 282 अग्निवीरों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी गई है।

मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में लिखा है कि जिनका नाम नियुक्ति में लिया जा रहा है, वह राज्य के ही रहने वाले हैं। महाराष्ट्र के रहने वाले 282 नौसेना अग्निवीरों की पहल में सूची राज्य सरकार को केंद्र सरकार से मिली थी। जिन 282 अग्निवीरों की बात चल रही है, उनमें  150 सीमैन डेकसाइड और 132 सीमैन इंजनसाइड को पुलिस कांस्टेबल के पद पर नियुक्त किया गया है। 

 सरकार की और से उन्हें इससे संबंधित आदेश भी सौंप दिए गए हैं। मुख्य मंत्री ने इन सभी को बधाई दी है। समीक्षा अधिकारी ने नव प्रशिक्षित सैनिकों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि 24 सप्ताह का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक आपने पूरा किया है। इसके लिए आप सभी को बधाई। इन युवाओं को आर्मी कोर के सशक्त सैनिकों में परिवर्तित कर दिया गया जो अब राज्य सरकार के लिए काम करेंगे। 

24 सप्ताह का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा हुआ था

बता दें कि इससे पहले 20 जून को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर आर्मर्ड कोर सेंटर में 3,052 अग्निवीरों की नई फौज तैयार हुई थी। इनका 24 सप्ताह का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा हुआ था। ऐसे ही युवाओं ने सरकार के आयोजन और परेड में सैन्य धुनों पर सटीक कदमताल किया। उसे बार बार याद किया जाता है।

भारतीय सेना की अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों की व्यवस्था की सराहना की जा रही है। कभी इनकी नौकरी की खिलाफत किया जाता था। अग्निवीरों की नियुक्ति कुल 4 वर्ष के लिए की जाती है, जिसमें 6 महीने का प्रशिक्षण शामिल है। 4 साल की सेवा पूरी होने के बाद, मेरिट और प्रदर्शन के आधार पर 25 फीसदी अग्निवीरों को नियमित (स्थाई) सैनिक के रूप में सेना में रखा जाता है।

चिकित्सा सलाह के अनुसार सिक लीव है दी जाती

पहले वर्ष करीब ₹30,000 प्रति माह किया गया था। चौथे वर्ष यह करीब ₹40,000 प्रति माह तक होता है। वेतन का 30 फीसदी हिस्सा सेवा निधि फंड में जमा होता है और सरकार भी उतना ही योगदान देती है। 4 साल पूरे होने पर ब्याज सहित करीब ₹11.71 लाख की एकमुश्त कर-मुक्त राशि मिलती है।  सेवा के दौरान सैन्य अस्पतालों में चिकित्सा सुविधा और कैंटीन की सुविधा मिलती है। प्रति वर्ष 30 दिन की वार्षिक छुट्टी और चिकित्सा सलाह के अनुसार सिक लीव दी जाती है।

ड्यूटी की प्रकृति के अनुसार जोखिम और हार्डशिप भत्ता दिया जाता है। अग्निवीर की भर्ती के लिए न्यूनतम आयुः 17.5 वर्ष एवं अधिकतम आयु सामान्यतः 21 वर्ष, विभिन्न पदों के अनुसार शैक्षणिक योग्यता अलग-अलग होती है। किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कक्षा 10वीं उत्तीर्ण न्यूनतम 33 फीसदी अंक होना अनिवार्य है। अग्निवीर टेक्निकल, रसायन विज्ञान, गणित और अंग्रेजी विषयों के साथ 12  उत्तीर्ण होना चाहिए। 

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