प्रियागोल्ड बिस्किट में मिला पशु चारे में इस्तेमाल होने वाला चोकर, FSSAI ने कंपनी के खिलाफ शुरू की कार्रवाई
खबर सार :-
FSSAI ने खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर 3 कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा की है। इनमें सूर्या फूड एंड एग्रो लि., डोडला डेयरी लि. और उइर ऑर्गेनिक फूड्स प्रा. लि. शामिल हैं।
खबर विस्तार : -
नई दिल्ली: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए कड़े नियमों का पालन सुनिश्चित कर रहा है। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन के लिए इसने 'सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड' (प्रियागोल्ड बिस्किट), 'डोडला डेयरी लिमिटेड' और 'उइर ऑर्गेनिक फूड्स प्राइवेट लिमिटेड' के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है। इसके अलावा, 'नर्पाधम फूड्स', 'सन रिजेस हेल्थकेयर्स' और 'शाह कांतिलाल जयंतीलाल' को भी नोटिस जारी किए गए हैं।
शनिवार को, FSSAI ने घोषणा की कि उसने 'प्रियागोल्ड' बिस्किट बनाने वाली कंपनी 'सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड' के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। कंपनी पर आरोप है कि उसने अपने बिस्किट बनाने में 'चोकर' (bran) का इस्तेमाल किया, जो असल में जानवरों के चारे के लिए होता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जारी एक बयान में, खाद्य नियामक (FSSAI) ने बताया कि एक उपभोक्ता की शिकायत के बाद 'सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड' का निरीक्षण किया गया था। इस निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी गंभीर कमियां सामने आईं।
साफ-सफाई और भंडारण में मिलीं कमियां
खाद्य नियामक ने कहा, "'प्रियागोल्ड' बिस्किट बनाने में फाइबर के स्रोत के तौर पर उस चोकर का इस्तेमाल किया जा रहा था, जो जानवरों के चारे के लिए था। चोकर से भरे बोरों पर साफ तौर पर लिखा था कि इसके अंदर का सामान जानवरों के चारे के लिए है।" FSSAI ने बताया कि इसके अलावा, प्लांट की स्वच्छता, कीट नियंत्रण (pest control), कच्चे माल के भंडारण और अलग-अलग रखने की व्यवस्था, कर्मचारियों की साफ-सफाई, परिसर के रखरखाव और उत्पादन के बीच के चरणों (intermediate-stage) में सामग्री को संभालने के तरीकों में भी कमियां पाई गईं।
कंपनी का लाइसेंस सस्पेंड, होगी कार्रवाई
FSSAI ने आगे बताया कि निरीक्षण के दौरान नियमों के गंभीर उल्लंघन का पता चलने के बाद 'सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड' का FSSAI लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही, सक्षम प्राधिकारी ने इन उल्लंघनों के लिए 'सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड' के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने की मंजूरी दे दी है। FSSAI ने यह भी बताया कि उसने खाद्य सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन के लिए 'डोडला डेयरी लिमिटेड' और 'उइर ऑर्गेनिक फूड्स प्राइवेट लिमिटेड' के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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'डोडला डेयरी लिमिटेड' का दूध सबस्टैंडर्ड
खाद्य नियामक ने बताया, "जांच के लिए 'डोडला डेयरी लिमिटेड' से 'फुल-क्रीम दूध' का एक रेगुलेटरी सैंपल लिया गया था। खाद्य विश्लेषक ने पाया कि यह सैंपल FSS नियमों के तहत तय किए गए 'मिल्क फैट' (दूध में वसा) के मानकों को पूरा नहीं करता है; इसलिए, इसे 'सबस्टैंडर्ड' (मानक से कम गुणवत्ता वाला) घोषित कर दिया गया।" फूड बिजनेस ऑपरेटर (FBO) की अपील पर इस सैंपल को एक 'रेफरल फूड लेबोरेटरी' में भेजा गया। वहां पुष्टि हुई कि सैंपल में डिटर्जेंट/कॉस्टिक सोडा होने के कारण यह 'असुरक्षित' (unsafe) है, और इसमें मिल्क फैट की मात्रा तय न्यूनतम सीमा से कम होने के कारण यह 'सबस्टैंडर्ड' है।
लैब जांच से पुष्टि हुई कि यह मामला FSS एक्ट, 2006 के तहत असुरक्षित और सबस्टैंडर्ड खाद्य उत्पादों से जुड़े प्रावधानों के उल्लंघन का है। सक्षम प्राधिकारी ने 'डोडला डेयरी लिमिटेड' और इस उत्पाद के निर्माण व मार्केटिंग में शामिल अन्य फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (FBOs) के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने की मंजूरी दे दी है। अधिकारियों ने इन असुरक्षित और सबस्टैंडर्ड खाद्य उत्पादों को लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके अलावा, 'नारपधम फूड्स', 'सन रिजेस हेल्थ केयर्स' और 'शाह कांतिलाल जयंतीलाल' को नोटिस जारी किए गए हैं।
'नारपधम फूड्स' में मिली गंदगी और धूल
'नारपधम फूड्स' के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि वहां परिसर में कहीं भी अपडेटेड FSSAI लाइसेंस प्रमुखता से नहीं लगाया गया था। वहां काम करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी, गंदगी और धूल जमा थी, वेंटिलेशन (हवा की आवाजाही) की उचित व्यवस्था नहीं थी, और दरवाजे व खिड़कियां भी ठीक से नहीं लगी थीं। 'शाह कांतिलाल जयंतीलाल' को उनके परिसर को बंद करने और उनके व्यावसायिक कार्यों के सत्यापन के संबंध में नोटिस जारी किया गया है; निरीक्षण के समय उनका लाइसेंस प्राप्त परिसर बंद पाया गया था।
'सन रिजेस हेल्थ केयर्स' में अनियमितता
'सन रिजेस हेल्थ केयर्स' में कीड़े-मकोड़ों को अंदर आने से रोकने के लिए दरवाजे ठीक से नहीं लगे थे। साथ ही, वहां काम करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी और साफ-सफाई की उचित व्यवस्था भी नहीं थी। खाद्य उत्पादों के संपर्क में आने वाले उपकरणों और कंटेनरों को ठीक से साफ नहीं किया गया था और वहां स्वच्छता के उचित नियमों का पालन नहीं हो रहा था। इसके अलावा वहां खाद्य परीक्षण, पीने के पानी की जांच, स्वीकृत आपूर्तिकर्ताओं के सत्यापन या कच्चे माल के निरीक्षण से जुड़ा कोई भी रिकॉर्ड मौजूद नहीं था।
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