कोरबा के करतला में हथिनी ने दिया शावक को जन्म, ड्रोन से रखी जा रही नजर

खबर सार :-

छत्तीसगढ़ के कोरबा वनमंडल अंतर्गत करतला वन परिक्षेत्र के ग्राम सजापानी में मंगलवार सुबह एक हथिनी ने शावक को जन्म दिया। बीट लबेद क्षेत्र में हाथी के शावक के जन्म की सूचना वन विभाग को मिली तो उसकी सुरक्षा के लिए बंदोबस्त शुरू कर दिए गए।
हाथी के मार्ग में नहीं आने की अपील, गांवों में कराई जा रही मुनादी

खबर विस्तार : -

कोरबा, यहां की जिम्मेदारी वन विभाग मैदानी अमला की है। इसलिए उसको भी सक्रिय किया गया। नवजात शावक और हाथियों के झुंड को लेकर भी सुरक्षा व्यवस्था पर कई चिंताएं थीं। हाथी के बच्चे को बड़े हाथी से भी खबरा है। बहरहाल, यह हाथी गांवों की तरफ बढ़ रहे हैं। इनके बीच वह छोटा बच्चा भी है। लोगों को बच्चे से ज्यादा अपनी चिंता सता रही है। इस हालत में यह आपस में झ्रगड़ा भी करते हैं।

गांव में पहुंच कर उत्पात मचाना शुरू कर देते हैं। ग्रामीणों के घर का सामान तहस नहस कर देते हैं। खेतों की फसल भी रौंदने लगते हैं। इन तमाम दिक्कतों से बचाने के लिए सुरक्षा के उपाय किए जा रहे हैं। सबसे पहले विभाग ने इलाके की निगरानी बढ़ा दी है। वहीं इसकी जानकारी क्षेत्र में लगातार मुनादी कराकर दीी जा रही है। आसपास के लोगों को सतर्क किया जा रहा है। इन गांवों में ड्रोन कैमरे की मदद से हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

सुबह से ही निगरानी कर रहे वनकर्मी

वन विभाग को सबसे पहले मंगलवार सुबह सात बजे से पहले इसकी जानकारी मिली। लोगों की ओर से बताया गया कि ग्राम सजापानी में मादा हाथी ने बच्चे को जन्म दिया है। यह सूचना मिलते ही सुबह गश्त करने वाली टीम से संपर्क ेिकया गया और हाथी ड्यूटी पर तैनात वनकर्मियों को वहां भेजा गया। विभाग के बड़े अधिकारियों ने भी इस संबंध में जानकारी जुटाई। इसके बाद विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर मौके पर मौजूद मैदानी अमले ने आवश्यक सुरक्षा उपाय शुरू कर दिए। 

आवाजाही में हो सकती है लोगों को परेशानी 

वन विभाग की टीम क्षेत्र में सक्रिय है। उसको अपनी जिम्मेदारी निभानी है। हाथियों की गतिविधियों पर यदि नजर न रखी गई तो वह किसी राहगीर पर हमला कर सकते हैं। इसलिए टीम ने लगातार इस हाथी के झुंड पर नजर बनाए हुए है। हाथी का बच्चा अभी छोटा है। वह ज्यादा चलने में थक रहा है। इसकी सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग विशेष सतर्कता बरत रहा है। जंगली एरिया होने के कारण शावक की सुरक्षा पर विभाग कई दिन का समय देता है। मुनादी कराकर लोगों को सावधन रहने के लिए कहा जाता है।

जन्म के बाद मादा हाथी और उसके झुंड के आसपास लोगों की आवाजाही से खतरा उत्पन्न हो सकता है।  ऐसी स्थिति में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की जा सकती है। ग्रामीणों और हाथियों, दोनों की सुरक्षा के लिए विभाग ने आसपास के गांवों और प्रभावित क्षेत्रों में मुनादी शुरू करा दी है। हाथी से उचित दूरी बनाए रखना जरूरी होता है। यही निर्देश दिए जा रहे हैं। वन विभाग के कर्मचारी ग्रामीणों को जंगल की ओर नहीं जाने के लिए कह रह रहे हैं।

अनावश्यक हाथियों के पास नहीं जाना है। इनसे दूरी बनाए रखने के लिए कहा जा रहा है। कुछ खतरे हाथी के छोटे होने पर बढ़ जाते हैं। शिकारी कई बार ऐसा कर चुके हैं। साथ ही बिजली के तारों से भी इनको खतरा रहता है। वन की झाड़ी में भी यह फंस सकते हैं। विभागीय निर्देशों का पालन करने के लिए कहा जा रहा है। हाथियों के झुंड की स्थिति और गतिविधियों की जानकारी जुटाने के लिए ड्रोन कैमरे से निगरानी की जा रही है। 

हाथियों को घेरने की कोशिश भी न करें

यह एरिया कोरबा वनमंडल के अंतर्गत आता है। यहां के अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे हाथियों के झुंड या नवजात शावक के पास न जाएं। अधिकतर लोगों की इनको देखने की जिज्ञासा रहती है। हाथियों को घेरने की कोशिश भी न करें। इससे वह अपने रास्ते पर पहुंच जाएंगे।

यदि नहीं भी पहुच पा रहे हैं तो उन्हें परेशान करने की जरूरत नहीं है। वन कर्मी उनको पहुंचाने का काम करेंगे। वन विभाग की टीम करतला परिक्षेत्र के सजापानी और आसपास के इलाके में स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। ग्रामीणों से सतर्कता बरतने और वन विभाग के साथ सहयोग करने की अपील की गई है।

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