FIITJEE पर ED का बड़ा एक्शन: दिनेश गोयल और मोनिला गोयल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

खबर सार :-

FIITJEE मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने दिनेश कुमार गोयल और मोनिला गोयल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। एजेंसी ने 71.88 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त करने की मांग की। जांच में 32 केंद्र बंद होने और 14,411 छात्रों के प्रभावित होने का दावा किया गया।
FIITJEE मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED की चार्जशीट, 71.88 करोड़ की संपत्तियां जब्त करने की मांग

खबर विस्तार : -

गाजियाबाद: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के लखनऊ जोनल कार्यालय ने कोचिंग संस्थान FIITJEE लिमिटेड में छात्रों से वसूली गई फीस के कथित गबन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने कंपनी और उसके निदेशकों दिनेश कुमार गोयल तथा मोनिला गोयल के खिलाफ गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया है। शुक्रवार को जारी आधिकारिक बयान में इसकी जानकारी दी गई। ईडी ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करने के साथ जांच के दौरान जब्त और अस्थायी रूप से कुर्क की गई 71.88 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त करने का भी अनुरोध किया है।

चार एफआईआर के आधार पर शुरू हुई जांच

ईडी ने इस मामले में गुरुवार को आरोपपत्र दाखिल किया था। एजेंसी ने उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा तथा मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस द्वारा दर्ज चार एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी। इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के ऐसे प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए, जो भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 406, 420, 120बी और 34 के अनुरूप हैं। एफआईआर के अनुसार, FIITJEE ने जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिए दो से चार साल तक के कोचिंग कार्यक्रमों में छात्रों से अग्रिम फीस ली थी। 

आरोप है कि प्रत्येक छात्र से लगभग 2.8 लाख रुपये से 3.5 लाख रुपये तक वसूले गए। संस्थान की ओर से छात्रों को आश्वासन दिया गया था कि निर्धारित अवधि में उनके पाठ्यक्रम पूरे कराए जाएंगे। हालांकि, ईडी का आरोप है कि शिक्षकों को वेतन नहीं मिलने के कारण उन्होंने संस्थान छोड़ना शुरू कर दिया। इसके बाद कई कोचिंग केंद्र बिना पूर्व सूचना के अचानक बंद हो गए। इससे उन छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई, जिन्होंने पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए पहले ही पूरी या निर्धारित फीस जमा कर दी थी।

मई 2024 से फरवरी 2025 के बीच 32 केंद्र बंद होने का आरोप

ईडी की जांच के अनुसार, FIITJEE ने मई 2024 से फरवरी 2025 के बीच अचानक 32 कोचिंग केंद्र बंद कर दिए। एजेंसी का दावा है कि इन केंद्रों के बंद होने से संस्थान में नामांकित 14,411 छात्र प्रभावित हुए। इन विद्यार्थियों ने अपनी कोचिंग के लिए पहले ही फीस जमा कर दी थी। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि संस्थान का प्रबंधन छात्रों से प्राप्त फीस का इस्तेमाल निर्धारित शैक्षणिक सेवाएं उपलब्ध कराने के बजाय अन्य उद्देश्यों के लिए करता रहा। ईडी के मुताबिक, शिक्षकों के संस्थान छोड़ने और केंद्र बंद होने के बावजूद नए विद्यार्थियों के दाखिले जारी रखे गए। एजेंसी का यह भी दावा है कि नए छात्रों को ऐसे कार्यक्रमों में प्रवेश दिया गया, जिनमें कुछ पाठ्यक्रम मार्च 2029 तक चलने वाले थे। आरोप है कि दाखिले जारी रखते समय कंपनी को इस बात की जानकारी थी कि वह इन पाठ्यक्रमों को पूरा कराने में सक्षम नहीं होगी।

85.79 करोड़ रुपये की फीस का गबन

ईडी के मुताबिक, जांच के दौरान 85.79 करोड़ रुपये की ऐसी फीस की पहचान की गई, जिसे कथित तौर पर अपने पास रखकर उसका गबन किया गया। एजेंसी ने इस रकम को अपराध से अर्जित आय यानी प्रोसीड्स ऑफ क्राइम के रूप में चिह्नित किया है। मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच इसी कथित वित्तीय अनियमितता और फीस के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं पर केंद्रित है। जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया कि FIITJEE के निदेशक दिनेश कुमार गोयल और मोनिला गोयल को वित्त वर्ष 2022-23 से आगे की अवधि में वेतन के रूप में कुल 24.92 करोड़ रुपये मिले। ईडी इस वित्तीय लेनदेन और कथित अपराध से अर्जित आय से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।

नोएडा पुलिस भी दाखिल कर चुकी है आरोपपत्र

इस मामले में नोएडा पुलिस की ओर से भी आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। इसमें दिनेश कुमार गोयल और मोनिला गोयल को आरोपी बनाया गया है। पुलिस का आरोपपत्र लगभग 300 पीड़ितों, कोचिंग सेंटर संचालकों और अन्य गवाहों के बयानों के अलावा जांच के दौरान जुटाई गई फीस की रसीदों तथा अन्य साक्ष्यों पर आधारित बताया गया है। ईडी की कार्रवाई के बाद अब मामले में विशेष पीएमएलए अदालत के समक्ष कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। एजेंसी ने आरोपियों के खिलाफ अभियोजन और 71.88 करोड़ रुपये की जब्त एवं अस्थायी रूप से कुर्क संपत्तियों को जब्त करने की मांग की है। यह मामला उन हजारों छात्रों की शिक्षा और फीस से जुड़ा है, जिन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए FIITJEE में दाखिला लिया था। हालांकि, ईडी द्वारा लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा। आरोपपत्र दाखिल होना अपने आप में आरोपियों को दोषी ठहराया जाना नहीं है।

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