2031 तक जारी रहेगा राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम, दिव्यांगजन पेंशन के लिए 40 प्रतिशत बेंचमार्क तय
खबर सार :-
कैबिनेट ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को अगले 5 वर्षों तक जारी रखने को मंजूरी दी है। केंद्र सरकार ने योजना के लिए 53,428 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया है। कैबिनेट ने दिव्यांगजन पेंशन योजना के पात्रता मानदंड और सहायता राशि में संशोधन को मंजूरी दी है।
खबर विस्तार : -
नई दिल्ली: देश में राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम अगले पांच वर्षों तक जारी रहेगा। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में एनएसएपी को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने को मंजूरी दी गई। केंद्र सरकार ने योजना के लिए कुल 53,428 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया है। योजना के संबंध में कैबिनेट ने कई अन्य फैसले भी लिए हैं। इनमें योजना की विभिन्न उप-योजनाओं के नाम बदलने, दिव्यांगजन पेंशन योजना में पात्रता मानदंड और सहायता राशि में संशोधन करने और वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, पारिवारिक लाभ योजनाएं वर्तमान स्वरूप में जारी रखना शामिल है।
फैसले से 3.20 करोड़ लाभार्थियों को मिलेगा फायदा
केंद्र सरकार के इस निर्णय से देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 3.20 करोड़ लाभार्थियों को फायदा पहुंचेगा। ग्रामीण विकास विभाग योजना से संबंधित संशोधित दिशा निर्देश आगामी तीन माह में जारी करेगा। जिन्हें आगे चलकर लागू किया जाएगा। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का नाम 'प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना' किया जाएगा। इसके तहत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना का नाम प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना का नाम प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना का नाम प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना और राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना का नाम प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना किया जाएगा।
दिव्यांगजन पेंशन योजना के पात्रता मानदंडों में मिली राहत
कैबिनेट ने दिव्यांगजन पेंशन योजना में भी अहम बदलाव को हरी झंडी दी है। बदलाव के तहत 0 से 79 वर्ष तक के दिव्यांग लाभार्थियों को हर माह 375 रुपए और 80 वर्ष व उससे अधिक आयु के लाभार्थियों को हर माह 625 रुपए सहायता राशि दी जाएगी। कैबिनेट ने दिव्यांगजन पेंशन योजना के पात्रता मानदंडों में भी राहत प्रदान की है। अभी दिव्यांगजन पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए 80 प्रतिशत दिव्यांगता का मानदंड निर्धारित किया गया था। जिसे कम कर अब 40 प्रतिशत दिव्यांगता मानदंड तय कर दिया गया है। इसके साथ ही दिव्यांग पेंशन के लिए न्यूनतम आयु की शर्त भी समाप्त कर दी गई है। नए मानदंड के तहत अब जन्म से दिव्यांग व्यक्ति भी योजना के लिए पात्र होंगे। इन बदलावों के बीच सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वृद्धावस्था पेंशन योजना, विधवा पेंशन योजना और परिवार लाभ योजना मौजूदा स्वरूप में ही जारी रहेगी। इन तीनों योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को पहले की तरह सहायता मिलती रहेगी।
1995 में हुई थी राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम की शुरुआत
कैबिनेट ने कहा कि राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम की शुरुआत 15 अगस्त 1995 को हुई थी। इसका मकसद संविधान के अनुच्छेद 41 में निहित राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सामाजिक सुरक्षा देना था। सेंट्रल गवर्नमेंट की इस योजना के अंतर्गत 100 प्रतिशत केंद्रीय सहायता दी जाती है। जिससे देशभर में पात्र लाभार्थियों को समान रूप से सहायता मिल सके। सरकार के अनुसार, दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 के लागू होने के बाद दिव्यांग पेंशन की पात्रता को 'बेंचमार्क दिव्यांगता' यानी 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता से जोड़ना जरूरी हो गया था। इस नियम में यह भी प्रावधान किया गया है कि दिव्यांगजनों को मिलने वाली सहायता समान श्रेणी की अन्य योजनाओं की तुलना में कम से कम 25 प्रतिशत अधिक होनी चाहिए। इस व्यवस्था का ख्याल करते रखते हुए इसको मंजूरी दी गई है।
ये भी पढ़ें- एफएसयूआई ने लिखा पीएम मोदी को पत्र, गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय नाविकों को शामिल करने की मांग
अन्य प्रमुख खबरें
-
Air India फ्लाइट से मिला हाईजैक अलर्ट, जयपुर में हुई इमरजेंसी लैंडिंग
2026-10-14
-
एफएसयूआई की भारतीय नाविकों को रिपब्लिक डे परेड में शामिल करने की मांग
2026-10-14
-
पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजे गए CJP नेता सौरव-आशुतो
2026-10-14
-
Vaishali : जिनको कभी उदास नहीं देखा, आज फूट-फूटकर रोए, गंगा में जब डूबी नाव...
2026-10-14
-
डीआरडीओ ने सुरक्षित संचार की दिशा में हासिल की अहम सफलता
2026-10-14
-
बिहार नाव हादसाः एक साथ 13 मासूमों की अर्थियां उठीं तो रो पड़ा पूरा गांव
2026-10-14
-
Bihar के राघोपुर में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत, वैशाली जिले के अफसर भी दौ़ड़े
2026-10-14
-
भारतीय नौसेना में शामिल होगा स्वदेशी युद्धपोत ‘समर्थक’
2026-10-13
-
World Standards Day: गुणवत्ता और सुरक्षा का ध्यान रखना बेहद जरूरी
2026-10-13
-
भारत-चेक रक्षा सहयोग मजबूत करने पर राजनाथ सिंह की अहम वार्ता
2026-10-13
-
पीएम मोदी का मंत्र: डिजिटल ताकत से सबका सशक्तिकरण
2026-10-13
-
आशुतोष रांका और सौरव दास को पुलिस ने फिर हिरासत में लिया
2026-10-13
-
Rahul Gandhi पहले आरोप लगाते हैं फिर माफी मांगते हैं, Anurag Thakur ने कहा खुद पर भी नियंत्रण नहीं
2026-10-12
-
सुप्रीम कोर्ट ने फॉर्म 6 और राजनीतिक खींचतान पर स्पष्ट की स्थिति
2026-10-12
-
दिल्ली बॉर्डर पर गौतमबुद्धनगर पुलिस का सघन चेकिंग अभियान
2026-10-12