भविष्य के युद्धों की चुनौतियों से निपटने के लिए रणनीति और तैयारियों की समीक्षा में जुटी इंडियन आर्मी

खबर सार :-

तीन दिवसीय आर्मी कमांडर्स कांफ्रेंस में भारतीय सेना भविष्य के युद्धों की चुनौतियों से निपटने की अपनी तैयारियों को परख रही है। इंडियन आर्मी भविष्य के युद्धों की चुनौतियों से निपटने के लिए रणनीति और तैयारियों की समीक्षा में जुटी है।
भारतीय सेना का भविष्य के युद्धों की चुनौतियों से निपटने पर मंथन

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: आने वालों सालों में युद्ध की प्रकृति पूरी तरह से बदल जाएगी। बदली प्रकृति वाले युद्धों से निपटने के लिए सभी देश अपनी तैयारियों को बेहतर कर रहे हैं। इस क्रम में भारतीय सेनाएं भी भविष्य में होने वाले युद्धों को लेकर रणनीतियों को परख रहे हैं। भविष्य के युद्धों की चुनौतियों से निपटने के लिए भारतीय सेना रणनीति और तैयारियों की समीक्षा में जुटी है। इस दिशा में सेना की अग्रणी आर्मी कमांडर्स कांफ्रेंस 21 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित की गई। आर्मी कमांडर्स कांफ्रेंस में सुरक्षा के बदलते परिदृश्य, सेना की क्षमताओं और भविष्य के युद्धों की जरूरतों पर गहन मंथन किया गया। थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ 21 से 23 अक्टूबर तक आयोजित होने वाली तीन दिवसीय कमांडर्स कांफ्रेंस की अध्यक्षता कर रहे हैं।  

कांफ्रेंस को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे संबोधित

आर्मी कमांडर्स कांफ्रेंस का मकसद इंडियन आर्मी को युद्ध की बदलती परिस्थितियों के मुताबिक तैयार करना है। कमांडर्स कांफ्रेंस में आगामी समय की सैन्य चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक नीतिगत दिशा भी तय की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि आर्मी कमांडर्स कांफ्रेंस का आयोजन साल में दोबार किया जाता है। यह कांफ्रेंस सेना का वह अग्रणी मंच है जहां पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं। इस मंच पर इंडियन आर्मी के शीर्ष अफसरों के साथ मिलिट्री की तैयारियों और भविष्य की जरूरतों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की जाती है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी कमांडर्स कांफ्रेंस को संबोधित करेंगे। इसके अतिरिक्त चीफ आफ डिफेंस स्टाफ, नौसेना प्रमुख और इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव अपने विचार व्यक्त करेंगे। आर्मी कमांडर्स कांफ्रेंस में विचार व्यक्त करने वाले लोग समकालीन सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने अनुभव साझा करेंगे।

इंडियन आर्मी के जांबाजों को सम्मानित करेंगे

आर्मी कमांडर्स कांफ्रेंस का मुख्य आकर्षण जमीनी युद्ध सिद्धांत का विमोचन होगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस सिद्धांत को जारी करेंगे। यह सिद्धांत इंडियन आर्मी को युद्ध के बदलते स्वरूप और भविष्य के संघर्षों की चुनौतियों के लिए तैयार करने की व्यापक रूपरेखा प्रदान करेगा। इस मंच के माध्यम से सेना की भविष्य की युद्ध परिस्थितियों के अनुसार तैयारी और उनकी क्षमताओं को अलग दिशा देने में मदद मिलेगी। संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में योगदान देने वाले सैनिकों का सम्मान भी किया जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस मौके पर संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी वार्षिक पत्रिका का भी विमोचन करेंगे। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले इंडियन आर्मी के जांबाजों को सम्मानित करेंगे। इन भारतीय सैनिकों ने संयुक्त राष्ट्र के ध्वज तले अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने में योगदान दिया है। संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान के माध्यम से सैनिकों की उत्कृष्ट सेवा, पेशेवर दक्षता और समर्पण को मान्यता दी जाएगी।

पुरस्कार प्रदान करेंगे थल सेना प्रमुख 

आर्मी कमांडर्स कांफ्रेंस में थलसेना प्रमुख पर्यावरणीय स्थिरता, संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और विमानन सुरक्षा की मजबूत संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए पुरस्कार भी प्रदान करेंगे। इन पुरस्कारों में हरित सैन्य केंद्रों और विमानन उड़ान सुरक्षा से जुड़े पुरस्कार शामिल हैं। इन पुरस्कारों का मकसद पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग और सैन्य विमानन में सुरक्षा मानकों को प्रोत्साहित करना है। तीन दिनों तक चलने वाला यह सम्मेलन इंडियन आर्मी की वर्तमान पहलों की समीक्षा करने के साथ भविष्य की प्राथमिकताएं तय करने का अवसर प्रदान करेगा। सेना के कमांडर्स कांफ्रेंस में इस प्रकार की नीतियों और योजनाओं पर विचार किया जाएगा, जिनसे भारतीय सेना को अधिक सक्षम, बदलती परिस्थितियों के अनुकूल, तकनीक-संपन्न और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा सके।

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