नई तकनीकों के साथ खुद को ढ़ालें युवा, विकसित भारत 2047 विज़न में योगदान के लिए नई चुनौतियों को करें स्वीकार: पीयूष गोयल

खबर सार :-

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने युवाओं से नई टेक्नोलॉजी को अपनाने और देश के विकास में योगदान देने की अपील की है। गोयल ने कहा कि युवा नई तकनीकी के साथ खुद को ढ़ालें और विकसित भारत 2047 विजन में योगदान के लिए नई चुनौतियों को स्वीकार करें।
युवाओं से नई टेक्नोलॉजी अपनाने और देश के विकास में योगदान देने की अपील

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को छात्रों से अपनी पढ़ाई की ज़िम्मेदारी खुद लेने, नई टेक्नोलॉजी को अपनाने और देश के विकास में योगदान देने की अपील की। ​​राजधानी में एसआरसीसी में शताब्दी कॉन्क्लेव के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि लगातार कोशिशें, बड़े लक्ष्य और नई चुनौतियों को स्वीकार करने की इच्छा युवाओं को "विकसित भारत 2047" के विज़न में योगदान देने और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर मौके बनाने में मदद करेगी।

कौशल विकास से युवाओं के लिए बनेंगे नए मौके 

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि निर्माण क्षेत्र में निवेश, नई टेक्नोलॉजी को अपनाने और कौशल विकास से भारत के युवाओं के लिए नए मौके बनेंगे और वैश्विक अर्थव्यवस्था में देश की स्थिति और मज़बूत होगी। युवाओं से बदलते रोज़गार के माहौल के लिए तैयार रहने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी और नई तकनीकी के व्यवहारिक इस्तेमाल से जुड़ा कौशल डेवलप करना चाहिए। उन्होंने लॉर्ज लैंग्वेज मॉडल और दूसरे एआई सिस्टम को ऐसे व्यवहारिक टूल में बदलने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया, जिन्हें बिज़नेस और आम नागरिक आसानी से इस्तेमाल कर सकें।

नई तकनीकी के विकास व इस्तेमाल में निभाएं अग्रणी भूमिका

1990 और 2000 के दशक में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सेक्टर यानि सूचना प्रौद्योगिकी में भारत की तरक्की का ज़िक्र करते हुए गोयल ने युवाओं से कहा कि वे सिर्फ़ नई टेक्नोलॉजी अपनाने तक ही सीमित न रहें, बल्कि उनके विकास  और इस्तेमाल में अग्रणी भूमिका निभाएं। गोयल ने लगातार सीखने और व्यक्तिगत विकास के महत्व पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने छात्रों को कौशल बढ़ाने को ज़िंदगी भर की ज़िम्मेदारी समझने और ऐसे नए मौकों को पहचानने की क्षमता को बढ़ावा देने की बात कही जिससे उन्हें व्यापार वृद्धि, व्यापार करने में आसानी और जीवन में गुणवत्ता में योगदान दे। उन्होंने कहा कि भारत के युवा अलग-अलग सेक्टर में तकनीकी तरक्की को व्यवहारिक समाधान में बदलने में अहम रोल निभा सकते हैं।

छात्रों से बड़े लक्ष्य तय करने की अपील 

वाणिज्य मंत्री ने भारत की संस्कृति, परंपराओं और विरासत की भूमिका का भी ज़िक्र किया, जो देश का भविष्य बनाने में बहुत ज़रूरी हैं। उन्होंने मिलकर कोशिश करने और नागरिकों में ड्यूटी की भावना की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। गोयल ने छात्रों से बड़े लक्ष्य तय करने और अपने सपनों को साफ़ तौर पर तय करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि देशवासियों की मिलकर की गई कोशिशें भारत को एक अग्रणी वैश्विक शक्ति बनाने में अहम योगदान दे सकती हैं। केंद्रीय मंत्री ने युवा भारतीयों की उद्यमशीलता की भावना की भी तारीफ़ की, खासकर उन स्टार्टअप संस्थापक जो चुनौतियों को स्वीकार कर रहे हैं, चुनौतियों का समाधान कर रहे हैं और नवाचार आधारित समाधान विकसित कर रहे हैं।

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