28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकराएगा तूफान ‘अर्नब’, कई राज्यों में होगी बारिश; बचाव टीमें तैयार

खबर सार :-

मौसम विभाग ने चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका जताई है। इसके असर से तमिलनाडु, ओडिशा व छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में बारिश की संभावना है।
तूफान ‘अर्नब’ का कई राज्यों में असर, सरकार ने की तैयारियों की समीक्षा

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के 28 अक्टूबर को 'अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान' के रूप में आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका के बीच, केंद्र सरकार ने सोमवार को तैयारियों की समीक्षा की। सरकार ने प्रभावित राज्यों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि जान-माल का नुकसान कम से कम हो।

कैबिनेट सचिव टी. वी. सोमनाथन की अध्यक्षता में 'नेशनल क्राइसिस मैनेजमेंट कमिटी' (NCMC) की एक बैठक हुई, जिसमें चक्रवात से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों की तैयारियों का जायजा लिया गया। कैबिनेट सचिव ने जोर देकर कहा कि मुख्य लक्ष्य यह होना चाहिए कि किसी की जान न जाए और संपत्ति तथा बुनियादी ढांचे को कम से कम नुकसान पहुंचे। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि यदि कोई नुकसान होता है, तो जरूरी सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल किया जाए।

बंगाल की खाड़ी में बना एक 'डीप डिप्रेशन'

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के महानिदेशक ने समिति को बताया कि पूर्वी-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बना एक 'डीप डिप्रेशन' (गहरा दबाव क्षेत्र) पश्चिम की ओर बढ़ते हुए 'अर्नब' नामक चक्रवाती तूफान में बदल गया है। सोमवार सुबह 5:30 बजे तक, यह तूफान पूर्वी-मध्य और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित था। उस समय, यह श्री विजयपुरम (अंडमान द्वीप समूह) से लगभग 590 किमी उत्तर-पश्चिम में, विशाखापत्तनम से 650 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व में, काकीनाडा से 730 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व में, मछलीपट्टनम से 830 किमी पूर्व में और बापटला से 910 किमी पूर्व में स्थित था।

28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकराएगा तूफान

मौसम विभाग के अनुसार, इस तूफान के 27 अक्टूबर तक पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीद है, जिसके बाद यह उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर मुड़कर आंध्र प्रदेश के तट की तरफ बढ़ेगा। 28 अक्टूबर की सुबह तक एक 'अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान' के रूप में इसके आंध्र प्रदेश के तट (बापटला और विशाखापत्तनम के बीच) के तट को पार करने का अनुमान है। इस दौरान, हवा की अधिकतम गति 115 से 125 किमी प्रति घंटा रहने की संभावना है, जबकि हवा के झोंके 140 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं।

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तेलंगाना समेत कई जिलों में भी तूफान के आसार

आंध्र प्रदेश के अलावा, इस तूफान का असर तेलंगाना, दक्षिणी ओडिशा, दक्षिणी और मध्य छत्तीसगढ़, तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों पर पड़ने की संभावना है। इन क्षेत्रों में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए कैबिनेट सचिव ने गृह मंत्रालय और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) को निर्देश दिया है कि वे पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रशासन को समय रहते सतर्क कर दें। बैठक के दौरान, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के मुख्य सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों ने अपनी तैयारियों के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि पर्याप्त राहत शिविर और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने (इवैक्यूएशन) के इंतजाम कर लिए गए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है। सभी जिलों में कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

मछुआरों को समुद्र तटों से दूर रहने की सलाह

मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे 26 से 29 अक्टूबर के बीच समुद्र में खासकर दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे मध्य बंगाल की खाड़ी, तथा आंध्र प्रदेश, ओडिशा और यनम के तटीय इलाकों में न जाएं। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि जो मछुआरे समुद्र में थे, वे वापस लौट आए हैं। NDRF ने समिति को बताया कि उनकी टीमों को तैनात कर दिया गया है और कुछ अतिरिक्त टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है। 

आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार

सेना, नौसेना, वायु सेना और भारतीय तटरक्षक बल (इंडियन कोस्ट गार्ड) की जहाजों और विमानों से लैस राहत और बचाव टीमें किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। भारतीय तटरक्षक बल ने कई जहाजों और नावों को सुरक्षित रूप से बंदरगाहों और तट तक पहुंचा दिया है, और अन्य को भी तट पर वापस लौटने के लिए सतर्क कर दिया है। केंद्रीय गृह सचिव ने बताया कि गृह मंत्रालय, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं और संबंधित मंत्रालयों, राज्य सरकारों तथा अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय बनाए हुए हैं। बैठक के दौरान संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों ने बताया कि मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOP) लागू हैं, आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं और तूफान से होने वाले संभावित नुकसान को कम करने के लिए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।

FAQ

1- अर्नब तूफान क्या है?

यह चक्रवाती तूफान बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य और उससे सटे पश्चिम-मध्य हिस्सों से उठा है। शुरुआत में यह एक गहरा दबाव (डीप डिप्रेशन) था, जो बाद में तीव्र होकर एक चक्रवाती तूफान में बदल गया।

2- अर्नब तूफान का असर किन राज्यों में दिखेगा?

चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका है और इसके असर से तमिलनाडु, ओडिशा, बंगाल, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश की संभावना है।

3- तूफान से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?

तूफान से संभावित खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने सोमवार को तैयारियों की समीक्षा की और राज्यों को जरूरी निर्देश दिए हैं।

 

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