नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस ने सौंपे नोटिस से जुड़े दस्तावेज, 28 अक्टूबर को अगली सुनवाई

खबर सार :-

आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस ने शांति भंग संबंधी नोटिस के दस्तावेज सौंपे। एसईएम कोर्ट में 28 अक्टूबर को जवाब दाखिल होगा।
नेहा बोरा को पुलिस ने सौंपे दस्तावेज, 28 अक्टूबर को अगली सुनवाई

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस ने शांति भंग की आशंका से जुड़े मामले में कारण बताओ नोटिस के आधार बने दस्तावेजों की प्रतियां सौंप दी हैं। शनिवार को नेहा बोरा मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन से संबंधित स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (एसईएम) कोर्ट पहुंचीं, जहां सुनवाई के दौरान उन्हें ये दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। अब इस मामले में अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी। इसी दिन उन्हें नोटिस का औपचारिक जवाब भी दाखिल करना होगा। यह मामला भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के प्रावधानों के तहत शुरू की गई कार्रवाई से संबंधित है। एसईएम कोर्ट ने नेहा बोरा को नोटिस जारी कर पूछा था कि शांति बनाए रखने के लिए उन्हें व्यक्तिगत बॉन्ड भरने का निर्देश क्यों न दिया जाए। पुलिस की ओर से उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के आधार पर अब उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा।

10 हजार रुपये के निजी बॉन्ड का मामला

नेहा बोरा को 17 अक्टूबर को एसईएम की ओर से नोटिस जारी किया गया था। इसमें शांति बनाए रखने के लिए 10 हजार रुपये का निजी बॉन्ड भरने और एक जमानतदार प्रस्तुत करने के संबंध में जवाब मांगा गया था। यह कार्रवाई शांति भंग होने की आशंका के आधार पर शुरू की गई थी। शनिवार को हुई सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने उन दस्तावेजों की प्रतियां उपलब्ध कराईं, जिनका इस्तेमाल नोटिस जारी करने के आधार के रूप में किया गया था। इन दस्तावेजों के मिलने के बाद नेहा बोरा को आगामी सुनवाई में अपना पक्ष रखने के लिए निर्धारित समय दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को तय की गई है।

तिरंगा असेंबली प्रदर्शन से जुड़ा है मामला

यह पूरा मामला 16 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित 'तिरंगा असेंबली' प्रदर्शन से संबंधित है। प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। इसी दौरान दिल्ली पुलिस ने नेहा बोरा समेत कई लोगों को हिरासत में लिया था। प्रस्तावित प्रदर्शन को नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) से अनुमति नहीं मिली थी। इसके बाद पुलिस की ओर से शांति भंग की आशंका के आधार पर कार्रवाई शुरू की गई। इसी क्रम में नेहा बोरा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया कि शांति बनाए रखने के लिए निजी बॉन्ड भरने का निर्देश क्यों न दिया जाए।

दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी नोटिस को

एसईएम कोर्ट की ओर से जारी नोटिस के खिलाफ नेहा बोरा ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था। उन्होंने याचिका दाखिल कर इस कार्रवाई को चुनौती दी। हालांकि, 23 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने संबंधित कार्यवाही में इस्तेमाल किए गए दस्तावेज नेहा बोरा को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। अदालत के निर्देश के बाद शनिवार को एसईएम कोर्ट में सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें दस्तावेजों की प्रतियां सौंप दीं। दस्तावेज उपलब्ध कराए जाने का उद्देश्य संबंधित पक्ष को नोटिस के आधारों की जानकारी देना और अपना जवाब प्रस्तुत करने का अवसर उपलब्ध कराना है। अब नेहा बोरा इन दस्तावेजों के आधार पर अपना पक्ष रख सकेंगी।

अंतिम आदेश से पहले तथ्यों पर विचार करने का निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने एसईएम को यह भी निर्देश दिया था कि मामले में कोई अंतिम आदेश पारित करने से पहले सभी तथ्यों और उपलब्ध सामग्री पर सावधानीपूर्वक विचार किया जाए। इस निर्देश के तहत मामले से संबंधित दस्तावेजों और पक्षकारों के जवाब पर विचार किया जाना है। अब 28 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसी दिन नेहा बोरा को कारण बताओ नोटिस का औपचारिक जवाब दाखिल करना होगा। 

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