भारत-पोलैंड के बीच हितों का टकराव नहीं, दोस्ती भरोसे और साझा मूल्यों पर आधारित: डोनाल्ड टस्क

खबर सार :-

पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने भारत-पोलैंड संबंधों को भरोसे और साझा मूल्यों पर आधारित बताया। पीएम मोदी के साथ वार्ता में रणनीतिक साझेदारी, आर्थिक विकास और जी20 सहयोग पर जोर दिया गया।
भारत-पोलैंड के बीच मजबूत होंगे रणनीतिक संबंध, डोनाल्ड टस्क ने पीएम मोदी को बताया मित्र

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने गुरुवार को भारत और पोलैंड के संबंधों को भरोसे, साझा मूल्यों और आपसी समझ पर आधारित बताते हुए कहा कि दोनों देशों के हितों में कोई टकराव नहीं है। उन्होंने कहा कि भौगोलिक दूरी के बावजूद भारत और पोलैंड के बीच स्वाभाविक तालमेल है। दोनों देश अपनी दोस्ती को मजबूत करने और रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में टस्क ने बातचीत को सार्थक और सफल बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी के शुरुआती परिणामों की समीक्षा की और आने वाले वर्षों में सहयोग की प्राथमिकताओं पर चर्चा की।

अगस्त 2024 में रणनीतिक साझेदारी की हुई थी शुरुआत

डोनाल्ड टस्क ने बताया कि भारत और पोलैंड के बीच रणनीतिक साझेदारी स्थापित करने का निर्णय अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वारसॉ यात्रा के दौरान लिया गया था। अब दोनों देश इस साझेदारी को प्रभावी बनाने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत और पोलैंड के बीच ऐसा कोई ऐतिहासिक विवाद नहीं है, जो दोनों देशों को एक-दूसरे से दूर करता हो। उनके अनुसार, दोनों देशों के संबंध विश्वास, साझा विचारों और अहिंसा जैसे मूल्यों पर आधारित हैं। टस्क ने कहा कि पोलैंड भारत की परंपराओं और इतिहास से प्रेरित रहा है। उन्होंने पोलैंड की ऐतिहासिक 'सॉलिडेरिटी' क्रांति का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आंदोलन अहिंसा पर आधारित था और भारत की परंपराओं से भी उन्हें प्रेरणा मिली है।

पीएम मोदी की वैश्विक भूमिका की सराहना

पोलैंड के प्रधानमंत्री ने वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि मौजूदा दौर में दुनिया अस्थिरता, अनिश्चितता और राजनीतिक उथल-पुथल का सामना कर रही है। ऐसे समय में भारत उम्मीद की एक किरण के रूप में सामने आता है। टस्क ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना मित्र कहने पर गर्व जताया। उन्होंने कहा कि भारत जैसे बड़े देश के प्रधानमंत्री के रूप में मोदी की वैश्विक भूमिका महत्वपूर्ण है और पोलैंड भारत के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करना चाहता है। उनके इस बयान को दोनों देशों के बीच राजनीतिक संवाद और आपसी विश्वास को आगे बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

भारत और पोलैंड की आर्थिक प्रगति का किया जिक्र

डोनाल्ड टस्क ने भारत और पोलैंड की आर्थिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले 35 वर्षों में दोनों देशों ने उल्लेखनीय आर्थिक विकास किया है। उन्होंने कहा कि भारत और पोलैंड की विकास यात्रा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित करती है। टस्क के अनुसार, दोनों देशों के पास आर्थिक सहयोग को व्यापक बनाने के अवसर हैं। व्यापार, निवेश और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाकर इस साझेदारी को और मजबूत किया जा सकता है। उनकी भारत यात्रा के दौरान आर्थिक और औद्योगिक सहयोग को भी प्रमुखता दी जा रही है। रक्षा उद्योग, उन्नत तकनीक, अंतरिक्ष, ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की संभावनाएं दोनों देशों के एजेंडे में शामिल हैं।

जी20 मंच पर भी साथ काम करेंगे दोनों देश

पोलैंड के प्रधानमंत्री ने जी20 के ढांचे में भारत के साथ करीबी सहयोग की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि दोनों देश अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक-दूसरे का समर्थन कर सकते हैं और साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर मिलकर काम कर सकते हैं। टस्क ने इस सहयोग के प्रस्ताव के लिए भारत का आभार जताते हुए उम्मीद व्यक्त की कि इससे दोनों देशों के साथ-साथ व्यापक वैश्विक समुदाय को भी लाभ होगा। जी20 में सहयोग का मुद्दा भारत-पोलैंड संबंधों को द्विपक्षीय दायरे से आगे बढ़ाकर वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक विमर्श तक ले जाने की संभावना रखता है।

यूक्रेन संकट में भारतीय छात्रों की मदद को किया याद

डोनाल्ड टस्क ने यूक्रेन में संघर्ष शुरू होने के बाद भारतीय छात्रों की सहायता का भी उल्लेख किया। उन्होंने याद किया कि उस कठिन समय में पोलैंड ने भारतीय छात्रों की देखभाल और सहायता की थी। उन्होंने इस अनुभव को एकजुटता, विश्वास और दोस्ती का व्यावहारिक उदाहरण बताया। यूक्रेन संकट के दौरान भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने में पोलैंड की भूमिका का उल्लेख भारत-पोलैंड संबंधों में मानवीय सहयोग के महत्व को भी रेखांकित करता है।

यह भी पढ़ेंः-भारत-ब्रिटेन व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार, TPCI-UKIBC समझौते से भारतीय निर्यातकों के लिए खुलेंगे नए बाजार

अन्य प्रमुख खबरें