कांदा एक्सप्रेस बडे पैमाने पर प्याज लेकर 18 अक्टूबर तक पहुंचेगी अगरतला

खबर सार :-

प्याज की कीमत घटने लगी है। केंद्र सरकार ने व्यवस्थागत राज्यों में खेप भेजना शुरू कर दिया है। इससे समस्या दूर हो जाएगी। दाम भी गिरने लगे हैं।
किफायती दाम पर मिलने लगा प्याज, सरकार ने भेजी जिलों को खेप

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली:  देश में प्याज की कीमतों को लेकर काफी हल्ला बोला गया था। प्याज के दाम जहां 20 ₹25 किलो हुआ करते थे, वहां आज ₹50 किलो मिल रहा है। इसको लेकर राज्यों में बड़ी नाराजगी देखी जा रही है। इसी बीच केंद्र सरकार ने बाहर से प्याज मंगाना शुरू कर दिया है और राज्यों को भेजना भी शुरू हो गया है। त्योहारी सीजन को देखते हुए प्याज की आवक बहुत जरूरी थी। बाजार में प्याज की उपलब्धता तो है, लेकिन दाम स्थिर नहीं हैं।

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भारतीय बाजार में दाम सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास किया गया है। लगभग 440 मीट्रिकटन प्याज की पहली खेत पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए भेजी है। यह 18 अक्टूबर तक अगरतला पहुंच जाएगी। लगभग 440 मी रिटर्न प्याज से भरा है। कोशिश की गई है कि खेप जल्दी ही वहां पर पहुंच जाए। उपभोक्ता कार्य खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने भी शुक्रवार को बयान जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि प्याज की उपलब्धता और किफायती दाम सुनिश्चित करने के प्रयास किया जा रहे हैं। इसके लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। मूल्य स्थरीकरण के लिए सरकार कटिबद्ध है।

कई स्थानों पर ऐसे प्रयास सार्थक रहे

बफर प्याज के वितरण का विस्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में पहली बार एक्सप्रेस के जरिए त्रिपुरा के अगरतला के लिए यह प्याज भेजा जा रहा है। मंत्रालय ने स्पष्टीकरण दिया है कि त्रिपुरा में प्याज के वितरण को मजबूत करने के लिए कांदा एक्सप्रेस सेवा पहुंचाई जा रही है। यह अपने निर्धारित समय में पहुंचेगी। सरकार की पूरी कोशिश है कि त्योहारों के मौके पर प्याज के दाम घटेें। कई स्थानों पर ऐसे प्रयास सार्थक रहे हैं। इस पहल से त्रिपुरा के 8 जिलों में से 7 जिलों में इसे पहुंचाया जाएगा।

7 जिलों धलाई, दक्षिण त्रिपुरा, खोवाई, उनाकोटी, पश्चिम त्रिपुरा, गोमती और सेपाहिजाला में बाजार पहुंच बढ़ने की उम्मीद है। अब तक कांदा एक्सप्रेस की दो रेक (जिनमें क्रमशः 840 मीट्रिक टन और 452 मीट्रिक टन प्याज भरा गया था) और 44 ट्रकों (जिनमें कुल 1,513.46 मीट्रिक टन प्याज था) के माध्यम से पूर्वोत्तर में बफर प्याज की आपूर्ति की जा चुकी है।

क्षेत्रीय मूल्य में भी अब अंतर देखने को मिल रहा 

 मंत्रालय ने कहा है कि खरीफ की नई फसल की आवक बढ़ने के साथ ही कुछ उम्मीद भी जगी है। जिससे बाजारों में रौनकता देखने को मिलेगी। आने वाले समय में प्याज की थोक मंडी कीमतों में कमी भी देखी जा रही है। अखिल भारतीय औसत मंडी कीमत सितंबर में लगभग ₹3600 प्रति क्विंटल की उच्चतम स्तर से दाम घटे थे। अक्टूबर में लगभग 3300 प्रति कुंतल हो गई है। क्षेत्रीय मूल्य में भी अब अंतर देखने को मिल रहा है।

हले मुकर्रर किया गया था कि प्याज कुछ निर्धारित स्थलों पर बिकेगा, लेकिन जिस तरह से आवक हो रही है, उससे अब नहीं लगता है कि किसी प्रकार की दिक्कत आएगी। बाजारों में हमेशा की तरह बिकेगा और वाजिब रेट पर मिलेगा।  वर्तमान में असम में और खुदरा मूल 54 रुपए प्रति किलोग्राम है, जबकि अखिल भारतीय औसत 53 रुपए प्रति किलोग्राम है। अंतर बहुत काम रह गया है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में बढ़े हुए दाम पूरी तरह से नियंत्रित कर लिए जाएंग।

प्याज के डफर का निपटान जारी रहेगा

खुदरा मूल्य में भी और गिरावट होने की उम्मीद है। बाजारों के दाम नियंत्रित हो रहे हैं।  बाजार की स्थितियों के आधार पर प्याज के डफर का निपटान जारी रहेगा। केंद्र सरकार की पहल है कि पूरे देश में प्याज के दाम नियंत्रित हैं। इसके लिए बाजार आवक और आपूर्ति स्थिर लगातार नजर रखी जा रही है। मूल्य स्तरीकरण कोष के बफर स्टाफ स्टाफ से ब्याज का निपटान बाजार की मौजूदा स्थितियों कीमतों के रुझान उपलब्धता आवश्यकताओं पर ध्यान रखा जा रहा है।  

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