Chhattisgarh: में तेजी से मजबूत हो रहा रेल नेटवर्क, आजादी के बाद पहली बार रावघाट पहुंची ट्रेन

खबर सार :-

छत्तीसगढ़ का सफर अब आसान होने लगा है। रेल मंत्री ने भरोसा दिया है कि आने वाले समय में रेल परिवहन और रेल नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। कई जगह पर काम चल भी रहा है।
Chhattisgarh:  एक ट्रैक पर मिल रही हैं दर्जनों सुविधाएं, पढ़ाई, दवाई और माल ढुलाई हुआ आसान

खबर विस्तार : -

बिलासपुर, छत्तीसगढ़ अब सफर के लिए आसान विकल्प देने की तैयारी कर चुका है। यहां का परिवहन रेल नेटवर्क के माध्यम से सरल किया जा रहा है। इसमें केंद्र सरकार ने ज्यादा से ज्यादा रेल नेटवर्क विस्तार करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। भारतीय रेलवे ने मंगलवार को राज्य में ताड़ोकी-रावघाट और अभनपुर-कुरूद ब्रॉडगेज रेल लाइनों का उद्घाटन करके यह साबित कर दिया है कि आने वाले समय में यहां का परिवहन और सरल तथा ज्यादा से ज्यादा लोगों की पहुंच तक होगा।

रावघाट-रायपुर और रायपुर-कुरूद के बीच नई यात्री रेल सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाई गई है। यह वही क्षेत्र है, जहां के लोग कभी ज्ञापन देकर जनसुविधाओं की मांग किया करते थे। सरकार ने इसी रायपुर में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव रखरखाव सुविधा की आधारशिला रख दी है। एक समारोह में यह मिशन तो पूरा किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मौजूद रहे। कार्यक्रम में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। रेल नेटवर्क को विस्तार देना अब बड़ी बात नहीं है।

रावघाट के लिए यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि

सरकार के इस उपहार को देखकर जनता बेहद खुश है। उसका कहना है कि जहां कल्पना भर की जा रही थी, वहां अब पहली बार ट्रेन पहुंच रही है। रावघाट के लिए यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इस उपलब्धि के साथ ही माना जा रहा है कि जिन क्षेत्रों में रेल नहीं पहुंच रही है, उन दूरदराज वाले स्थानों के लिए भी उम्मीद जग चुकी है। ऐसे स्थान राज्य के दक्षिणी क्षेत्रों में हैं। भारत सरकार से मांग की जा रही है कि राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से रेल वंचित क्षेत्रों को भी जोड़ने का रास्ता बनाया जाए। यह नेटवर्क कैसे बन सका? इस पर नजर डालना जरूरी है।

दरअसल, इस परियोजना की लागत 1,628 करोड़ रुपए है। 95 किलोमीटर की दूरी में दल्लीराजहरा-रावघाट रेल लाइन के ताड़ोकी-रावघाट खंड के 17.5 किलोमीटर को जोड़ा गया है। साथ ही यह परिचालन के लिए तैयार है। इस जनकल्याणकारी सुविधा में रायपुर में प्रस्तावित इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव में इंजनों का रखरखाव होगा।

यहां पर 300 तक उच्च हॉर्सपावर वाले इंजनों की देखरेख की जा सकेगी। इस कार्य के होने से यहां पर इंजनों की उपलब्धता बढ़ेगी। माल ढुलाई की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। रेल परिचालन मजबूत होगा। इन सभी पहलों से छत्तीसगढ़ में रेल संपर्क, यात्री सुविधाओं और आर्थिक अवसरों का विस्तार करने में मदद मिलेगी।

स्थानीय व्यापार को भी मिलेगा बढ़ावा 

यह रेल संपर्क मार्ग कई नजरिए से लाभकारी है। इससे बच्चों की पढ़ाई, स्थानीय लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही सबसे बड़ा लाभ व्यापार को पहुंचेगा। यहा के रावघाट क्षेत्र से लौह अयस्क की ढुलाई तेज होगी और इससे भिलाई इस्पात संयंत्र के साथ ही व्यापक लौह एवं इस्पात उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। कुछ स्थानों का किराया भी तय कर दिया गया है। इसमें नई रायपुर-रावघाट रेल सेवा में यात्रियों को केवल 55 रुपए किराया देना होगा। इससे छात्रों, युवाओं और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को किफायती परिवहन सुविधा मिलेगी। 

प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का आभार जताया

मुख्यमंत्री साय ने राज्य के तीन करोड़ लोगों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि केद्र सरकार ने राज्य के विकास में बड़ा योगदान दिया है। इस वर्ष छत्तीसगढ़ को रेलवे बजट में 7,000 करोड़ रुपए से अधिक मिले हैं। उन्होंने कहा कि रेल आवागमन तय करता है कि क्षेत्र का बुनियादी विस्तार होता है। उनका कहना था कि रेल संपर्क और यात्री सुविधाओं पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है। जब परिवहन  मजबूत होता है तो सभी क्षेत्रों को इसका लाभ पहुंचता है।

परियोजनाएं दूर को नजदीक बनाती हैं। उद्योग को बढ़ावा मिलता है। आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र का विस्तार होता है। यही कारण है कि कुछ स्थानों में परिवहन और रेल नेटवर्क के लिए प्रयास चलता रहता है। रेल मंत्री वैष्णव ने छत्तीसगढ़ की जनता को बधाई देते हुए दल्लीराजहरा-रावघाट रेल लाइन, केंदी-अभनपुर-राजिम-धमतरी खंड के गेज परिवर्तन, मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं और हाल ही में मंजूर पेंड्रा रोड-बिलासपुर-उसलापुर तीसरी रेल लाइन सहित कई जारी और पूरी हो चुकी परियोजनाओं का जिक्र किया।

परमालकसा दोहरी रेल लाइन का काम जारी

ज्यादातर लोगों को इस बात की जानकारी नहीे है कि खरसिया-परमालकसा दोहरी रेल लाइन का काम भी जारी है। जबकि अभनपुर-धमतरी गेज परिवर्तन परियोजना के तहत 22 किलोमीटर लंबा अभनपुर-कुरूद खंड का काम किया जा चुका है। इसको जल्द ही सुविधा में लाया जा सकता है। इससे रायपुर तक यात्रा के विकल्प बढ़ेंगे। क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और रोजाना आवागमन करने वाले यात्रियों को सुविधा होगी। कुरूद-धमतरी खंड का शेष काम भी जल्द पूरा होने की उम्मीद है।

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